सरकार ने नहीं हटाया अफॉर्डेबिलिटी क्लॉज, मई में करेंगे बात
Updated at : 02 Mar 2019 12:31 AM (IST)
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बोकारो : सरकार ने अफॉर्डेबिलिटी क्लॉज नहीं हटाया है. इसलिए वेज रिवीजन पर बात अब मई में होगी. यह बात सेल प्रबंधन ने शुक्रवार को नयी दिल्ली में वेज रिवीजन को लेकर एनजेसीएस की पहली बैठक में कही. बैठक में सेल प्रबंधन की ओर से कहा गया : अप्रैल 2018 में सेल का प्रॉफिट डिक्लियर […]
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बोकारो : सरकार ने अफॉर्डेबिलिटी क्लॉज नहीं हटाया है. इसलिए वेज रिवीजन पर बात अब मई में होगी. यह बात सेल प्रबंधन ने शुक्रवार को नयी दिल्ली में वेज रिवीजन को लेकर एनजेसीएस की पहली बैठक में कही. बैठक में सेल प्रबंधन की ओर से कहा गया : अप्रैल 2018 में सेल का प्रॉफिट डिक्लियर होगा, उसके बाद वेज रिवीजन को लेकर एनजेसीएस की बैठक मई में होगी. बैठक की तिथि की घोषणा बाद में की जायेगी. सरकार ने अफॉर्डेबिलिटी क्लॉज को लेकर कोई कदम नहीं उठाया.
डायरेक्टर पर्सनल अतुल श्रीवास्तव बने कन्वेयर : बैठक में डायरेक्टर पर्सनल सेल अतुल श्रीवास्तव को एनजेसीएस का कन्वेयर बनाया गया. बैठक में पांचों मान्यता प्राप्त यूनियन इंटक, सीटू, एटक, एचएमएस व बीएमएस के प्रतिनिधि शामिल थे. यूनियन के नेताओं ने सेल में अनुकंपा के आधार पर नौकरी, लाइसेंस क्वार्टर में प्रति वर्ष 10 प्रतिशत किराया वृद्धि, बेतिया प्रोसिंग यूनिट के मजदूरों को नियमित करने सहित कई मांगों को प्रबंधन के समक्ष रखा. प्रबंधन की ओर से सभी समस्याओं पर विचार विमर्श करने का आश्वासन दिया गया.
मई 2019 तक के लिए टल गया वेज रिवीजन : कर्मियों का वेज रिवीजन 01 जनवरी 2017 से लंबित है. इससे बीएसएल के लगभग 13 हजार सहित सेल के 80 हजार कर्मी प्रभावित है. वेज रिवीजन को लेकर एनजेसीएस की अंतिम बैठक वर्ष 2016 में हुई थी. उसके बाद दो साल तक कोई बैठक नहीं हुई. शुक्रवार को बैठक तो हुई, मगर कोई परिणाम नहीं निकला. वेज रिवीजन का मामला एक फिर मई 2019 तक के लिए टल गया. शुक्रवार की होने वाली बैठक की ओर से कर्मी टकटकी लगाये बैठे थे.
पांच वर्ष के लिए रिवीजन की मांग कर रही है यूनियन : वेज रिवीजन को लेकर पांचों यूनियन ने पांच वर्ष के लिए एक साथ रिवीजन करने की डिमांड कर रही है. उधर, डायरेक्टोरेट ऑफ पब्लिक इंटरप्राइजेस (डीपीइ) के गाइड लाइन के अनुसार, रिवीजन 10 वर्ष के लिए करना है. इसमें अफॉर्डेबिलिटी क्लॉज लगाया गया है.
मतलब, अगर कंपनी लगातार तीन साल तक घाटे में रहती है, तो वेज रिवीजन नहीं होगा. डीपीइ के अफॉर्डेबिलिटी क्लॉज को हटाने की डिमांड करते हुए यूनियन पांच वर्ष के लिए वेज रिवीजन करने की मांग कर रही है.
2017-18 में के चौथी तिमाही में बजट का प्रावधान हटा : वेज रिवीजन एक जनवरी 2017 से लंबित है. इसके लिए सेल ने वित्तीय वर्ष 2017-18 में बजट प्रावधान किया था.
पहले तीन तिमाही तक तो प्रबंधन वेज रिवीजन के लिए लगने वाली राशि का बजट प्रावधान करता रहा, ताकि वेज रिवीजन के लागू होने पर एरियर का भुगतान किया जा सके. लेकिन, प्रबंधन ने ऐन वक्त पर चौथी तिमाही में उस प्रावधान को हटा लिया था. उसी समय तय हो गया था कि वेज रिवीजन के लिए कर्मियों को इंतजार करना पड़ सकता है.
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