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चास : याद किये गये सुभाष चंद्र बोस, जगह-जगह कार्यक्रम का आयोजन

Updated at : 24 Jan 2019 7:10 AM (IST)
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चास : याद किये गये सुभाष चंद्र बोस, जगह-जगह कार्यक्रम का आयोजन

चास : चेकपोस्ट स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस चौक पर बुधवार को नेताजी जयंती सह वनांचल महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया. उद्घाटन पूर्व विधायक समरेश सिंह ने नेताजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया. श्री सिंह ने कहा कि नेताजी ने आजादी तो दिला दी, किंतु यह आजादी नेताजी के मन मुताबिक नहीं है. […]

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चास : चेकपोस्ट स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस चौक पर बुधवार को नेताजी जयंती सह वनांचल महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया. उद्घाटन पूर्व विधायक समरेश सिंह ने नेताजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया. श्री सिंह ने कहा कि नेताजी ने आजादी तो दिला दी, किंतु यह आजादी नेताजी के मन मुताबिक नहीं है.

वह नहीं चाहते थे कि देश में महंगाई, भ्रष्टाचार व अशिक्षा रहें. लेकिन आज यही सब चरम पर है. आम जनता इससे त्रस्त है. इसलिये सही मायने में स्वतंत्रता पाने के लिये हमें एक बार फिर उठना होगा और लड़ाई लड़नी होगी.
उन्होंने कहा कि देश तभी सही मायने में स्वतंत्र होगा व देश समृद्ध होगा, जब सभी को लोग सामान अधिकार मिलेगा. कांग्रेस नेत्री डॉ परिंदा सिंह ने कहा कि देश को स्वतंत्रता हमारे वीर सेनानियों के अतुलनीय बलिदान से मिली है. नेताजी ने अपना पूरा जीवन संघर्ष किया और एक आजाद देश की कल्पना की थी. आज समय आ गया है कि हमें भी नेताजी की तरह सोच रखनी होगी. तभी देश व देश के लोगों का विकास संभव है.
ये थे मौजूद
जवाहरलाल महथा, जुबिल अहमद, लालमोहन लायक, अशोक प्रमाणिक, दिनेश पाल, अमर स्वर्णकार, जयदेव दत्ता, अर्जुन आचार्य, प्रदीप स्वर्णकार, प्रो आरडी उपाध्याय, राधानाथ राय, लालमोहन शर्मा, अनिल सिंह, संजय सिंह, हाजी मलिक, सुरजीत मोदी, तुलसी मोदी, मो जलाल, मो हसन, चित्तो मोदक, जलेश्वर महतो, विपद मोदक, रीना सिंह, समर महतो, मेथर डे, गुरुदास मोदक, उषा सिन्हा, सीमा सिंह, वीना कुमारी, अर्चना राय, प्रेमलता कुमारी, सविता सिंह आदि मौजूद थे.
नेता जी को राष्ट्र कभी नहीं भूल सकता : अमर
चंदनकियारी # चंदनकियारी स्थित सुभाष चौक पर बुधवार को सुभाष चंद्र बोस की जयंती मनायी गयी. मंत्री अमर बाउरी व पूर्व विधायक समरेश सिंह ने माल्यार्पण किया. मंत्री अमर कुमार बाउरी ने कहा कुछ मौकापरस्त लोगों की वजह से उन्हें देश त्याग कर आजादी की लड़ाई लड़नी पड़ी. ऐसे ओजश्वी ओर चमत्कारी व्यक्तित्व के धनी नेताजी की कमी आज हमारे बीच नहीं खलती, अगर उनके रहस्य को छुपाया नहीं जाता.
तत्कालीन सरकारों ने अपनी निजी स्वार्थों के लिए उनके व्यक्तित्व को लोगों के समक्ष उजागर नहीं किया. नेताजी द्वारा देखा गया समृद्धशाली ओर वैभवशाली भारत निर्माण का सपना प्रधानमंत्री पूरा करेंगे. कहा कि राष्ट्र उन्हें कभी नहीं भूल सकता.
समरेश सिंह ने कहा कि नेताजी का झारखंड के साथ पुराना नाता रहा है. रामगढ़ अधिवेशन में उन्हें कांग्रेस का अध्यक्ष चुना गया था. इसके पहले कांग्रेस में अध्यक्ष के लिए चुनाव नहीं होता था. चुनाव के लिए उन्होंने बगावत किया था, जिसे पार्टी को मानना पड़ा था. उनके द्वारा बनाए गए आजाद हिंद फौज के करण देश को सैनिक शक्ति मिली थी. जब देश गुलाम था, उस समय उन्होंने सोचा देश में रहकर आजादी की लड़ाई नहीं लड़ी जा सकती. इसलिए वे देश का त्याग कर धनबाद के गोमो होते हुए विदेश चल गए. देश उनके योगदान को कभी नहीं भुला सकता.
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