बोकारो : ठगी मामले में सेवानिवृत्त बीएसएल अधिकारी व उसका पुत्र गया जेल
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :09 Dec 2018 10:27 AM (IST)
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स्वयंभू विस्थापित नेता राजेंद्र महतो के साथ मिलकर तैयार करते थे नौकरी का फर्जी दस्तावेज बोकारो : बीएसएल और रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर दर्जनों बेरोजगार युवकों से करोड़ों की ठगी करने वाले दो अभियुक्तों को पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार अभियुक्तों में सेक्टर नौ डी, स्ट्रीट संख्या 35, आवास […]
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स्वयंभू विस्थापित नेता राजेंद्र महतो के साथ मिलकर तैयार करते थे नौकरी का फर्जी दस्तावेज
बोकारो : बीएसएल और रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर दर्जनों बेरोजगार युवकों से करोड़ों की ठगी करने वाले दो अभियुक्तों को पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार अभियुक्तों में सेक्टर नौ डी, स्ट्रीट संख्या 35, आवास संख्या 448 निवासी बोकारो इस्पात संयंत्र के एचआरडी विभाग के सेवानिवृत्त डीजीएम नवीन कुमार सिंह और उनके पुत्र लव कुमार शामिल हैं. दोनों को शनिवार को न्यायिक हिरासत में चास जेल भेज दिया गया.
फर्जी कागजात तैयार करते थे पिता-पुत्र : अभियुक्तों की गिरफ्तारी के बाद बीएस सिटी थाना परिसर में थानेदार सह इंस्पेक्टर मदन मोहन प्रसाद सिन्हा ने बताया : दोनों पिता-पुत्र ठगी के मामले में हाल ही में जेल गये सेक्टर नौ निवासी स्वयंभू विस्थापित नेता राजेंद्र महतो के साथ काम करते थे.
राजेंद्र महतो के इशारे पर ठगी के शिकार हुए बेरोजगार युवकों का आवेदन पत्र, नियुक्ति पत्र, मेडिकल आदि का कागजात सेवानिवृत्त डीजीएम नवीन कुमार सिंह और उनके पुत्र लव कुमार तैयार करते थे. गिरफ्तारी के बाद लव कुमार ने पुलिस के समक्ष दिये स्वीकारोक्ति बयान में बताया है कि उसके पिता नवीन कुमार सिंह दो वर्ष पूर्व बीएसएल से सेवानिवृत्त हुए हैं.
नौकरी के दौरान सेक्टर एक सी में रहते थे डीजीएम : लव के पिता जब बोकारो इस्पात संयंत्र में काम करते थे. उस दौरान उन्हें सेक्टर एक सी आवास संख्या 295 आवंटित था.
उक्त आवास में लव कुमार अपने पूरे परिवार के साथ रहता था. पिता जब रिटायर हुए तो सेक्टर एक सी का आवास खाली कर पूरा परिवार सेक्टर नौ डी, स्ट्रीट संख्या 35 स्थित आवास में चला गया. लव कुमार नौकरी की तलाश में था. इसी दौरान उसकी जान पहचान स्वयंभू विस्थापित नेता राजेंद्र महतो से हुई. राजेंद्र महतो ने लव कुमार को कुछ दिनों के लिए एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम दिलवा दिया.
पैसे के लालच में फर्जी कागजात बनाता था : राजेंद्र ने लव को बताया कि वह बीएसएल और रेलवे में नौकरी लगवाने का भी काम करता है.
लव और उसके पिता अगर नौकरी के लिए आये युवकों का कागजात तैयार करेंगे तो उन्हें अच्छा खासा फायदा होगा. पैसे के लालच में लव कुमार और उसके पिता राजेंद्र महतो के इशारे पर बेरोजगार युवकों को ठगी करने के गिरोह में शामिल हो गये. राजेंद्र महतो दिल्ली, बंगाल, बिहार और झारखंड में अपना कई एजेंट रखे हुए है, जो युवकों को सेल और रेलवे में नौकरी लगाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी कर रहा है.
गिरोह का मुख्य सरगना है राजेंद्र महतो
राजेंद्र महतो ठगी के गिरोह का मुख्य सरगना है. नौकरी के लिए आये बेरोजगार युवकों से बातचीत कर उनसे राजेंद्र महतो ही पैसा लेता है.
पैसा लेने के बाद लव कुमार और उसके पिता युवकों का नौकरी के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करते थे. ठगी के इस मामले में पुलिस आसनसोल के वर्धमान निवासी शिव चंद्र उर्फ प्रकाश पासवान की भी गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है. शिव चंद्र बंगाल के कई युवकों को नौकरी लगाने का झांसा देकर राजेंद्र महतो से मिलवा कर लाखों रुपये की ठगी कर चुका है.
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