वर्तमान में साहित्य के महत्व और उपयोगिता पर हुई मंत्रणा
Updated at : 07 Nov 2018 5:56 AM (IST)
विज्ञापन

बोकारो : साहित्यिक संस्था ‘साहित्यलोक’ की ओर से सेक्टर 5 में मंगलवार को साहित्यकार सतीश चंद्र झा के आवास पर साहित्यिक परिचर्चा का आयोजन किया गया. मैथिली के सुप्रसिद्ध गीतकार व कवि डॉ चंद्रमणि झा ने अध्यक्षता की. साहित्यलोक के संस्थापक महासचिव तुलानन्द मिश्र ने संचालन किया. कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार बुद्धिनाथ झा, अमीरी नाथ […]
विज्ञापन
बोकारो : साहित्यिक संस्था ‘साहित्यलोक’ की ओर से सेक्टर 5 में मंगलवार को साहित्यकार सतीश चंद्र झा के आवास पर साहित्यिक परिचर्चा का आयोजन किया गया. मैथिली के सुप्रसिद्ध गीतकार व कवि डॉ चंद्रमणि झा ने अध्यक्षता की. साहित्यलोक के संस्थापक महासचिव तुलानन्द मिश्र ने संचालन किया.
कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार बुद्धिनाथ झा, अमीरी नाथ झा ‘अमर’, डॉ राम नारायण सिंह, हरि मोहन झा, राम नारायण उपाध्याय, राजीव कंठ, अरुण पाठक, उषा झा, डॉ रंजना श्रीवास्तव, अमन कुमार झा, सुनील मोहन ठाकुर सहित मिथिला सांस्कृतिक परिषद् के महासचिव राजेंद्र कुमार व अधिवक्ता विश्वनाथ झा ने शिरकत की. साहित्यकारों ने साहित्य की विविध विधाओं पर चर्चा की.
बदलते समय में साहित्य की उपयोगिता व महत्व पर प्रकाश डाला. बुद्विनाथ झा व तुलानंद मिश्र ने साहित्यलोक की स्थापना से लेकर अभी तक के सफर की जानकारी दी. डॉ चंद्रमणि ने कहा कि ‘साहित्यलोक’ नयी पीढ़ी में जो साहित्यिक अलख जगाने में लगी है, वह बहुत ही प्रशंसनीय व अनुकरणीय है. लगभग ढ़ाई दशक से साहित्यलोक निरंतर इस दिशा में प्रयासरत है. यह अन्य शहरों के साहित्यकारों के लिए भी प्रेरक है. डॉ चंद्रमणि ने अपने कुछ चर्चित गीत व काव्य रचनाओं का पाठ कर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया. धन्यवाद ज्ञापन साहित्यलोक के संयोजक अमन कुमार झा ने किया.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




