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जानलेवा हमला करने वाले सात मुजरिमों को 10-10 वर्ष की कैद

Updated at : 26 Jun 2018 7:35 AM (IST)
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जानलेवा हमला करने वाले सात मुजरिमों को 10-10 वर्ष की कैद

बोकारो : स्थानीय न्यायालय के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय जनार्दन सिंह की अदालत ने जानलेवा हमला के एक मामले में सात मुजरिमों को 10-10 वर्ष सश्रम कारावास और जुर्माना की सजा सुनायी है. मुजरिमों में चंदनकियारी थाना क्षेत्र के खेड़ाबेड़ा निवासी साधन गोप (50 वर्ष), अनिल गोप (75 वर्ष), दुलाल गोप (55 वर्ष), […]

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बोकारो : स्थानीय न्यायालय के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय जनार्दन सिंह की अदालत ने जानलेवा हमला के एक मामले में सात मुजरिमों को 10-10 वर्ष सश्रम कारावास और जुर्माना की सजा सुनायी है. मुजरिमों में चंदनकियारी थाना क्षेत्र के खेड़ाबेड़ा निवासी साधन गोप (50 वर्ष), अनिल गोप (75 वर्ष), दुलाल गोप (55 वर्ष), सुबल गोप (50 वर्ष), बिनोद गोप (27 वर्ष), प्रदीप गोप (23 वर्ष) और विकास गोप (24 वर्ष) शामिल हैं.
इन्हें विभिन्न धाराओं के तहत तीन वर्ष, छह माह और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा भी दी गयी है. जुर्माना नहीं देने पर छह-छह माह अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा होगी. सरकार के तरफ से इस मामले में अपर लोक अभियोजक राकेश कुमार राय ने अदालत में साक्ष्य व गवाह प्रस्तुत किये. घटना की प्राथमिकी खेड़बेड़ा निवासी सुनील गोप के आवेदन पर दर्ज की गयी थी. सुनील गोप का मवेशी अभियुक्तों के खलिहान में जाकर कुछ अनाज खा गया था.
18 अप्रैल 2014 को उन लोगों ने सुनील गोप पर लाठी-डंडा और कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला कर दिया. हल्ला सुन कर सुनील का पुत्र जगदीश गोप और पुत्र वधु सरस्वती देवी बचाने आये तो अभियुक्तों ने उनके साथ भी मारपीट की थी. इस घटना में सुनील गोप और जगदीश गोप गंभीर रूप से जख्मी हो गये थे.
किशोरी के अपहरण में सात वर्ष सश्रम कारावास
बोकारो : चास के बभनिया गली निवासी एक किशोरी के अपहरण के मामले में चास के बभनिया गली निवासी राज कुमार बाउड़ी को स्थानीय न्यायालय ने सोमवार को सात वर्ष सश्रम कारावास की सजा दी है. युवक को दस हजार रुपये जुर्माना की सजा भी दी गयी है. जुर्माना नहीं देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास होगा. मुजरिम द्वारा जमा की गयी जुर्माना की राशि पीड़िता को दी जायेगी. मुजरिम को सजा अपर जिला व सत्र न्यायाधीश द्वितीय जनार्दन सिंह ने सुनायी है.
अदालत में यह मामला सेशन ट्रायल संख्या 296/15 व चास थाना कांड संख्या 78/15 के तहत चल रहा था. सरकार की तरफ से इस मामले में विशेष लोक अभियोजक राकेश कुमार राय ने अदालत में पीड़िता का पक्ष रखा. किशोरी के पिता ने यह मामला स्थानीय थाना में दर्ज कराया था.
क्या है मामला : राज कुमार बाउरी की किशोरी से पूर्व से जान-पहचान थी. 23 फरवरी 2015 को राजकुमार टेंपो लेकर बभनिया गली आया. उसने किशोरी को फोन कर बुलाया. राजकुमार ने किशोरी को उसकी कुछ अश्लील तस्वीर दिखायी. यह देख कर किशोरी रोने लगी. राजकुमार ने किशोरी को आंसू पोछने के लिए रूमाल दिया.
रूमाल में पहले से राजकुमार ने बेहोशी का दवा मिला दी थी. आंसू पोछने के दौरान ही किशोरी बेहोश हो गयी. जब उसकी नींद खुली तो वह रांची में थी. राजकुमार ने रांची में एक किराये का मकान लेकर किशोरी को 10 दिनों तक अपने साथ रखा. इस दौरान राजकुमार ने किशोरी को जबरन साड़ी पहना कर और सिंदूर लगाकर फोटो खिंचवाया. पुलिस दबाव के कारण राज कुमार दस दिनों के बाद किशोरी को बोकारो लाकर छोड़ दिया.
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