झारखंड की बेटी निकिता ने कर दिया कमाल, बनीं मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 की नेशनल फाइनलिस्ट

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बोकारो जिले के टीटीपीएस ललपनिया की बेटी निकिता. फोटो: प्रभात खबर

Bokaro News: झारखंड के बोकारो जिले के टीटीपीएस ललपनिया की बेटी निकिता मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 की आधिकारिक नेशनल फाइनलिस्ट बनी हैं. इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद उन्होंने मॉडलिंग को करियर चुना. मिस झारखंड और मिस बिहार में भी अपनी प्रतिभा दिखा चुकी निकिता समाजसेवा और शिक्षा के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

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ललपनिया से रामदुलार पंडा की रिपोर्ट

Bokaro News: बोकारो जिले के टीटीपीएस ललपनिया की बेटी कुमारी निकिता ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परचम लहराते हुए मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 की आधिकारिक राष्ट्रीय प्रतिभागी बनने का गौरव हासिल किया है. इस उपलब्धि से न केवल ललपनिया बल्कि पूरे बोकारो जिले और झारखंड का नाम रोशन हुआ है. निकिता के पिता लक्ष्मण कुमार टीटीपीएस में सहायक अभियंता के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी मां वंदना कुमारी गृहिणी हैं. छोटा भाई भी इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है.

2016 में पास की थी मैट्रिक की परीक्षा

एक साधारण परिवार से निकलकर राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने वाली निकिता की सफलता की कहानी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है. निकिता ने वर्ष 2016 में डीएवी पब्लिक स्कूल, ललपनिया से मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण की. इसके बाद वर्ष 2019 में बिहार बोर्ड से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की. उच्च शिक्षा के प्रति समर्पण दिखाते हुए उन्होंने वर्ष 2023 में इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की. पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हें नौकरी का अवसर भी मिला, लेकिन फैशन और मॉडलिंग के प्रति उनका जुनून इतना प्रबल था कि उन्होंने नौकरी छोड़ अपने सपनों को उड़ान देने का निर्णय लिया.

फ्रेशर्स डे से शुरू हुआ सफर

निकिता ने बताया कि मॉडलिंग और फैशन की दुनिया में आने की प्रेरणा उन्हें कॉलेज जीवन के दौरान मिली. कॉलेज में आयोजित पहले फ्रेशर्स कार्यक्रम में सभी विद्यार्थियों के लिए रैंप वॉक करना अनिवार्य था. निकिता ने भी इसमें भाग लिया और तीसरा स्थान प्राप्त किया. कार्यक्रम के बाद विजेता प्रतिभागी ने अपना क्राउन पहनकर उनके साथ तस्वीर खिंचवाने का प्रस्ताव दिया. उसी क्षण निकिता ने मन ही मन तय कर लिया कि उन्हें इसी क्षेत्र में आगे बढ़ना है और एक दिन स्वयं ताज पहनकर मंच पर खड़ा होना है.

पहले भी कई प्रतियोगिताओं में दिखा चुकी हैं जलवा

निकिता इससे पहले मिस झारखंड और मिस बिहार जैसी प्रतिष्ठित सौंदर्य प्रतियोगिताओं में भी अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन कर चुकी हैं. उनकी मेहनत, आत्मविश्वास और निरंतर संघर्ष ने उन्हें आज देश की सबसे प्रतिष्ठित सौंदर्य प्रतियोगिताओं में से एक मिस यूनिवर्स इंडिया के राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया है.

अब राष्ट्रीय ताज पर नजर

मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 की आधिकारिक नेशनल फाइनलिस्ट बनने के बाद निकिता अब राष्ट्रीय स्तर पर ताज जीतने की दौड़ में शामिल हो गई हैं. आने वाले दिनों में वे विभिन्न प्रतिस्पर्धात्मक चरणों, ग्रूमिंग सेशन, इंटरव्यू और मंचीय प्रस्तुतियों में हिस्सा लेंगी. यदि वे यह खिताब जीतने में सफल रहती हैं तो भारत का प्रतिनिधित्व वैश्विक मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में करेंगी. निकिता की इस उपलब्धि पर ललपनिया, बोकारो और झारखंड के लोगों में खुशी का माहौल है. स्थानीय लोगों ने इसे क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है.

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समाजसेवा से भी जुड़ी हैं निकिता

ग्लैमर की दुनिया में अपनी पहचान बनाने के साथ-साथ निकिता सामाजिक सरोकारों के प्रति भी संवेदनशील हैं. उन्हें जब भी अवसर मिलता है, वे रांची स्थित आदिम जाति सेवा मंडल के बैनर तले संचालित अनाथ बच्चों के विद्यालय पहुंचती हैं और बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के साथ उनका मार्गदर्शन भी करती हैं. निकिता का मानना है कि शिक्षा समाज में सकारात्मक बदलाव का सबसे प्रभावी माध्यम है. यही कारण है कि व्यस्त दिनचर्या के बावजूद वे बच्चों के बीच समय बिताकर उन्हें बेहतर भविष्य के लिए प्रेरित करती हैं. उनकी यह सामाजिक प्रतिबद्धता उन्हें केवल एक सफल मॉडल ही नहीं, बल्कि एक संवेदनशील और जिम्मेदार युवा के रूप में भी स्थापित करती है.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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