विदेश जाने की जिद पर अड़े अभिषेक बनर्जी, कलकत्ता हाईकोर्ट के इनकार के बाद फिर पहुंचे सुप्रीम कोर्ट

Updated:
विज्ञापन

अभिषेक बनर्जी ने फिर सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका.

TMC नेता अभिषेक बनर्जी आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने पर अड़े हुए हैं. कई कानूनी जांच का सामना कर रहे ममता बनर्जी के भतीजे विदेश जाने की अनुमति लेने के लिए लगातार कोर्ट के चक्कर लगा रहे हैं. कलकत्ता हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से इनकार के बाद उन्होंने फिर से शीर्ष अदालत में गुहार लगायी है. जानें पूरा मामला.

विज्ञापन

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी आंखों का इलाज कराने के लिए विदेश जाने पर अड़े हुए हैं. पहले कलकत्ता हाईकोर्ट, फिर सुप्रीम कोर्ट और इसके बाद एक बार फिर हाईकोर्ट ने उन्हें विदेश जाने की अनुमति देने से इनकार कर दया. अभिषेक बनर्जी ने एक बार फिर देश की सबसे बड़ी अदालत (Supreme Court) का दरवाजा खटखटाया है. उनका कहना है कि वे देश के किसी अस्पताल में अपनी आंखों का इलाज नहीं कराना चाहते. विदेश जाकर ही इलाज करायेंगे.

क्या था पूरा मामला और हाईकोर्ट का रुख?

अभिषेक बनर्जी ने कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपनी आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति मांगी. हाईकोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया. 20 जुलाई को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने कहा- आपकी आंखों का इलाज कोलकाता के अस्पतालों में क्यों नहीं कराया जा सकता? अदालत आपको विदेश जाने की अनुमति तभी दे सकती है, जब इस इलाज की सुविधा यहां उपलब्ध न हो.

हर नागरिक को कहीं भी इलाज कराने का अधिकार है, लेकिन याचिकाकर्ता के खिलाफ कई मुकदमे लंबित हैं. इसीलिए अदालत ने एसएसकेएम की राय मांगी थी. -जस्टिस सौगत भट्टाचार्य, कलकत्ता हाईकोर्ट

‘मेडिकल बोर्ड की सिफारिश पर ही जा पायेंगे विदेश’

पीठ ने उनसे पूछा कि क्या आपने कभी एसएसकेएम (SSKM) अस्पताल में जांच करायी है? हाईकोर्ट ने सुझाव दिया था कि एसएसकेएम के डॉक्टरों का एक मेडिकल बोर्ड बनाया जाये. जांच के बाद यदि बोर्ड सिफारिश करता है कि अभिषेक का विदेश जाना जरूरी है, तभी उन्हें देश से बाहर जाने की अनुमति मिलेगी. लेकिन, अभिषेक बनर्जी ने बोर्ड के सामने उपस्थित होने से इनकार कर दिया.

ये भी पढ़ें: अभिषेक बनर्जी ने कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती, जानें पूरा मामला

हाईकोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचे टीएमसी सांसद

सिंगल बेंच के इस फैसले को हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में चुनौती देने की बजाय अभिषेक बनर्जी सीधे सुप्रीम कोर्ट पहुंच गये. शीर्ष अदालत में उनके वकील ने कहा कि सांसद ने संबंधित मामलों में जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग दिया है और अपने आवाज का नमूना (Voice Sample) भी जमा कराया है. इसके बावजूद उन्हें इलाज के लिए विदेश जाने से रोका जा रहा है.

सुप्रीम कोर्ट ने अभिषेक को वापस कलकत्ता हाईकोर्ट भेजा

उस समय सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की पीठ ने याचिका पर तुरंत राहत देने से इनकार कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने ममता बनर्जी के भतीजे को वापस कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर करने का निर्देश दिया. शीर्ष अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि इस विषय पर कलकत्ता हाईकोर्ट में ही सुनवाई होगी. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट को निर्देश दिया था कि वह एक सप्ताह के भीतर यह फैसला करे कि अभिषेक बनर्जी इलाज के लिए विदेश जा सकते हैं या नहीं.

ये भी पढ़ें: VIDEO: कलकत्ता हाईकोर्ट में अभिषेक बनर्जी की याचिका खारिज, जानें क्या है पूरा मामला

एसएसकेएम जाने के सुझाव पर वकील को आपत्ति

मामला दोबारा हाईकोर्ट पहुंचने पर जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के जज भी देश में ही अपना इलाज कराते हैं. इसलिए सांसद को भी एसएसकेएम अस्पताल जाना चाहिए. इस पर अभिषेक बनर्जी की वरिष्ठ अधिवक्ता रेबेका जॉन ने कहा कि उनके मुवक्किल एसएसकेएम अस्पताल में इलाज नहीं कराना चाहते. वे विदेश ही जाना चाहते हैं. हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद अब अभिषेक बनर्जी ने एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है.


विज्ञापन
मिथिलेश झा

लेखक के बारे में

By मिथिलेश झा

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola