एक वर्ष से न्याय के लिए भटक रही विधवा

Updated:
विज्ञापन

हिस्से की भूमि नहीं मिली, सीमांकन के लिए महिला लगा रही कार्यालयों का चक्कर बोकारो : विस्थापित महिला शारदा देवी (62) को विस्थापन के लिए दिये गये भूमि पर आजतक संबंधित अधिकारियों ने सीमांकन नहीं कराया. विधवा महिला मामले को लेकर सीएम से डीसी तक दौड़ लगा चुकी है. लेकिन आश्वासन के सिवा कुछ नहीं […]

विज्ञापन

हिस्से की भूमि नहीं मिली, सीमांकन के लिए महिला लगा रही कार्यालयों का चक्कर

बोकारो : विस्थापित महिला शारदा देवी (62) को विस्थापन के लिए दिये गये भूमि पर आजतक संबंधित अधिकारियों ने सीमांकन नहीं कराया. विधवा महिला मामले को लेकर सीएम से डीसी तक दौड़ लगा चुकी है. लेकिन आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला. दिलचस्प बात है कि सीएम ने सीमांकन के लिए आदेश जारी किया था. अब न्याय के आस में थक चुकी है. वरीय अधिकारियों ने दो बार मापी के लिए अमीन प्रतिनियुक्ति का निर्देश जारी किया, लेकिन वरीय अधिकारियों का निर्देश भी बेअसर रहा है.
क्या है मामला : शारदा देवी जिले के जरीडीह थाना क्षेत्र के टांड़मोहनपुर के निवासी हैं. वह माराफारी के आसनसोल गांव के विस्थापित हैं. वर्ष 1962-63 में विस्थापन के लिए टांड़ मोहनपुर में भूमि आवंटित किया गया. वर्ष 2017 में 13 जून को पर्चा मुहैया कराया गया. पर्चे पर सर्वेश्वर महतो, हाबुलाल महतो, लारु महतो के नाम से सर्वे खाता एक, प्लॉट सात, पुनर्वास प्लॉट संख्या 15, रकबा 75 डिसमिल का जिक्र है. आवेदिका ने अपने पति लारू महतो की हिस्से की जमीन को चिह्नित कर सीमांकन करने व नक्शा बनाने का अनुरोध किया. कार्रवाई नहीं हुई.
आरटीआइ में कहा कोर्ट में नहीं लंबित है मामला : जरीडीह सीओ ने हाइकोर्ट का हवाला देकर सीमांकन वाद को खारिज किया था. लेकिन आरटीआइ के माध्यम से मांगे गयी जानकारी में हाइ कोर्ट में मामला लंबित होने से इन्कार किया है.
सीओ से लेकर सीएम तक लगा चुकी है दौड़
हवा में दौड़ता रहा आवेदन
शारदा इस मामले को लेकर 17 मई 2017 को सीएम दरबार पहुंची. 13 जून 2017 को जनसंवाद का पर्चा संख्या 994 निर्गत हुआ, 16 जून को पर्ची का प्रतिलिपि मिला. आवेदन को सीएम ने पत्रांक 6100943 के माध्यम से डीसी को भेजा. डीसी ने पत्रांक 1581 के माध्यम से परियोजना निदेशक पुनर्वास को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा. इसके बाद आवेदिका ने जरीडीह सीओ को 11 सितंबर 2017 को आवेदन देकर सीमांकन का अनुरोध किया. 20 सितंबर 2017 को मापी के लिए रशीद संख्या 723140 के माध्यम से शुल्क जमा कराया. सीओ ने पत्रांक 590 के तहत सत्यापन के लिए डीपीएलआर निदेशक को भेजा.
इसके बाद निदेशक ने पत्रांक 1819 से सत्यापन करते हुए जरीडीह सीओ को भेजा. सीओ पुनः पत्रांक 690 भेजकर अंचल अमीन,राजस्व कर्मचारी को 18 दिसंबर 2017 को पुलिस के मौजूदगी में मापी कराने का निर्देश दिया. डीपीएलआर निदेशक ने लिखित बताया कि इस में तीन पंचाटियो को कुल 75 डिसमिल भूमि आवंटित की गयी है. शारदा देवी एक पंचाटी लारू महतो की पत्नी है. उनके हिस्से में 0.25 एकड़ जमीन हुआ. जिसमें से साढ़े सोलह एकड़ जमीन दखल में है. बगल के परती जमीन में साढ़े आठ एकड़ भूमि देने से निज अंश पूर्ण हो जायेंगे. सीओ ने यह कहते हुए सीमांकन वाद को खारिज कर दिया कि मामला उच्च न्यायालय में लंबित है.
डीपीएलआर के द्वारा उक्त भूमि तीन पंचाटियों को 75 डिसमिल भूमि आवंटित की गयी है. तीन पंचाटी एक ही परिवार के है. अगर शारदा देवी को कम भूमि मिली है. तो यह उनका पारिवारिक विवाद है. उन्हें अपने हिस्से के लिए सक्षम न्यायालय जाना चाहिए. डीपीएलआर की भूमि नहीं है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola