उसके बाद उन्हें गोल्ड मेडल व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया. पावरलिफ्टिंग में रांची, हजारीबाग, दुमका, धनबाद, बोकारो, जमशेदपुर व देवघर से 40 महिलाओं व 141 पुरुषों ने हिस्सा लिया था.
सुचेता ने बताया : पति अंतरराष्ट्रीय स्तर के वेटलिफ्टर है. पति को इस खेल से जुड़ा देख इससे जुड़ने की इच्छा जतायी. 2015 से इस खेल से जुड़कर हर दिन अभ्यास करती रही. कहती है कि घरवाले बहुत सपोर्ट करते हैं. वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतना चाहती है. सुचेता का आठ साल का बेटा है, बावजूद इसके वह वेटलिफ्टिंग करती है. वह योग और एरोबिक की अच्छी शिक्षक भी है.

