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Ranchi : एफसीआइ के एजीएम पांच लाख रिश्वत लेते गिरफ्तार

Updated at : 19 Aug 2018 7:00 AM (IST)
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Ranchi : एफसीआइ के एजीएम पांच लाख रिश्वत लेते गिरफ्तार

रांची : फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआइ), रांची के एजीएम ए सिकदर को पांच लाख रुपये रिश्वत लेने के आरोप में सीबीआइ (दिल्ली) की टीम ने रंगेहाथ पकड़ा. वहीं, रिश्वत देनेवाले वेयर हाउस व्यवसायी दीपेश चांडक के सहयोगी रंजय चितलांगिया को भी गिरफ्तार कर लिया गया. व्यवसायी दीपेश चांडक के रांची स्थित वेयर हाउस का […]

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रांची : फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआइ), रांची के एजीएम ए सिकदर को पांच लाख रुपये रिश्वत लेने के आरोप में सीबीआइ (दिल्ली) की टीम ने रंगेहाथ पकड़ा. वहीं, रिश्वत देनेवाले वेयर हाउस व्यवसायी दीपेश चांडक के सहयोगी रंजय चितलांगिया को भी गिरफ्तार कर लिया गया. व्यवसायी दीपेश चांडक के रांची स्थित वेयर हाउस का किराया व लीज एग्रीमेेंट रिन्यूअल कराने के एवज में एजीएम ए सिकदर को रंजय चितलांगिया पांच लाख रुपये रिश्वत दे रहा था. इस मामले में एफसीआइ के रीजनल जीएम अमित भूषण और एजीएम सिकदर के करीबी शकील को भी सीबीआइ की टीम हिरासत में लेकर पूछताछ कररही है.

उधर, गिरफ्तारी के बाद शनिवार को सिकदर व रंजय चितलांगिया को सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश एके मिश्रा की अदालत में पेश किया गया. 20 अगस्त तक दोनों को सीबीआइ ने कोर्ट के आदेश से रिमांड पर लिया है. डोरंडा के रहमत कॉलोनी स्थित संस्कृति अपार्टमेंट में ए सिकदर का फ्लैट है. चर्चा यह भी है कि दीपेश चांडक कहीं चारा घोटालावाला तो नहीं है. हालांकि यह जांच का विषय है.

पांच लाख घूस देते पकड़ाये दोनों : कोलकाता निवासी दीपेश चांडक का रांची में वेयर हाउस है. उन्होंने एफसीआइ से वेयर हाउस को लीज पर लिया है. लीज अवधि समाप्त होनेवाली है. लीज अवधि और किराया बढ़ाने के लिए चांडक ने अपने सहयोगी रंजय चितलांगिया को एफसीआइ के अफसरों को मैनेज करने को कहा. इसके बाद रंजय ने एजीएम ए सिकदर से मुलाकात कर उन्हें ऑफर दिया. कुल सात लाख रुपये में सौदा तय हुआ. पहली किस्त के रूप में दो लाख रुपये ए सिकदर को उसने दिया. इसके बाद फाइल बढ़नी शुरू हुई.

हालांकि, एकाउंट सेक्शन ने कई बिंदुओं पर आपत्ति दर्ज करायी. मामला उलझता देख एजीएम सिकदर ने इसकी सूचना चितलांगिया के जरिये व्यवसायी चांडक को दी. उन्होंने कहा कि फाइल बढ़ने में परेशानी हो रही है, तुम खुद आकर बात कर लो. इसके बाद 10 अगस्त को चांडक रांची पहुंचा. उसने एकाउंट सेक्शन के अफसरों व एफसीआइ कमेटी के लाेगों से बात की. इसके बाद उसने एजीएम सिकदर से कहा कि शेष बचे पांच लाख रुपये 17 अगस्त को पहुंचा दूंगा. इसके बाद वह कोलकाता चला गया. 17 अगस्त को उसने पैसे लेकर रंजय चितलांगिया को एजीएम सिकदर को देने को कहा. रंजय जैसे ही एजीएम सिकदर को पांच लाख रुपये देने लगा, तभी सीबीआइ की टीम ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया.

तीन को नामजद आरोपी बनाया : सीबीअाइ ने इस मामले में कुल तीन लोगों को नामजद किया है. इनमें एफसीआइ रांची के एजीएम ए सिकदर, काेलकाता के व्यवसायी दीपेश चांडक और उनका सहयोगी रंजय चितलांगिया.

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