Bihar News: युवती का सुधार गृह की अधीक्षिका पर गंभीर आरोप लगाने का वीडियो वायरल, जांच में जुटी पुलिस
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 01 Feb 2022 7:14 AM
वायरल वीडियो में युवती से कोई पूछताछ कर रहा है, जिसमें वह सुधार गृह के संबंध में विस्तार से बता रही है. करीब ढाई से तीन मिनट के वीडियो में युवती कह रही है कि सुदंर लड़कियां अधीक्षक की प्यारी होती हैं और जो खूबसूरत नहीं होती हैं, उन्हें वह देखना भी नहीं चाहती हैं.
पटना. आलमगंज थाने के गायघाट स्थित राजकीय उत्तर रक्षा महिला सुधार गृह की अधीक्षिका वंदना गुप्ता पर वहां की एक युवती द्वारा लगाये गये गंभीर आरोप को विभाग ने निराधार बताया है. दरअसल, युवती का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें उसने वंदना गुप्ता के संबंध में कहा है कि वे लड़कियों को जिंदगी बनाने के नाम पर उन्हें बाहरी लोगों के साथ भेजती है. उसने यह भी कहा कि सुधार गृह में लड़कियां कानून की मर्जी से आती हैं और वंदना गुप्ता की मर्जी से ही जाती हैं.
इस वीडियो के वायरल होने के बाद इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गयी है. समाज कल्याण विभाग ने अपने स्तर से जांच की है. जांच के बाद विभाग ने वीडियो में लगाये गये आरोपों को निराधार और तथ्यहीन बताया गया है. उधर, महिला थाना पुलिस ने भी बयान दर्ज कर लिया है, लेकिन अभी प्राथमिकी दर्ज नहीं की गयी है. पुलिस युवती द्वारा लगाये गये आरोपों की सत्यता की जांच कर रही है. हालांकि, प्रभात खबर इस वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है.
वायरल वीडियो में युवती से कोई पूछताछ कर रहा है, जिसमें वह सुधार गृह के संबंध में विस्तार से बता रही है. करीब ढाई से तीन मिनट के वीडियो में युवती कह रही है कि सुदंर लड़कियां अधीक्षक की प्यारी होती हैं और जो खूबसूरत नहीं होती हैं, उन्हें वह देखना भी नहीं चाहती हैं. हमने वंदना गुप्ता के विरोध में बोला है, अगर हम वहां जायेंगे, तो मुझे भी मार दिया जायेगा. हसीना (बांग्लादेशी महिला) को जबरन फांसी लगा कर मार दिया गया था. उसने खुदकुशी नहीं की थी. सुधार गृह में 10 साल से लड़कियां रह रही हैं और रहते-रहते पक जाती हैं.
वीडियो में लगाये गये आरोपों को समाज कल्याण विभाग ने तथ्यहीन बताया है. विभाग के निदेशक राजकुमार ने कहा है कि जानकारी मिलते ही आरोप का संज्ञान लिया गया. मुख्यालय व जिला स्तर पर जांच कमेटी बनायी गयी. आरोप लगाने वाली युवती का जन्म उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में हुआ और बचपन दिल्ली के बालिका गृह में बीता है. दरभंगा के विवेकानंद पासवान से शादी करने के बाद वह अपने ससुराल चली गयी. वहां उसने एक बच्चे को जन्म दिया. इसी बीच वह अपने पति के दोस्त के साथ एक माह तक लापता रही. बाद में दोस्त ने भी उसे छोड़ दिया, तो अपने ससुराल वापस आ गयी. इस तरह वह भटकती रही.
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2020 में लावारिस हालत में मिली तो उसे छपरा के बालिका गृह में रखा गया. बाद में उत्तर रक्षा गृह पटना भेजा गया. सारण में रहने के दौरान समय-समय पर हुई काउंसलिंग से पता चला कि उसका व्यवहार स्थिर नहीं है. गायघाट के सुरक्षा गृह का जिम्मा बिहार पुलिस के जवान और महिला बल के ऊपर है, जो 24 घंटे निगरानी करते हैं. वहां 13 सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं. उन कैमरों के फुटेज की जांच में वायरल वीडियो में लगाये गये आरोपों की पुष्टि नहीं होती है.
क्या कहते हैं एसएसपी: एसएसपी डॉ मानवजीत सिंह ढिल्लो ने बताया कि मामले की जांच करायी जा रही है. अगर जांच में सत्यता मिलेगी, तो प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जायेगी.
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