VIDEO : आसनसोल-जसीडीह लोकल ट्रेन से शराब की बड़ी खेप जब्त, बिहार भेजने की थी तैयारी
Published by : KumarVishwat Sen Updated At : 30 Aug 2023 11:43 AM
गुप्त सूचना के आधार पर जब आरपीएफ सीआईबी अधिकारी एवं कर्मचारियों की टीम ने छापेमारी शुरू की, तो जांच के दौरान ट्रेन के सीट के नीचे एक बड़ा बैग रखा मिला. इसकी तलाशी करने के बाद उस बैग में भारी मात्रा में शराब की बोतलें बरामद की गईं.
आसनसोल : बिहार में जब से शराबबंदी हुई है, पड़ोसी राज्यों के तस्करों की चांदी हो गई है. बिहार से सटे उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और झारखंड के सीमावर्ती जिलों के शराब तस्कर अवैध तरीके से इसकी खेप भेजते रहते हैं. मंगलवार की रात पश्चिम बंगाल के आसनसोल में लोकल ट्रेन से शराब की बड़ी खेप जब्त की गई है. मिली जानकारी के अनुसार, आसनसोल रेल मंडल के वरिष्ठ सुरक्षा आयुक्त राहुल राज के निर्देश पर आरपीएफ की सीआईबी टीम को गुप्त सूचना के आधार पर कल रात मंगलवार की रात को जानकारी मिली कि आसनसोल जसीडीह लोकल ट्रेन पर कोई शराब की भारी मात्रा में तस्करी सवार होकर बिहार जाने की तैयारी कर रहे हैं.
इस गुप्त सूचना के आधार पर जब आरपीएफ सीआईबी अधिकारी एवं कर्मचारियों की टीम ने छापेमारी शुरू की, तो जांच के दौरान ट्रेन के सीट के नीचे एक बड़ा बैग रखा मिला. इसकी तलाशी करने के बाद उस बैग में भारी मात्रा में शराब की बोतलें बरामद की गईं. ट्रेन में पुलिसबल के जवानों को देखते ही शराब की खेप ले जाने वाले तस्कर फरार हो गए.
आरपीएफ सीआईबी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, जब्त शराब की कीमत करीब 11,520 बताई जा रही है. इस मामले में पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है. फिलहाल, शराब की इन बोतलों को आरपीएफ पोस्ट जामताड़ा को सौंप दिया गया है.
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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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