Bihar Update : धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही अर्थव्यवस्था, मई में सूबे में 0.4 फीसदी घटी बेरोजगारी दर, पढ़ें बिहार की टॉप 5 खबरें

Author : Pritish Sahay Published by : Prabhat Khabar Updated At : 03 Jun 2020 6:29 AM

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बिहार में मई के अंत में 0.4 फीसदी बेरोजगारी दर कम हुआ है. मई के अंत में राज्य में कुल बेरोजगारी दर 46.2 फीसदी दर्ज की गयी है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है. तो वहीं, सिस्टम में गलत फीडिंग के चलते दो दिन पहले रवाना हुई अवध एक्सप्रेस इधर, खबर है कि जून के अंत तक दिल्ली सहित अन्य राज्यों के लिए शुरू होगी बस सेवा. सूत्रों की मानें तो अंतरराज्यीय बस सेवा शुरू करने के लिए विभाग ने तैयारी शुरू कर दी. तो वहीं, अनलॉक एक के दूसरे दिन राजधानी के बाजार में देर शाम तक ग्राहकों की भीड़ लगी रही. इससे दुकानदार उत्साहित नजर आये. पढ़ें बिहार की टॉप 5 खबरें

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लॉकडाउन फोर के अंत व ऑनलाक वन के शुरुआत में पाबंदियों में मिल रही छूट के नतीजे सामने आने लगे हैं. मई के अंत में ही सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी की सर्वे रिपोर्ट में यह बात निकल कर सामने आयी है. सीआइएमइ के सर्वे आंकड़ों के अनुसार सूबे में मई के अंत में 0.4 फीसदी बेरोजगारी दर कम हुआ है. मई के अंत में राज्य में कुल बेरोजगारी दर 46.2 फीसदी दर्ज की गयी है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है.

जानकार बताते हैं कि रोजगार दर में थोड़ा सुधार चल रहे उद्योगों को दोबारा खोलने, नौकरी में लोगों को लौटने, प्रवासियों को मनरेगा आदि से काम मिलने आदि के कारण हुआ है. झारखंड से बेहतर, दिल्ली तीसरे नंबर पररिपोर्ट में अनुसार सूबे में बेरोजगारी दर देश में दूसरा सबसे अधिक है. बिहार से अधिक झारखंड में मई के अंत में 59.2 फीसदी बेरोजगारी दर दर्ज की गयी थी. इसके बाद तीसरे नंबर पर दिल्ली में बेरोजगारी दर 44.9 फीसदी दर्ज किया गया है. वहीं रोजगार के मामले में उत्तराखंड,असम और ओडिसा की बेहतर स्थिति है.

सिस्टम में गलत फीडिंग के कारण बांद्रा जाने वाली अवध एक्सप्रेस (09040) को यहां से दो दिन पहले ही रवाना करना पड़ा. इसके लिए रेलवे को आनन-फानन में कोच की व्यवस्था करनी पड़ी. मुजफ्फरपुर जंक्शन के यार्ड में खड़ी एक ट्रेन के कुछ कोच के साथ बरौनी से भी चार कोच मंगाये गये. फिर यह ट्रेन मंगलवार को कोटा होते हुए बांद्रा के लिए रवाना हुई. वैसे इस ट्रेन को चार जून को रवाना होना था.रेलवे के नोटिफिकेशन के मुताबिक, गुरुवार से मुजफ्फरपुर से बांद्रा के लिए साप्ताहिक अवध एक्सप्रेस का परिचालन शुरू होना था.

मुजफ्फरपुर से ट्रेन संख्या 09040 बन कर उस रैक को जाना था, जो सोमवार को बांद्रा से खुल कर मंगलवार की रात मुजफ्फरपुर पहुंचती. लेकिन, उस ट्रेन के आये बिना आइआरसीटीसी के सिस्टम में दो जून को ट्रेन संख्या 09040 को चलने का जिक्र कर दिया गया. यात्री ऑनलाइन टिकट भी बुक करा लिये. पीआरएस की तरफ से जब सोमवार की शाम रिजर्वेशन चार्ट तैयार कर परिचालन व कोचिंग विभाग को सूचित किया गया, तो हड़कंप मच गया.

लॉकडाउन के चौथे चरण के खत्म होने के बाद अनलॉक के पहले चरण में आठ जून से मंदिरों के कपाट खुल जायेंगे. मंदिरों में केवल वही भक्त भगवान का दर्शन कर सकेंगे. जिनके मुंह पर मास्क लगा होगा. इसके अलावा भक्तों की थर्मल स्कीनिंग सहित सोशल डिस्टैंसिंग व सरकार द्वारा सुझाये गये सभी उपायों से गुजरना भी पड़ेगा. मंदिरों में वैश्विक महामारी को फैलने से रोकने के लिए मंदिरों के प्रबंधन समितियों द्वारा लगातार बैठकें आयोजित हो रही हैं. अलग-अलग मंदिरों में समिति के पदाधिकारियों द्वारा वैश्विक महामारी को फैलने से रोकने के लिए रणनीतियां बनाने का काम शुरू कर दिया गया है.

राज्य भर में बसों का परिचालन शुरू हो गया है. परिवहन विभाग ने पटना से 200 बसों का परिचालन शुरू किया है. अब जून के अंत तक विभाग अंतरराज्यीय बसें चलाने के लिए दूसरे राज्यों से सहमति लेने का प्रयास कर रहा है, ताकि दिल्ली, झारखंड सहित अन्य राज्यों में जाने वाले लोगों को सहूलियत हो सके. इस संबंध में 15 जून से पहले क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक होगी, जिसमें इस पर निर्णय लिया जायेगा. सूत्रों के मुताबिक अंतरराज्यीय बस सेवा शुरू करने के लिए विभाग ने तैयारी शुरू कर दी. दिल्ली के लिए वॉल्वो बसों का होगा परिचालनबिहार से खुलने वाली सरकारी बसों में 51 सीटें और स्लीपर में 42 सीट हैं. इनमें सीट ऑनलाइन और काउंटर टिकट से रिजर्व की जाती है. बिहार और यूपी सरकार में समझौता हुआ है, जिसके बाद ही बिहार से कोसांबी डीपो, गाजियाबाद तक बसें जाती हैं.

अनलॉक एक के दूसरे दिन राजधानी के बाजार में देर शाम तक ग्राहकों की भीड़ लगी रही. इससे दुकानदार उत्साहित नजर आये. पटना मार्केट, हथुआ मार्केट, मौर्यालोक कॉम्प्लेक्स, हीरा पैलेस, चांदनी मार्केंट, सुपर खेतान मार्केट, एक्जीबिशन रोड, फ्रेजर रोड, न्यू मार्केट,बेली रोड, बोरिंग रोड इलाके में लोगों ने खरीदारी की. खासकर ज्वेलरी, बाइक शोरूम, एसी, पंखा, कूलर, हार्डवेयर, ऑटो पार्ट्स, फर्नीचर, कपड़े की अच्छी बिक्री हुई. कारोबारियों की मानें तो बाजार तेजी से पटरी पर लौट रहा है.

लंबे समय बाद घर से निकलने की मिली पूरी छूट के बाद लोग भीड़ के बीच सोशल डिस्टैंसिंग का भी ख्याल नहीं रखा. इस बीच कई लोग लापरवाही पूर्वक बिना मास्क लगाये ही बाजारों में घूमते नजर आये. शहर में जहां हर जगह भीड़-भाड़ दिख रही थी, वहीं बड़ी संख्या में दुकानें भी खुली दिखाई दीं. हालांकि अधिकतर दुकानों में ग्राहक नहीं थे. दुकानदार साफ-सफाई करने में व्यस्त दिख रहे थे.

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प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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