Bihar: अररिया में शिक्षक ने स्कूल में की आत्महत्या, कक्षा के लिए ढूंढ रहे बच्चों ने फंदे से लटका पाया

Updated at : 10 Feb 2023 8:49 AM (IST)
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Bihar: अररिया में शिक्षक ने स्कूल में की आत्महत्या, कक्षा के लिए ढूंढ रहे बच्चों ने फंदे से लटका पाया

Bihar News: अररिया में एक शिक्षक ने स्कूल में ही आत्महत्या कर ली. जब बच्चों ने अपने शिक्षक को कक्षा के लिए ढूंढना शुरू किया तो ऊपर एक कक्ष में वो रस्सी के फंदे से लटकते पाए गए. जिसके बाद सनसनी फैल गयी.

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Bihar News: अररिया के सिकटी प्रखंड क्षेत्र में विद्यालय संचालन के समय एक शिक्षक ने पंखा की कड़ी से रस्सी बांधकर आत्महत्या कर ली. घटना की जानकारी मिलते ही स्कूल के शिक्षक, बच्चे व ग्रामीण विद्यालय में जमा होने लगे. घटना की सूचना सिकटी थाना पुलिस को दी गयी. सूचना पाते ही पुलिस मौके पर पहुंची व शव का पंचनामा करा पोस्टमार्टम के लिए भेजा. मामला प्रखंड के मध्य विद्यालय पोखरिया, आमगाछी का है.

शिक्षक को ढूंढने लगे छात्र,फंदे से लटके मिले

जानकारी के अनुसार मध्य विद्यालय पोखरिया आमगाछी में गोपाल केसरी नामक शिक्षक कार्यरत थे. 16 जुलाई 2014 में विद्यालय में उनका नियोजन हुआ था. सहकर्मियों ने बताया कि वह बेहद शांत स्वभाव के थे. गुरुवार को विद्यालय खुलते ही वह पहुंचे. घंटी बजने के बाद कक्ष में जब नहीं पहुंचे, तो बच्चों ने कार्यालय में पूछा कि सर आज कक्षा में नहीं आये हैं. काफी समय बीत जाने के बाद वह कक्षा में नहीं पहुंचे, तो उनको बच्चों ने खोजना शुरू कर दिया. सभी जगहों पर खोजने के बाद जब बच्चे ऊपर की कक्षा में गये, तो शिक्षक को रस्सी के फंदे से लटका देखा.

फंदे से उतारा तो जा चुकी थी जान

बच्चों के हल्ला करने पर सभी लोग वहां एकत्र हुए. शिक्षकों ने मिलकर उनको फंदे से उतारा तबतक उनकी मौत हो चुकी थी. क्षेत्र में घटना की खबर आग की तरह फैल गयी. स्थानीय लोग स्कूल में जाम होने लगे. घटना की सूचना सिकटी थाना पुलिस को दी गयी. मृत शिक्षक की पत्नी रचना गुप्ता भी पास के ही स्कूल बरूदह में बतौर शिक्षिका कार्यरत हैं. परिवार में एक छोटा बच्चा भी है.

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शव से लिपट कर रोने लगी

घटना की सूचना मिलते ही रचना विद्यालय पंहुचकर पति के शव से लिपट कर रोने लगी. इससे आसपास का माहौल गमगीन हो उठा. सूचना मिलते ही बीडीओ राकेश कुमार ठाकुर घटनास्थल पर पहुंचे. मामले में प्रधानाध्यापक शरणदेव पासवान ने बताया कि विगत दो वर्षों से नेपाल स्थित विराटनगर के किसी मनोचिकित्सक द्वारा उनका इलाज चल रहा था. वह लगातार अवसाद की स्थिति में थे.

Posted By: Thakur Shaktilochan

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