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सब्जियों की बढ़ी कीमत ने बिगाड़ा रसोई का बजट

Updated at : 26 Nov 2025 6:16 PM (IST)
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सब्जियों की बढ़ी कीमत ने बिगाड़ा रसोई का बजट

फूल गोभी 50 से 60 रुपए तो बैगन मिल रहा है 40 से 50 रुपए प्रतिकिलो

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– हाल में हुई बारिश व मौसम की अनिश्चितता ने सब्जी उत्पादन को किया प्रभावित – फूल गोभी 50 से 60 रुपए तो बैगन मिल रहा है 40 से 50 रुपए प्रतिकिलो – सब्जियों की बढ़ी कीमत ने गरीब परिवार को किया सबसे ज्यादा प्रभावित त्रिवेणीगंज. सरकार गठन और त्योहारों के मौसम में सब्जियों के दाम बढ़ना आम बात है, लेकिन सरकार गठन और पर्व-त्योहार की रौनक खत्म होने के बाद भी बाजार में सब्जियों की कीमतों में कोई कमी होती नहीं दिख रही है. हरी सब्जियों के दाम लगातार ऊंचे बने रहने से आमलोगों की रसोई का बजट बुरी तरह बिगड़ गया है. महिलाओं का कहना है कि रोज-रोज बढ़ती कीमतों ने रसोई का संतुलन गड़बड़ा दिया है और सब्जियों का जायका अब जेब पर भारी पड़ रहा है. पहले ठंड के शुरुआत में सुबह में ग्रामीण इलाकों से आने वाले लोकल सब्जी बाजार में आने की वजह से कम दाम पर उपलब्ध हो जाती थी, लेकिन इस बार स्थिति बिल्कुल उलट है. चाहे हरी सब्जी हो या मसालेदार सब्जी किसी की कीमत कम नहीं दिख रही है. वहीं सब्जी के थोक विक्रेताओं ने बताया कि मौसम बदलते ही खेतों में खड़ी सब्जियों की फसल चौपट कर दी है. फसल नुकसान के कारण बाजार में हरी सब्जी का आना कम हुआ है और इसका सीधा असर बाजार के थोक विक्रेताओं पर पड़ा है. अभी सब्जी फारबिसगंज, भागलपुर, पटना, समस्तीपुर, सहरसा से आ रही है, जिसके परिवहन और भाड़े में काफी पैसे लग रहे हैं. थोक कीमत बढ़ने से खुदरा बाजार में भी दरें आसमान छू रही हैं. बढ़ी कीमत से गरीब परिवार सबसे ज्यादा प्रभावित है जो मजबूरी में सब्जियों के उपयोग में कटौती कर रहे हैं. मौसम और परिवहन दोनों बना परेशानी का कारण सब्जी विक्रेताओं और किसानों की माने तो हाल में हुई बारिश और मौसम की अनिश्चितता ने सब्जी उत्पादन को प्रभावित किया है. हाल में हुई बारिश, फिर अचानक धूप की कमी और नमी में हुई वृद्धि के कारण सब्जियों की पैदावार काफी कम हुई. ऊपर से बढ़ी परिवहन लागत ने सब्जी के दामों में और तेजी ला दी है. कई परिवार अब विकल्प के रूप में मटर, चना, राजमा, मूंग दाल का तड़का जैसी चीजों पर निर्भर हो रहे हैं. लोगों का कहना है कि हरी सब्जियों की जगह अब थाली में आलू का चोखा सहित अन्य सामानों की हिस्सेदारी बढ़ रही है, लेकिन रसोई का खर्च कम होने का नाम नहीं ले रहा है. लोगों का कहना है कि स्थानीय प्रशासन बाजार में नियमित निगरानी कर बिचौलियों और कृत्रिम महंगाई पर लगाम लगाए, ताकि आम उपभोक्ताओं को राहत मिल सके. थाली से गायब हो रही हरी सब्जियां बाजार में हरी सब्जियों की कीमत बढ़ने से मध्यमवर्गीय परिवार परेशान हैं. उनकी थाली से हरी सब्जियां गायब हो रही है. बाजार में अभी फूल गोभी 50 से 60 रुपए प्रतिकिलो, पत्तागोभी 60 से 70 रुपए, बैगन 40 से 50 रुपए प्रतिकिलो, लौकी 30 से 40 रुपए प्रति पीस, लाल साग 50 से 60 रुपए प्रतिकिलो, परबल 60 से 80 रुपए, टमाटर 60 से 70 रुपए, मूली 40 से 50 रुपए, सीम 80 से 100 रुपए, सरसों साग 60 से 80 रुपए, पालक साग 80 से 120 रुपए, नया आलू 40 से 50 रुपए प्रतिकिलो बिक रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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RAJEEV KUMAR JHA

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By RAJEEV KUMAR JHA

RAJEEV KUMAR JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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