हर्षोल्लास के साथ मनाई गयी सतगुरू महर्षि मेंही परमहंस जी महाराज की 140 वीं जयंती
Published by :Prabhat Khabar News Desk
Published at :22 May 2024 9:58 PM (IST)
विज्ञापन

सत्संग मंदिर परिसर में बुधवार की सुबह से ही बूंदा-बांदी के बीच भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी थी
विज्ञापन
प्रतापगंज.
प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत भवानीपुर दक्षिण पंचायत के सुरियारी स्थित संतमत सत्संग मंदिर में सतगुरु महर्षि मेंही परमहंस जी महाराज की 140वीं जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गयी. सत्संग मंदिर परिसर में बुधवार की सुबह से ही बूंदा-बांदी के बीच भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी थी. मौके पर भव्य रथ पर गुरु महाराज की तस्वीर लगाकर गाजे बाजे के साथ प्रखंड के विभिन्न मार्गों पर शोभा यात्रा निकाली गयी. जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष व बच्चे शामिल हुए. इस दौरान भक्तगण संतमत का अमर संदेश घर-घर फैले देश-विदेश, कबीर नानक बुद्ध प्यारे-सभी संत हैं पूज्य हमारे जैसे नारे लगा रहे थे. सबों के हाथों में झंडा विभिन्न तरह का स्लोगन लिखा हुआ तख्ती हाथ में था. प्रभातफेरी के पश्चात सत्संग मंदिर में स्तुति, विनती, ग्रंथ पाठ एवं आरती का आयोजन किया गया. वहीं महर्षि मेंही जी के चित्र पर पुष्प अर्पित किया गया. दिन के 11:00 से सामूहिक भंडारा का आयोजन अंबे ट्रेडर्स के प्रोपराइटर कुमार विनीत, पिता बिरेंद्र पूर्वे व माता मंजू देवी की ओर से किया गया किया गया. जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया. अपराह्न काल में भजन, कीर्तन, स्तुति एवं सदग्रंथ पाठ किया गया. जिसमें संतोष कुमार समीर द्वारा महर्षि मेंही परमहंस जी की जीवनी पर प्रकाश डाला गया.बताया कि महर्षि मेंही का जन्म 18 अप्रैल 1885 ईस्वी में वैशाख शुक्ल चतुर्दशी को अपने नाना के घर हुआ था. उनके माता का नाम जनकवती देवी व पिता बहुजन बाबू थे. संतोष समीर ने बताया कि गुरु महाराज के माथे पर जन्म से ही सात जटाएं थी. जिसे कंगी से उलझा देने के बाद पुनः अपने आकार में आ जाता था. जब वह मैट्रिक में अंग्रेजी की परीक्षा दे रहे थे तो बिल्डर शीर्षक कविता की व्याख्या लिखने को कहा गया. उन्होंने हिंदी में सिर्फ दो पंक्ति लिखी-देह धरे का फल यहीं भाई भजिए राम सब काम बिहाई. अर्थात ईश्वर की भक्ति से बढ़कर कुछ नहीं है. उन्होंने भागलपुर स्थित कुप्पाघाट में कई महीनों तक ध्यान अभ्यास व साधना कर ज्ञान प्राप्त किया तथा लोगों को संदेश दिया कि ईश्वर एक है और उनके पास पहुंचने का रास्ता भी एक है. मौके पर सूर्य नारायण महतो, वीरेंद्र पंजियार, महेंद्र मेहता, संत कुमार मल्लिक आदि ने भी महर्षि मेंही के जीवनी पर प्रकाश डाले. कार्यक्रम के सफल आयोजन में जगदीश नायक, रमेश नायक, सत्यनारायण महतो, बेचू पासवान, महेश पूर्वे, योगेश पूर्व, सुमित पूर्वे, पवन प्रधान, राजेंद्र महतो, महेंद्र महतो, वासुदेव पादुका, नरेश कुमार महतो, पूर्व मुखिया अनिल कुमार शाह उर्फ टीपू, चिंटू पूर्वे, सुनील मंडल, सतीश कारक, जनार्दन प्रधान, रामचन्द्र राउत, बन्धु राउत, विजेंद्र लाल दास, गुड्डू पूर्वे आदि का भरपूर सहयोग रहा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




