रूढ़िवादिता व भेदभाव महिलाओं के सर्वांगीण विकास में बाधक: प्राचार्य

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर दलित बस्ती में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर दलित बस्ती में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन त्रिवेणीगंज. मुख्यालय स्थित रविवार को राष्ट्रीय सेवा योजना प्रथम, द्वितीय, तृतीय इकाई अनूपलाल यादव महाविद्यालय त्रिवेणीगंज के संयुक्त तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ हेमंत कुमार की अध्यक्षता में एनएसएस कार्यक्रम सह जिला नोडल पदाधिकारी प्रो विद्यानंद यादव द्वारा चयनित ग्राम नगर परिषद लतौना उत्तर, वार्ड नंबर 20, दलित बस्ती (मुसहरी टोला), त्रिवेणीगंज में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. प्राचार्य ने कहा कि महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य प्रत्येक वर्ष 08 मार्च को हमलोग अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाते हैं. रूढ़िवादिता और भेदभाव दो मुख्य कारक महिलाओं के सर्वांगीण विकास में बहुत बड़ा बाधक है. महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा और उनके अधिकार का ज्ञान आवश्यक है. राष्ट्र के विकास में महिलाओं का अहम भूमिका है. किसी भी दृष्टिकोण से पुरुषों से महिलाएं कम नहीं है. कार्यक्रम पदाधिकारी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का बीज 1908 में अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में महिलाओं की एक श्रम आंदोलन से पड़ा. जहां 15000 महिलाओं श्रम के घंटे कम करने, बेहतर वेतन देने, वोट देने का अधिकार की मांग को लेकर सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन की. 1910 ईस्वी में क्लारा जेटकिन नाम की महिला ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने का सुझाव इंटरनेशनल कांफ्रेंस ऑफ वर्किंग विमेन में दी. तत्पश्चात 1911 ईस्वी में सर्वप्रथम ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, जर्मनी, स्विट्जरलैंड में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया. इसका शताब्दी आयोजन 2011 में मनाया गया. इस दृष्टिकोण से 2026 में 115 वां अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जा रहा है. हालांकि संयुक्त राष्ट्र द्वारा 1975 में अधिकारिक तौर पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की शुरुआत किया गया. 1996 ईस्वी में पहली बार संयुक्त राष्ट्र द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस थीम के साथ मनाने का शुरुआत किया गया. अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 का थीम- अधिकार और न्याय के साथ-साथ हर महिला और बालिका की सशक्तिकरण के लिए वास्तविक कार्रवाई पर केंद्रित “गिव टू गेन ” रखा गया है. संपूर्ण राष्ट्र के विकास के लिए महिलाओं का शिक्षा, अधिकार और उनका सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक क्षेत्र में सहभागिता आवश्यक है. इस मौके पर प्रो तरुण कुमार सिंह, प्रो कुमारी पूनम, आस्था कुमारी, प्रियांशु कुमारी, सिमरन गोयल, मिनटी कुमारी, सरिता कुमारी, जिया सिंह, सुमन कुमारी, साक्षी कुमारी आदि उपस्थित थे.
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