आयुष डॉक्टर लिखते हैं एलोपैथी दवा

Published at :01 Mar 2017 1:40 AM (IST)
विज्ञापन
आयुष डॉक्टर लिखते हैं एलोपैथी दवा

पिपरा : राज्य सरकार द्वारा एक ओर सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेज सहित विशेषज्ञ, सुपर विशेषज्ञ , मल्टी विशेषज्ञ व ट्रॉमा सेंटर अस्पताल खोलने का दावा किया जा रहा है. साथ ही इन अस्पतालों के माध्यम से सूबे में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने की बात हो रही है. वही इन दावों के बीच प्रखंड […]

विज्ञापन

पिपरा : राज्य सरकार द्वारा एक ओर सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेज सहित विशेषज्ञ, सुपर विशेषज्ञ , मल्टी विशेषज्ञ व ट्रॉमा सेंटर अस्पताल खोलने का दावा किया जा रहा है. साथ ही इन अस्पतालों के माध्यम से सूबे में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने की बात हो रही है. वही इन दावों के बीच प्रखंड क्षेत्र के थुमहा स्थित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अपनी बदहाली पर रो रहा है. प्रखंड क्षेत्र की आधी आबादी का जिम्मा इसी स्वास्थ्य केंद्र पर है,

जबकि इसका संचालन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिपरा के अधीन होता है, लेकिन आलम यह है कि हाल के दिनों में आयुष चिकित्स डॉ सुरेंद्र राम ही यहां अंग्रेजी दवा से लेकर सभी तरह की दवा लिखते हैं और उसी से मरीजों का उपचार होता है. वह भी किसी प्रशिक्षण कार्यक्रम की वजह से वे गत 23 फरवरी से बाहर हैं और उनका चेंबर खाली पड़ा है, जबकि सूचना बोर्ड के मुताबिक पिपरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थापित चिकित्सक डॉ बीबी सिंह का सप्ताह में दो दिन यहां ड्यूटी लगा हुआ है,

लेकिन वह कभी यहां आते नहीं हैं.प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिपरा के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ जेपी साह ने बताया कि एक आयुष चिकित्सक सुरेंद्र राम, एएनएम तारा कुमारी, एलटी रतीश रंजन, चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी रामविलास राम की यहां ड्यूटी है. जिनके सहारे अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चल रहा है. आउट सोर्सिंग के तहत कार्यरत सुविधा एक एनजीओ द्वारा किया जा रहा है. वही स्थानीय नुनुलाल ठाकुर, प्रो भूषण चौधरी, हेमंत भारती आदि की मानें तो पूर्व में जब इलाका सहरसा जिला अंतर्गत आता था, स्वास्थ्य केंद्र की विशेष पहचान हुआ करती थी, लेकिन बीतते वक्त के साथ स्थिति में सुधार तो नहीं हुआ, ह्रास का दौर आरंभ हुआ, जो अभी भी जारी है. स्वास्थ्य केंद्र की महत्ता को इस बात से भी समझा जा सकता है कि यह एनएच 327 ई पर अवस्थित है, जहां प्रतिदिन छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं भी होती रहती हैं. ऐसे में चिकित्सक के नहीं रहने से आपातकाल से लेकर ओपीडी सेवा तक भी लोगों को उचित रूप में मयस्सर नहीं हो पा रही है और लोगों का सहारा पिपरा पीएचसी या फिर सदर अस्पताल ही बनता है. ग्रामीण प्रशासन से इस दिशा में सार्थक पहल की मांग कर रहे हैं . सीएस डॉ रामेश्वर तांती ने कहा कि डॉक्टर की कमी के कारण आयुष िचकित्सक से काम चला जा रहा है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन