अगलगी में हुई वृद्धि, समस्या से जूझ रहा अग्निशमन दस्ता

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 08 Apr 2016 12:00 AM

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अगलगी में हुई वृद्धि, समस्या से जूझ रहा अग्निशमन दस्ता फोटो – 10कैप्सन – स्टेडियम में खड़ा दमकल वाहन प्रतिनिधि, सुपौल चैत माह में जहां तेज हवा के झौंकों के कारण जिले में अगलगी की घटनाओं में वृद्धि प्रारंभ हो गयी है. वहीं दूसरी ओर आग पर काबू पाने के लिए सरकार द्वारा जिले में […]

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अगलगी में हुई वृद्धि, समस्या से जूझ रहा अग्निशमन दस्ता फोटो – 10कैप्सन – स्टेडियम में खड़ा दमकल वाहन प्रतिनिधि, सुपौल चैत माह में जहां तेज हवा के झौंकों के कारण जिले में अगलगी की घटनाओं में वृद्धि प्रारंभ हो गयी है. वहीं दूसरी ओर आग पर काबू पाने के लिए सरकार द्वारा जिले में स्थापित अिग्न शमन विभाग बदहाली की मार झेल रहा है. हालांकि विभाग को सरकार द्वारा जिले में करीब एक दर्जन दमकल वाहन उपलब्ध कराया गया है. लेकिन समुचित सुविधा की कमी और कर्मियों का अभाव विभाग की प्रमुख समस्या बनी हुई है. यह दीगर बात है कि इन सबके बावजूद जिले में मौजूद अग्निशमन कर्मी अपने दायित्वों के निर्वहन में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं.लेकिन संसाधन की कमी के कारण घटना स्थल पर विलंब से पहुंचने की वजह से आग पर काबू पाने में इनकी कोई भूमिका नहीं रहती.स्थिति यह है कि यदि इनके भरोसे छोड़ दिया जाय तो पूरा गांव जलने के बाद ही दमकल वाहन घटना स्थल तक पहुंचने में कामयाब होगा.पछिया हवा ने अपना रंग अभी से ही दिखाना आरंभ कर दिया है.आगे अगलगी की घटना में वृद्धि होने की संभावना जतायी जा रही है. ऐसे में समय रहते अगर सरकार द्वारा विभाग को समुचित व्यवस्था व अपेक्षित कर्मी नहीं मुहैया कराया गया तो निश्चित तौर पर इसका खामियाजा जिला वासियों को भुगतना पड़ेगा. स्टेडियम में चल रहा अग्निशमन कार्यालय गौरतलब है कि जिले में अग्नि शमन विभाग की स्थापना 23 जुलाई 2007 को की गयी थी. लेकिन दुर्भाग्य है कि स्थापना के नौ साल बीत जाने के बाद भी विभाग को अपना भवन व कार्यालय भी उपलब्ध नहीं हो पाया है. मजबूरी वश विभागीय कर्मी स्टेडियम के भवन में डेरा डाले हुए हैं. एक कमरे में विभागीय कार्यालय का संचालन किया जाता है. जबकि दूसरा कमरा कर्मियों का आवास बना हुआ है. सुविधा के अभाव में दमकल की गाड़ियां खुले आकाश के नीचे स्टेडियम के मैदान में रहती है. कर्मियों ने बताया कि कार्यालय का टेलीफोन नंबर 223312 विगत करीब एक वर्ष से खराब पड़ा है. जिससे विशेष कर अग्नि पीडितों को बड़ी परेशानी उठानी पड़ती है. वहीं पानी की सुविधा स्टेडियम में नहीं रहने के कारण जरुरत पड़ने पर दमकल की गाडियों को पीएचईडी कार्यालय परिसर जाना पड़ता है. इस बीच बाजार क्षेत्र रहने की बजह से जाम की समस्या भी उत्पन्न होती है. स्वीकृत पद से आधे कर्मी ही हैं मौजूद मालूम हो कि अग्निशमन कार्यालय में सभी पदों के लिए कुल 19 पद स्वीकृत हैं. जिसमें फायर स्टेशन ऑफीसर का एक, सहायक स्टेशन आफीसर का दो, प्रधान अग्निक का दो, चालक का दो एवं फायर मेन का 12 पद शामिल हैं. स्वीकृत पदों के एवज में विभाग द्वारा यहां महज तीन कर्मी को प्रतिनियुक्त किया गया है. जबकि सात गृह रक्षकों से सहायता ली जा रही है. फायर स्टेशन मास्टर, सहायक स्टेशन मास्टर तथा चालक का एक – एक पद रिक्त है. वहीं फायर मेन का पांच पद खाली पड़ा है. यहां आग पर काबू पाने हेतु दो दमकल वाहन उपलब्ध कराये गये हैं. जिसका संचालन मात्र एक गृह रक्षक चालक द्वारा किया जाता है. मौजूद सात फायर मेन में छह गृह रक्षक के ही जवान शामिल हैं. कहते हैं अधिकारी सहायक अग्नि शमन पदाधिकारी देवेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि अपेक्षित सुविधा के अभाव के बावजूद वे पीडितों की सेवा के लिए सदैव तत्पर हैं. बताया कि अगलगी की घटना होने पर इसकी सूचना उनके मोबाइल नंबर 9931650520 पर दी जा सकती है. वहीं टोल फ्री नंबर 101 के अलावा संबंधित थाना के दूरभाष पर भी सूचित किया जा सकता है.

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