कर्मचारियों के अभाव के कारण भूस्वामियों को परेशानी
कर्मचारियों के अभाव के कारण भूस्वामियों को परेशानी फोटो – 5 से 10कैप्सन – भू स्वामी का फाइल फोटोकटैया निर्मलीसरकार द्वारा भू स्वामियों को लगान चुकाने सहित अन्य कार्यों के निबटारे को लेकर अंचल स्तर पर विभाग का गठन किया गया. साथ ही पंचायत स्तर पर कर्मचारियों को भी पदस्थापित किया गया. वहीं बाद के […]
कर्मचारियों के अभाव के कारण भूस्वामियों को परेशानी फोटो – 5 से 10कैप्सन – भू स्वामी का फाइल फोटोकटैया निर्मलीसरकार द्वारा भू स्वामियों को लगान चुकाने सहित अन्य कार्यों के निबटारे को लेकर अंचल स्तर पर विभाग का गठन किया गया. साथ ही पंचायत स्तर पर कर्मचारियों को भी पदस्थापित किया गया. वहीं बाद के समय में एक से अधिक पंचायतों के कार्यों का निष्पादन कर रहे कर्मचारियों द्वारा भू स्वामियों के सुविधा के मद्देनजर एक स्थान को चिह्नित कर कार्यों का निबटारा किया जाता रहा. जिले के पिपरा प्रखंड स्थित निर्मली मौजा सहित पथरा उत्तर व दक्षिण पंचायतों के भूमि संबंधी कार्य का निबटारा स्थानीय लक्ष्मण यादव के दरवाजे पर बीते तीन दशकों से किया जा रहा था. लेकिन अंचल कार्यालय द्वारा उक्त स्थान पर हो रहे कार्य को पिपरा स्थित अंचल कार्यालय में स्थापित कर दिया गया है. जिस कारण उक्त पंचायत के लोगों को भूमि संबंधी कार्यों में परेशानी हो रही है. कहते हैं भू स्वामी निर्मली निवासी भू स्वामी टेक नारायण मंडल ने बताया कि बीते तीन दशकों से निर्मली सहित अन्य पंचायतों के लोगों को भू लगान चुकाने में सहुलियत हो रहा था. लेकिन विभाग द्वारा कर्मचारी के जगह बदल दिए जाने से लोगों को भारी परेशानी हो रही है. स्थानीय दिग्विजय सिंह ने बताया कि एक तरफ अंचल में हल्का कर्मचारियों की कमी है. साथ ही एक कर्मचारियों को तीन से चार पंचायतों के कार्यों का निबटारा करना पड़ रहा है. ऐसी स्थिति में कर्मचारियों द्वारा ना तो तिथि वार पंचायत के काम काज निबटाने का लिस्ट तैयार किया गया है और ना ही वे अपने कार्यालय में उपलब्ध ही रह रहे हैं. जिस कारण लोगों को कार्यालय का चक्कर काटने की विवशता बनी हुई है. मनोज कुमार गोस्वामी ने बताया कि स्थानीय स्तर पर संचालित हल्का कचहरी का कार्य अंचल कार्यालय में कराये जाने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. श्री गोस्वामी ने बताया कि वे भूमि संबंधित कार्य से अंचल कार्यालय गये तो वहां पता चला कि उनके पंचायत के कर्मचारी प्रभार वाले पंचायत के कार्य से निकले हुए हैं. बताया कि अंचल कार्यालय को चाहिए कि जब एक कर्मचारियों को एक से अधिक पंचायत के कार्य का जिम्मा साैंपा गया हैं तो उन्हें साप्ताहिक कलेंडर जारी करना चाहिए, प्रत्येक सप्ताह में एक पंचायत के लिए दो अमुक दिन निर्धारित की गयी है. भोला प्रसाद साह ने बताया कि उन्हें बीते तीन दशकों से भू लगान चुकाने में काफी सहुलियत हो रहा था. बताया कि पंचायत स्थित निजी ठिकानों पर कार्य होने से लोगों को जानकारी उपलब्ध हो जाता था. साथ ही समय के अनुसार लोग अपना कार्य निबटाते थे. रमेश ठाकुर ने बताया कि उनके पंचायत से अंचल कार्यालय की दूरी 15 किलोमीटर है. बताया कि जब निर्मली स्थित कर्मचारी के द्वारा हल्का कचहरी का कार्य किया जाता था. उस वक्त आसानी के साथ भू लगान, आय, आवासीय व जाति प्रमाण पत्रों की जांच सहित अन्य कार्य आसानी से हो रहा था. लेकिन स्थानीय लोगों को विभागीय लापरवाही के कोपभाजन बनना पड़ रहा है. सरपंच शिव शंकर मंडल ने बताया कि यहां के भूस्वामियों के निमित्त संचालित हल्का कचहरी को हटाये जाने से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है. उन्होंने कर्मचारी की कार्य शैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब वे शौचालय संबंधित दस्तावेज पर हस्ताक्षर कराये जाने को लेकर कर्मचारी के पास गये तो उनके साथ हस्ताक्षर के एवज में राशि की मांग की गयी. जोल्हनियां निवासी दुखी डाक्टर ने बताया कि कर्मचारियों के अभाव में अंचल कार्यालय द्वारा कर्मचारी को एक से अधिक पंचायत के कार्यों का निबटारा किया जा रहा है. लेकिन कर्मचारी अपनी परेशानी गिना कर लोगों से अतिरिक्त पैसा लेकर कार्य करते हैं.
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