नहीं रुक रहा है सीमा पर पेट्रोलियम पदार्थ की तस्करी

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नहीं रुक रहा है सीमा पर पेट्रोलियम पदार्थ की तस्करी फोटो-कैप्सन-प्रतिनिधि, वीरपुर लाख कोशिशों के बावजूद भारत-नेपाल सीमा पर पेट्रोलियम पदार्थ की तस्करी पर अंकुश नहीं लग पा रहा है.एसएसबी के अधिकारी भी अब मानने लगे हैं कि स्थानीय पुलिस प्रशासन के बिना इसे रोक पाना संभव नहीं है. इसकी मुख्य वजह भारत-नेपाल की खुली […]

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नहीं रुक रहा है सीमा पर पेट्रोलियम पदार्थ की तस्करी फोटो-कैप्सन-प्रतिनिधि, वीरपुर लाख कोशिशों के बावजूद भारत-नेपाल सीमा पर पेट्रोलियम पदार्थ की तस्करी पर अंकुश नहीं लग पा रहा है.एसएसबी के अधिकारी भी अब मानने लगे हैं कि स्थानीय पुलिस प्रशासन के बिना इसे रोक पाना संभव नहीं है. इसकी मुख्य वजह भारत-नेपाल की खुली सीमा है. भारतीय प्रभाग के पेट्रोल पंपो के खुलने के साथ ही छोटे-मोटे तस्करों द्वारा गेलनों में पेट्रोल व डीजल के लिए लगी लंबी लाइन इस बात का द्योतक है कि सीमा पर पेट्रोलियम पदार्थ की तस्करी रोकना आसान नहीं है. सूत्रों की माने तो दिन के उजाले में पेट्रोल पंपो से गैलन में तेल भरने के बाद तस्कर किसी निर्धारित स्थान पर जमा करते हैं. रात होने पर उसे नेपाल ले जाया जाता है. नेपाल में जारी लगातार मधेशी आंदोलन की वजह से वहां पेट्रोलियम पदार्थों के साथ जरूरत की कई अन्य साामन के लिए लोग भारत का रुख करते हैं. नेपाल में जारी मधेशी आंदोलन का प्रभाव भारतीय प्रभाग में किस प्रकार हो रहा है. इस बाबत प्रभात खबर ने सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों से उनकी राय ली. कहते है सीमावर्ती क्षेत्र के लोगकामिनी झा ने बताया कि भारत व नेपाल का संबंध बेटी और रोटी का है. भारत और नेपाल के संबंधों के बीच जो भी घटनाएं होती हैं. उसका असर दोनों देशों के ऊपर पड़ता है. आज जब नेपाल में मधेशी अपना आंदोलन कर रहे हैं, तो स्वाभाविक तौर पर हमारी सहानुभूति मधेशियों के प्रति है. बावजूद भारतीय लोगों की समस्या सर्वोपरि है. इसलिए नेपाल में जारी मधेशी आंदोलन का भारतीय को समर्थक होना चाहिए और सीमावर्ती क्षेत्र में भारत से पेट्रोलियम पदार्थ की तस्करी कर नेपाल ले जाने का जो तांडव अभी चल रहा है. उसे खत्म करना चाहिए, ताकि नेपालियों को यह समझ में आये कि भारत उसके लिए कितना महत्वपूर्ण है.सुल्ताना परवीन का मानना है कि कृषि विभाग द्वारा सीमावर्ती क्षेत्र के किसानों के लिए अलग से डीजल की खरीदारी का प्रावधान करना चाहिए, ताकि चिह्नित किसान ही पेट्रोल पंप से डीजल की खरीदारी कर सकें. इससे तस्करों पर रोक लगाने में आसानी होगी.विजय कुमार गुप्ता का कहना है कि तेल की ज्यादातर तस्करी दो पहिया वाहनों से की जाती है. भारत -नेपाल सीमा के बीच सबसे अहम मुद्दा भंसार का है. भंसार का प्रावधान ऐसा है कि भारतीय लोगों को नेपाल में प्रवेश करने के लिए एक विशेष शुल्क देना पड़ता है, जबकि भारत आने वाले नेपाली नागरिकों को कोई भी शुल्क नहीं देना पड़ता है. इसकी वजह से नेपाल के लोग आसानी से बिना किसी भय के भारतीय प्रभाग में प्रवेश कर जाते हैं. इस पर रोक लगना आवश्यक है. खास कर जबकि अभी मधेशी आंदोलन हो रहा है.बिट्टू पाठक ने बताया कि सीमा पर पेट्रोलियम पदार्थों की तस्करी में एसएसबी के जवानों की संलिप्तता से भी इनकार नहीं किया जा सकता है, क्योंकि सीमावर्ती इलाके की जिम्मेवारी एसएसबी के पास ही है. मो मुर्तजा कहते हैं कि नेपाल में व्याप्त तेल संकट का सबसे अधिक फायदा पेट्रोल पंप वाले उठा रहे हैं. रात के अंधेरे में पेट्रोल पंपों द्वारा तस्करों से अधिक मूल्य वसूल कर धड़ल्ले से डीजल व पेट्रोल बेचा जा रहा है.टीपू मिश्रा का मानना है कि आज पेट्रोलियम पदार्थों की तस्करी के कारण ही भारतीय प्रभाग के लोगों को अपनी गाड़ी में तेल लेने में काफी परेशानी होती है.कहते हैं अधिकारी एसएसबी 45 वीं बटालियन के कमांडेंट आर भलोठिया ने बताया कि पेट्रोल पंपों पर किसान और तस्कर की पहचान करना सिविल प्रशासन का कार्य है. लोगों को गैलनों में तेल मिलना बंद हो जायेगा, तो इसका असर खुद ब खुद दिख जायेगा. वहीं एसडीपीओ सुधीर कुमार का कहना है कि थाने को सतर्क रहने का आदेश दिया गया है. जल्द ही इस पर रोक लगा लिया जायेगा. एसडीओ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि कुछ और प्रशासनिक कदम उठाये जाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है.

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