चार शक्षिकों के कंधे पर पांच छात्रों को पढ़ाने की जम्मिेवारी
चार शिक्षकों के कंधे पर पांच छात्रों को पढ़ाने की जिम्मेवारी ³ff¸ffadIY°f 188 ¸fZÔ 05 LXfÂf CX´fdÀ±f°f, 75 LXfÂfûÔ IYû E¸fOXeE¸f QZ³fZ IYf QfUfफोटो -14 कैप्सन- बरामदे पर 5 छात्रों को पढ़ाते 4 शिक्षकप्रतिनिधि, मरौना राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में भले ही प्रयासरत हो लेकिन प्रखंड क्षेत्र में संचालित विद्यालयों […]
चार शिक्षकों के कंधे पर पांच छात्रों को पढ़ाने की जिम्मेवारी ³ff¸ffadIY°f 188 ¸fZÔ 05 LXfÂf CX´fdÀ±f°f, 75 LXfÂfûÔ IYû E¸fOXeE¸f QZ³fZ IYf QfUfफोटो -14 कैप्सन- बरामदे पर 5 छात्रों को पढ़ाते 4 शिक्षकप्रतिनिधि, मरौना राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में भले ही प्रयासरत हो लेकिन प्रखंड क्षेत्र में संचालित विद्यालयों की स्थिति काफी दयनीय है.आदर्श ग्राम पंचायत सरोजा बेला में ऐसे कई विद्यालय हैं, जहां शिक्षकों के अनुपात में छात्रों की उपस्थिति नहीं के बराबर है.इन विद्यालयों में शिक्षक कुरसी पर बैठे-बैठे छात्रों को शिक्षा का पाठ पढ़ाते हैं. मंगलवार को उत्क्रमित मध्य विद्यालय सिमराहा में पदस्थापित चार शिक्षक व शिक्षिका कुरसी पर बैठ कर गप लड़ाने में मशगूल दिखे.वहीं विद्यालय परिसर में मात्र पांच बच्चे खेलते नजर आये. विद्यालय के प्रधानाध्यापक राम विलास साह ने बताया कि बगल में एक संस्कृत विद्यालय है, वहां के शिक्षक इस विद्यालय में नामांकित छात्रों को पकड़ कर ले जाते हैं.उन्होंने बताया कि मंगलवार को वैसे भी छात्रों की संख्या में कमी रहती है.बताया कि 25 से 50 बच्चे नियमित रूप से विद्यालय आते हैं.सबसे दिलचस्प बात है कि प्रधानाध्यापक ने 75 बच्चों के लिए एमडीएम बनाये जाने की जानकारी दी.जबकि विद्यालय में केवल पांच छात्र ही उपस्थित थे.पूछने पर उन्होंने बताया कि एमडीएम वितरण के समय सभी छात्र थाली लेकर पहुंच जाते हैं.वहीं मौके पर उपस्थित छात्रों ने बताया कि यहां पदस्थापित सभी शिक्षक नियमित रूप से विद्यालय आते हैं.लेकिन विद्यालय में शैक्षणिक माहौल की कमी एवं शिक्षकों द्वारा पढ़ाने में रुचि नहीं लिये जाने के कारण अधिकांश बच्चे विद्यालय नहीं आना चाहते.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










