मीट की बक्रिी में नर्धिारित मानकों का नहीं हो रहा अनुपालन

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मीट की बिक्री में निर्धारित मानकों का नहीं हो रहा अनुपालन फोटो-02,03कैप्सन- मांस की दुकान व दुकान के बगल गंदगी का जमावड़ा.प्रतिनिधि सुपौल सरकार द्वारा जहां लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा हेतु कई तरह के कार्यक्रम चलाये जाते है. वही नगर क्षेत्र के मांसाहारी लोगों को मिलने वाला मीट स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से कितना सही […]

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मीट की बिक्री में निर्धारित मानकों का नहीं हो रहा अनुपालन फोटो-02,03कैप्सन- मांस की दुकान व दुकान के बगल गंदगी का जमावड़ा.प्रतिनिधि सुपौल सरकार द्वारा जहां लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा हेतु कई तरह के कार्यक्रम चलाये जाते है. वही नगर क्षेत्र के मांसाहारी लोगों को मिलने वाला मीट स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से कितना सही है, उसकी तरफ किसी का ध्यान नहीं जा रहा है. नगर परिषद क्षेत्र में स्टेशन चौक, गुदरी हटिया आदि कई स्थानों पर मांस की बिक्री की जाती है, लेकिन दुर्भाग्य है कि मांस बिक्री में प्रशासन द्वारा निर्धारित मानकों का अनुपालन नहीं किया जाता है. आलम यह है कि काटे जा रहे बकरे की स्वास्थ्य जांच नहीं की जाती है. इससे लोगों को कई प्रकार की बीमारियों से ग्रसित होने का खतरा मंडराता रहता है. मांस की दुकानों पर साफ – सफाई की भी उचित व्यवस्था नहीं रखी जाती है. वहीं इन जगहों पर गंदगी व कचरे का अंबार देखा जाता है. बाजार में मिलने वाली मीट के भाव का सरकारी स्तर पर निर्धारण नहीं किया गया है. इसके कारण लोगों को महंगे दाम पर मांस की खरीद उनकी विवशता बनी हुई है. मांस की दुकान में बकरा काटने के पूर्व उसका स्वास्थ्य परीक्षण किये जाने का प्रावधान है. पर, जिला मुख्यालय स्थित मांस की दुकानों में काटे जा रहे बकरों का स्वास्थ्य परीक्षण नहीं किया जाता है. वहीं पशु क्रूरता अधिनियम के तहत 06 माह से नीचे के पशुओं को काटना कानूनन वैध नहीं है. ऐसा करने पर यह कानूनी जुर्म के साथ आम लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है. सबसे अहम कि मुख्य बाजार की सड़कों के किनारे खुलेआम इन दुकानों पर सुबह शाम बकरों का वध किया जाता है. इसके कारण इन सड़कों से गुजरने वाले विशेष कर शाकाहारी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है.कहते हैं पशु चिकित्सकपशु चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ दिलीप कुमार ने बताया कि किसी रोग से संक्रमित पशुओं का मांस खाने से अनेक प्रकार के रोग की आशंका रहती है. यह कटने वाले पशु पर निर्भर करता है कि वह किस रोग से ग्रस्त है. इसके साथ ही की दुकानों के अगल-बगल नाला व साफ-सफाई की भी समुचित व्यवस्था होनी आवश्यक है. कहते हैं मांस दुकानदारस्टेशन चौक स्थित मांस दुकानदार मो इरफान, मो कलाम , मो मुस्ताक आदि ने बताया कि नगर परिषद द्वारा मांस के दुकान व इसके ईद-गिर्द समुचित साफ-सफाई नहीं की जाती है. कभी कभार ही नगर परिषद के सफाई कर्मी यहां नजर आते हैं. इसलिए यहां गंदगी व जलजमाव की स्थिति रहती है. कहते हैं नप अधिकारी कार्यपालक पदाधिकारी एस के मिश्रा ने बताया कि मांस की दुकान में कटने वाले पशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण व रेट निर्धारण का कार्य नगर परिषद का नहीं है. नगर परिषद द्वारा नगर क्षेत्र में कुल 9 लाइसेंस धारी दुकानदार हैं. उनके कार्यकाल में रोड के बगल में स्थित मांस की दुकानों में बकरे की कटिंग को बंद कर दिया गया है.

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