शराब बंदी : सरकार का साहसपूर्ण फैसला
शराब बंदी : सरकार का साहसपूर्ण फैसला फोटो-07 से 11 तककैप्सन- प्रतिक्रिया व्यक्त करने वालों का फाइल फोटो.वीरपुर बिहार की सत्ता पर काबिज होने के बाद नीतीश कुमार द्वारा चुनाव में किये गये वायदों के अनुरूप आगामी 01 अप्रैल से बिहार में शराब बंदी पर जहां शराबियों में निराशा छा गयी है. वही महिलाएं सरकार […]
शराब बंदी : सरकार का साहसपूर्ण फैसला फोटो-07 से 11 तककैप्सन- प्रतिक्रिया व्यक्त करने वालों का फाइल फोटो.वीरपुर बिहार की सत्ता पर काबिज होने के बाद नीतीश कुमार द्वारा चुनाव में किये गये वायदों के अनुरूप आगामी 01 अप्रैल से बिहार में शराब बंदी पर जहां शराबियों में निराशा छा गयी है. वही महिलाएं सरकार के इस फैसले की जम कर तारीफ कर रही है. महिलाओं की खुशी की वजह भी है. क्योंकि नीतीश कुमार के शासन काल में ही महिलाओं को पचास प्रतिशत का आरक्षण दिया गया था. दोबारा मुख्यमंत्री बनने पर बिहार के राजस्व की परवाह नहीं करते हुए. यह साहस पूर्ण फैसले की सभी तारीफ करने में लगे हैं. क्योंकि गरीब बिहार के आमदनी का सबसे बड़ा श्रोत शराब रहने के बावजूद यह फैसला आया है. इस फैसले से जहां नीतीश के प्रति महिलाओं में जो सम्मान बढ़ा है. उससे इतर कुछ लोग मानना है कि सरकार के इस फैसले के बाद बिहार में शराब की कालाबाजारी को बढ़ावा मिलेगा. प्रभात खबर ने अनुमंडल क्षेत्र के लोगों की शराब बंदी पर ली रायशुमारी.क्या कहती है अनुमंडल क्षेत्र की जनतानगर पंचायत के वार्ड नंबर 11 की शिक्षिका शबनम आरा कहती है कि नीतीश कुमार द्वारा लिये गये इस महत्वपूर्ण फैसले से अगले पांच वर्षों में किये जाने वाले कार्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का संकेत मिलता है. मुख्यमंत्री के इस फैसले के बाद लगने लगा है कि बिहार में अच्छे दिन जरूर आयेंगे. बैंक अधिकारी पूजा कुमारी का कहना है कि शराब की बिक्री बिहार सरकार की आय का बहुत बड़ा श्रोत रहा है. बावजूद सरकार द्वारा अप्रैल से पूर्ण शराबबंदी की घोषणा से सरकार का विश्वास झलकता है. रेखा देवी कहती हैं कि मुख्यमंत्री ने नीतीश कुमार द्वारा चुनाव पूर्व किये गये वायदों को निभाया है. अब सरदार द्वारा चुनाव के समय किये गये अन्य वायदों पर अमल करना चाहिए. बेचनी देवी बताती हैं कि शराब की लत के कारण पूरे बिहार में लाखों परिवार इसकी आदतों की वजह से प्रभावित थे. जिस कारण कई परिवार की हालत काफी खराब हो चुकी थी. सरकार के इस फैसले से कई घर उजड़ने से बच जायेंगे. व्यवसायी सुरेंद्र झा ने बताया कि शराब की बिक्री से सरकार को सालाना लगभग 04 हजार करोड़ के राजस्व की आमदनी होती थी. बंदी के बाद बिहार की हालत हरियाणा के तरह हो जायेगी. जहां हरियाणा सरकार द्वारा शराब पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिये जाने के बाद वहां शराब की कालाबाजारी काफी बढ़ गई थी.
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