किसान जैविक खाद का करें उपयोग

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प्रतापगंज : प्रखंड कार्यालय परिसर में रविवार को प्रखंड स्तरीय रबी महोत्सव सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया.कार्यक्रम का उद्घाटन प्रमुख रमेश प्रसाद यादव, उप प्रमुख कार्तिक भिंडवार, जिला सहायक उद्यान निदेशक ज्ञान चंद व अंचलाधिकारी अरुण कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. प्रखंड प्रमुख श्री यादव की अध्यक्षता में आयोजित […]

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प्रतापगंज : प्रखंड कार्यालय परिसर में रविवार को प्रखंड स्तरीय रबी महोत्सव सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया.कार्यक्रम का उद्घाटन प्रमुख रमेश प्रसाद यादव, उप प्रमुख कार्तिक भिंडवार, जिला सहायक उद्यान निदेशक ज्ञान चंद व अंचलाधिकारी अरुण कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया.

प्रखंड प्रमुख श्री यादव की अध्यक्षता में आयोजित इस एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिला सहायक उद्यान निदेशक ज्ञान चंद ने कहा कि खेतों की उर्वरक शक्ति कायम रखने के लिए अधिक से अधिक जैविक खाद्य का प्रयोग किसानों को करना चाहिए. बताया इससे इससे फसलों पर कम से कम कीटाणू का आक्रमण होता है.

उन्होंने बताया कि रासायनिक खाद्य के ज्यादा उपयोग से जमीन की उर्वरा शक्ति क्षीण होती है. कहा खेतों में नाइट्रोजन, फॉस्फोरस व पोटाश का अनुपात 4:2:1 में ही होना चाहिए.

इससे ज्यादा रासायनिक तत्वों का प्रयोग खेत के लिए हानिकारक होता है. बताया जानकारी के अभाव में किसान अधिक पैदावार हेतु खेत में अधिक फॉस्फोरस का उपयोग करते है.

जिससे उपजाऊ जमीन बंजर हो जाती है. उन्होंने किसानों को अपनी जमीन में पीएसबी के उपयोग करने की सलाह दी. कहा सघन बागवानी योजना के तहत किसानों को केला, पपीता, एवं आम की खेती के लिए जिला उद्यान किसनपुर के द्वारा मुफ्त पौधा दिया जा रहा है.

वहीं प्रमुख श्री यादव ने अपने संबोधन में कहा कि कृषि के नये तकनीक अपना कर किसान अपने खेतों की उर्वरा शक्ति के साथ अपने आय का श्रोत भी बढ़ा सकते हैं. मौके पर मौजूद राघोपुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र की वैज्ञानिक डा संगीता मेहता ने किसानों को मशरुम की खेती करने की सलाह दी. बताया कि मशरुम की खेती से किसानों को कई तरह के फायदे हैं.

क्योंकि इससे किसानों को अच्छी आमदनी के साथ मशरुम के आहार के रुप में प्रयोग से कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से भी निजात मिलता है. किसान सियाराम यादव ने अपने अनुभव से किसानों को अवगत कराते कहा कि किसानों की सोच कम लागत में अधिक आमदनी होनी चाहिए. इसलिए वैज्ञानिकों द्वारा बताये गये पद्धति के अनुसार ही खेती करनी चाहिए.

कार्यशाला का संचालन प्रखंड कृषि पदाधिकारी नागेंद्र पूर्वे ने किया. मौके पर कृषि समन्वयक निलेश कुमार मनोज, कृषि सलाहकार नवल किशोर चौधरी, मनोज कुमार, जय प्रकाश मंडल, श्याम सुंदर शर्मा सहित भारी संख्या में किसान मौजूद थे.

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