नागरिकता संशोधन बिल वापस लेने की मांग को लेकर किया रोड जाम, प्रदर्शन
Updated at : 12 Dec 2019 8:10 AM (IST)
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सुपौल : कारवाने अमन व इंसाफ संगठन के बैनर तले नागरिक संशोधन बिल विधेयक की तत्काल वापसी की मांग को लेकर बुधवार को स्थानीय हुसैन चौक के समीप सुपौल-सहरसा पथ को जाम कर प्रदर्शन किया गया. प्रदर्शनकारी नागरिक संशोधन बिल विधेयक को तत्काल स्वरूप में वापस लेने की मांग कर रहे थे. प्रदर्शनकारियों द्वारा मांगों […]
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सुपौल : कारवाने अमन व इंसाफ संगठन के बैनर तले नागरिक संशोधन बिल विधेयक की तत्काल वापसी की मांग को लेकर बुधवार को स्थानीय हुसैन चौक के समीप सुपौल-सहरसा पथ को जाम कर प्रदर्शन किया गया. प्रदर्शनकारी नागरिक संशोधन बिल विधेयक को तत्काल स्वरूप में वापस लेने की मांग कर रहे थे.
प्रदर्शनकारियों द्वारा मांगों से संबंधित ज्ञापन जिला पदाधिकारी को सौंपा गया. जिसमें कहा गया है कि यह बिल संविधान के आर्टिकिल 14 के मूल भावना के विरोध में है.
जिसमें देश के नागरिकों को एक समान अधिकार दिया जाना है. बिल के माध्यम से मुस्लिमों को छोड़ कर बांकी सारे समाज को नागरिकता मिल जायेगी. नागरिक संशोधन विधेयक बाहर देशों से लोगों को भारत आने और नागरिकता पाने के लिये प्रोत्साहित करता है. विधेयक धर्म के नाम पर नागरिकता प्रदान करने की बात करता है, जो संविधान की मूल भावना के खिलाफ है.
उन्होंने कहा कि नागरिक संशोधन विधेयक को तत्काल वापस लिया जाय, अन्यथा समविचारी संगठनों के साथ मिल कर देश भर में जन आंदोलन किया जायेगा. इस अवसर पर आफताब आलम, मुफ्ती नेहाल नदवी, मुफ्ती जियाउद्दीन काशमी, मो जमाल उद्दीन, मौलाना सलीम, सादिक अली, साजिद हुसैन, मो जहीर, मो इस्लाम, मो कमाल उद्दीन, साकिब इकबाल, आफताब आलम, अख्तर हुसैन, मो कमाल, मो वसी, मौलाना अकबर, मौलाना जियाउर्र रहमान, मो काशीम, मो तन्वीर, मो जुबैर, मो सोएब, मो दानिश, मो मंजर, मो मोजम्मील, मो सनोवर आदि मौजूद थे.
नागरिकता संशोधन िबल के विरोध में आक्रोश मार्च, गृह मंत्री का फूंका पुतला
छातापुर. नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में बुधवार को खादिम ए मजलिश खलिकुल्लाह अंसारी के नेतृत्व में आक्रोश मार्च निकाला गया. महद्दीपुर बाजार से निकाला गया आक्रोश मार्च एसएच 91 पर पहुंचा. जहां हाथ में तख्ती लिये कार्यकर्ताओं ने देश के गृहमंत्री अमित शाह का पुतला दहन किया.
इस दौरान कार्यकर्ताओं ने पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री श्री शाह के विरुद्ध जमकर नारेबाजी करते इस बिल को देश के लिए काला बिल बताया. श्री अंसारी ने कहा कि केंद्र सरकार एनआरसी व सीएबी लाकर सरकार देश में अमन चैन और गंगा-जमुनी तहजीब को खत्म करने की साजिश कर रही है. भारत एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है. जहां सभी धर्म समुदायों के लोग साथ मिलकर रहते हैं.
उन्होंने भाजपा सरकार पर देश में नफरत फैलाने की कोशिश करने का आरोप लगाया. मार्च में राजद अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रखंड अध्यक्ष सद्दाम हुसैन, मो जफरुल होदा, मो रेहान फजल, मो रजाउल्लाह अंसारी, मो साबिर हुसैन, रहमतुल्लाह रहमानी, इंतखाब खान, अकील ओबैसी, तौसीफ चांद, आफाक खान, मो जियाउल, मो गयास, मो इजहार आलम, आदिल खान देवबंदी, अल्ताफ मंजर, मो सद्दाम खान, मो पिंकू, रजिम राजा, हाफिज इस्माइल, हाफिज आफाक कासमी, बाला जी, मो मिठ्ठू सहित दर्जनों लोग शामिल हुए.
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