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दोपहर बाद खिली धूप ने दिलायी ठंड से राहत, शाम में फिर बढ़ी कनकनी

Updated at : 22 Dec 2025 10:41 PM (IST)
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दोपहर बाद खिली धूप ने दिलायी ठंड से राहत, शाम में फिर बढ़ी कनकनी

अधिकतम तापमान 20 डिग्री व न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया

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सीवान. सप्ताह भर कोहरा व ठंड से परेशान लोगों के लिए सोमवार का दिन राहत भरा रहा. दोपहर धूप खिलने से लोग अपने घरों से निकले, जिससे बाजारों में खासी रौनक रही. धूप में बच्चों और बुजुर्गों ने आनंद लिया, लेकिन शाम में कोहरा व ठंड का प्रकोप बढ़ गया, जिससे शाम को मौसम सर्द बना रहा.विगत दस दिनों से ठंड का प्रकोप जारी है. कभी दिन में खिली धूप लोगों को राहत देती है तो कभी धूप के बीच सर्द हवा लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर देती है. धूप से लोगों के चेहरे खिले दिखे. बाजारों में खरीददारी करने वालों की भीड़ रही. वहीं, शाम को धूप जाते ही सर्दी ने फिर तेवर दिखाने शुरू कर दिए. ठंडी हवाओं के साथ मौसम में बदलाव देख लोग घरों में जाकर कैद हो गए.

इस सर्दी की वजह से शहर सहित ग्रामीण अंचल का सामान्य जन-जीवन प्रभावित बना हुआ है. ठंड के कारण लोग या तो रजाईयों में दुबके हैं या फिर अलाव के सहारे सर्दी से बच रहे हैं. सोमवार को अच्छी धूप खिलने से लोगों को ठंड से थोड़ी राहत मिली लेकिन शाम होते ही सर्दी तेज हो गई. अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस एवं न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. आसमान में बादलों के डेरे ने तापमान को बढ़ाया जरूर, लेकिन ठंड में कोई कमी नजर नहीं आई. दोपहर बाद सर्दी का असर बढ़ता चला गया. इस मौसम का असर मार्केट पर भी साफ नजर आया और बाजार सूनसान दिखे. दुकानदार सामूहिक रूप से जगह-जगह अलाव तापते दिखाई दिए.

गेहूं-चना के लिए फायदेमंद बना मौसम

सर्दी का यह मौसम भलें ही सरसों सहित अन्य फसलों के लिए नुकसानदायक मानी जा रही हो. लेकिन इस मौसम से गेहूें एवं चने की फसल को काफी फायदा हो रहा है. एक तरह से इस मौसम को फसलों के लिहाज से अमृत कहा जाए तो कोई अतिश्योक्ति नही होगी.लेकिन आकाश में छाए बादलों ने किसानों को चिंता में डाल दिया है.जो किसान सरसो व सब्जियों की खेती किए है.वे परेशान है.

गलन भरी ठंड में बीमार पड़ रहे लोग

सर्द गर्म से लोगों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है. रोगियों को सांस की नली का भी संक्रमण हो रहा है. गुर्दे, लिवर, ब्लडप्रेशर और डायबिटीज के रोगियों की तबीयत बिगड़ी है.ठंड की वजह से पुराने रोगियों की हालत खराब हो रही है. साथ ही ठंड लगने से भी लोगों की मौत हो रही है. नसों में सिकुड़न की वजह से रोगियों की उंगलियां काली पड़ रही हैं.साथ ही हार्ट और ब्रेन अटैक के रोगी लगातार आ रहे हैं. बच्चों में विंटर डायरिया और निमोनिया की समस्या हो रही है.

अभी और सताएगी ठंडमौसम वैज्ञानिक की माने तो फिलहाल एक पखवारा तक ठंड से राहत नही मिलने वाली है. बादलों और कोहरे के बाद साफ हुए मौसम में ठंड का प्रकोप बढ़ेगा.हवा का रुख पूर्वी पश्चिमी हुआ तो शीतलहर का प्रकोप बना रहेगा. अभी बारिश के आसार बने हैं. इस बार की ठंड भविष्य के लिए अच्छे संकेत दे रही है. इस वक्त पश्चिमी विक्षोभ का माहौल है. अगर हवाएं पूर्वी पश्चिमी हुईं तो ठंड और तेज हो जाएगी.तापक्रम में अंतर के साथ ठंड का प्रकोप बना रहेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Shashi Kant Kumar

लेखक के बारे में

By Shashi Kant Kumar

Shashi Kant Kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

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