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तकनीकी शिक्षा में सीवान की लंबी छलांग

Updated at : 27 Dec 2025 8:41 PM (IST)
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तकनीकी शिक्षा में सीवान की लंबी छलांग

शिक्षा जगत में बेसिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए, जीइसी के छात्रों का हुआ प्लेसमेंट, तो शुरू होने को है एमसीएच

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मनीष गिरि, सीवान. विकास के लिहाज से वर्ष 2025 में जिले का नाम विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियों का रहा. इसका मंथन करें तो शिक्षा जगत में बेसिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा सहित तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र मे उल्लेखनीय कार्य हुए. इन उपलब्धियों के बीच अध्ययनरत होनहारों ने देश में जिले का नाम रोशन किया. सीवान इंजीनियरिंग कॉलेज के चार छात्रों को जहां देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में प्लेसमेंट मिला है, वहीं नये वर्ष में मैरवा मेडिकल कॉलेज में दवाई से लेकर पढ़ाई की सुविधा मिलने की उम्मीद से जिलेवासी अभिभूत हैं. वहीं, दूसरी ओर विद्यालय आधारित योजनाओं के सफल संचालन से शिक्षा के प्रति छात्र व अभिभावकों का रुझान भी बढ़ा है.

उच्च शिक्षा व्यक्ति को समाज का सक्रिय सदस्य बनाने में मदद करती है, वहीं दूसरी ओर रोजगार के अवसर भी पैदा करती है, जिससे विकास की गाथा गढ़ने में मदद मिलती है. मैट्रिक और इंटर की पढ़ाई पूरी होने के बाद बच्चों को उच्च तकनीकी शिक्षा दिलाने के लिए दूसरे राज्यों में भेजने व आर्थिक बोझ की चिंता से ग्रस्त अभिभावकों को राह मिलने की उम्मीद है.

भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर तक का सफर तय कर रहे छात्र

75.14 करोड़ रुपये की लागत से सुता फैक्ट्री की जमीन पर बने सीवान इंजीनियरिंग कॉलेज में सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल व कंप्यूटर सहित अन्य पाठ्यक्रमों की पढाई हो रही है. प्राचार्य डॉ सूर्यकांत सिंह की मानें, तो आने वाले समय में सीवान तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में हब बनने जा रहा है. प्राचार्य का मानना है कि जिस जिला में उच्च शिक्षण संस्थान अधिक होता है, खासकर तकनीक के क्षेत्र में वहां रोजगार के अवसर अधिक होते हैं.

जीइसी के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के छात्र संदीप कुमार का भारत हेवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड, मैकेनिकल के छात्र नीरज कुमार पंडित का भेल एवं एचपीसीएल में चयन, इलेक्ट्रिकल के छात्र अनुपम कुमार का बीएसपीएचसीएल में चयन व राहुल कुमार का भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर में सहायक वैज्ञानिक पद पर चयन जिला के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. इसके अलावे इंजीनियरिंग कॉलेज के विकास के लिए कई कंपनियों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर भी हुए हैं.

पॉलिटेक्निक के छात्रों के आइडियाज की केंद्रीय मंत्री ने की सराहना

सिसवन के बावनडीह स्थित सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज, तकनीकी शिक्षा प्रदान करने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है. इसकी स्थापना 2018 में मुख्यमंत्री के सात निश्चय कार्यक्रम के तहत की गई थी. राजकीय पॉलिटेक्निक के लिए 2025 की सबसे बड़ी उपलब्ध उसके छात्रों के मिले विशेष सम्मान रहा है. बिहार सरकार के उद्योग विभाग की और से बीते 11 सितंबर को बापू सभागार पटना में बिहार आइडिया फेस्टिवल का भव्य समापन आयोजित किया गया. उस फेस्टिवल में पूरे बिहार से 25,000 से अधिक विचार प्राप्त हुए, जो बिहार की असीम प्रतिभा और नवाचार की क्षमता का जीवंत प्रमाण है. जिसमें केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सीवान पॉलिटेक्निक के छात्र अजीत कुमार और उनकी टीम के आइडियाज को सराहा और विशेष सम्मान के तहत 11 हजार रूपये का चेक देकर पुरस्कृत किया.

मेडिकल कॉलेज में दवाई से पढ़ाई की मिलेगी सुविधा

नये वर्ष में मेडिकल कालेज में ओपीडी की सेवा मिलने की संभावना है. 568 करोड़ 84 लाख की लागत से हो रहे 500 बेड के मेडिकल काॅलेज एंड हॉस्पीटल का निर्माण कार्य अब अंतिम दौर में है. नये वर्ष में इस मेडिकल काॅलेज में ओपीडी और बीएससी नर्सिग की पढ़ाई शुरू होने की उम्मीद है. यानी, जहां मरीजों को एक तरफ दवा मिलेगी वहीं दूसरी तरफ पढ़ाई भी होगी. यह प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है. माना जा रहा है कि अगले वर्ष 6 या 7 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आगमन के बाद मेडिकल कालेज में चिकित्सकीय सेवा मिलना शुरू हो जायेगा. 24 बिल्डिंग लगभग बनकर तैयार हो गया है. फिनिशिंग का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है.

विश्वविद्यालय ने परीक्षा आयोजित कर सत्र किया नियमित

लेट सत्र के लिए मशहूर जय प्रकाश विश्वविद्यालय छपरा लंबित परीक्षाओं का आयोजन कर सत्र को नियमित करने का काम किया है. परीक्षा नियंत्रक डॉ अशोक कुमार मिश्र ने बताया कि छात्र-छात्राओं की समस्या और विलंबित सत्र के प्रति योगदान के समय से ही कुलपति काफी संवेदनशील रहे हैं.

12 सौ स्कूलों में लगे सबमर्सिबल

बच्चों को स्वच्छ पेयजल की सुविधा मुहैया कराने के उद्देश्य से जिले में प्रारंभिक से लेकर उच्च माध्यमिक 12 सौ विद्यालयों में सबमर्शिबल पंप लगाया गया. बिहार आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड के कार्यपालक अभियंता मिथिलेश कुमार ने बताया कि इससे बच्चों को स्वच्छ पेयजल प्राप्त हो रहा है, जिससे वे पेट संबंधी कई बीमारियों से वंचित हो जायेंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Shashi Kant Kumar

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Shashi Kant Kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

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