सीवान: विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी, दो एजेंटों पर उपभोक्ता आयोग ने लगाया जुर्माना

विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 70 हजार रुपये ठगने वाले दो एजेंटों को सीवान जिला उपभोक्ता आयोग ने कड़ी फटकार लगाई है. आयोग ने उन्हें न सिर्फ ठगी गई पूरी रकम 6% वार्षिक ब्याज के साथ लौटाने का आदेश दिया है, बल्कि 15 हजार रुपये हर्जाना और मुकदमे का खर्च भी देने का निर्देश दिया है.
Siwan News: विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर 70 हजार रुपये लेने और सेवा उपलब्ध नहीं कराने के मामले में सीवान जिला उपभोक्ता आयोग ने दो एजेंटों के खिलाफ फैसला सुनाया है. आयोग ने दोनों को 70 हजार रुपये 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ लौटाने के अलावा 15 हजार रुपये मुआवजा और मुकदमे का खर्च देने का आदेश दिया है.
नौकरी का भरोसा देकर लिए थे 70 हजार रुपये
सदर प्रखंड के सरसर गांव निवासी मोहन प्रसाद ने आफताब आलम, मुसाफिर चौधरी और सलीम अंसारी के खिलाफ जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज करायी थी. शिकायत के अनुसार, तीनों विदेश में नौकरी दिलाने का काम करते थे. आरोपियों ने मोहन प्रसाद को खाड़ी देश में अच्छी नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था.
इसके बाद मोहन प्रसाद ने आफताब आलम के बैंक खाते में 20 हजार रुपये जमा किये. बाद में 50 हजार रुपये और देने के लिए कहा गया, जिसे उन्होंने गवाहों की मौजूदगी में दे दिया. शिकायतकर्ता का आरोप था कि राशि लेने के बाद न तो उन्हें विदेश भेजा गया और न ही पैसे वापस किये गये.
दो एजेंटों की सेवा में मिली कमी
मामले की सुनवाई के दौरान आयोग के अध्यक्ष जयराम प्रसाद और सदस्य मनमोहन कुमार ने उपलब्ध साक्ष्यों एवं दस्तावेजों की जांच की. आयोग ने पाया कि विपक्षी संख्या-1 आफताब आलम और विपक्षी संख्या-3 सलीम अंसारी की सेवा में त्रुटि थी. वहीं, विपक्षी संख्या-2 मुसाफिर चौधरी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर उन्हें मामले से मुक्त कर दिया गया.
6 प्रतिशत ब्याज के साथ लौटानी होगी राशि
आयोग ने आफताब आलम और सलीम अंसारी को संयुक्त रूप से या अलग-अलग 70 हजार रुपये 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ 30 दिनों के भीतर मोहन प्रसाद को लौटाने का आदेश दिया है. इसके अलावा मानसिक, शारीरिक और आर्थिक परेशानी के लिए 10 हजार रुपये तथा मुकदमे के खर्च के रूप में 5 हजार रुपये, यानी कुल 15 हजार रुपये अतिरिक्त भुगतान करने का निर्देश दिया गया है.
समय पर भुगतान नहीं किया तो बढ़ेगा ब्याज
आयोग ने स्पष्ट किया कि निर्धारित अवधि में आदेश का पालन नहीं होने पर 70 हजार रुपये की राशि पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देय होगा. इसके बाद भी भुगतान नहीं करने पर वादी उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा 72 के तहत आदेशित राशि की वसूली के लिए कानूनी कार्रवाई कर सकता है.
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By Prabhat Khabar News Desk
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