एफआरके समाप्त होते ही धान की कुटाई प्रभावित

Updated at : 17 Jan 2026 9:38 PM (IST)
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एफआरके समाप्त होते ही धान की कुटाई प्रभावित

जिले में एफआरके की उपलब्धता समाप्त होते ही धान की कुटाई और चावल तैयार करने की प्रक्रिया बुरी तरह प्रभावित हो गई है. स्थिति यह है कि उसना सीएमआर के लिए अब तक एक भी लॉट का एफआरके जारी नहीं किया गया है, जिससे संबंधित पैक्स और राइस मिलों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है.

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प्रतिनिधि, सीवान. जिले में एफआरके की उपलब्धता समाप्त होते ही धान की कुटाई और चावल तैयार करने की प्रक्रिया बुरी तरह प्रभावित हो गई है. स्थिति यह है कि उसना सीएमआर के लिए अब तक एक भी लॉट का एफआरके जारी नहीं किया गया है, जिससे संबंधित पैक्स और राइस मिलों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है. केवल अरवा के लिए ही 13 लॉट का एफआरके उपलब्ध कराया गया था. जिसके आधार पर आरवा राइस मिलों ने 13 लॉट सीएमआर तैयार कर बिहार राज्य खाद्य निगम को उपलब्ध करा दिया है.एफआरके नहीं मिलने के कारण सीएमआर तैयार करने की प्रक्रिया बाधित हो रही है. इसका सीधा असर पैक्स पर पड़ रहा है.धान की खरीद चल रहीं है, लेकिन कुटाई और सीएमआर आपूर्ति नहीं हो पाने से भुगतान प्रक्रिया अटकी हुई है. ऐसे में पैक्स को लिए गए ऋण पर लगातार ब्याज का बोझ बढ़ता जा रहा है. पैक्स अध्यक्ष व प्रबंधक का कहना है कि यदि शीघ्र एफआरके उपलब्ध नहीं कराया गया, तो उन्हें भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ सकता है.धान खरीद अभियान के तहत जिले में कुल 252 पैक्स का चयन किया गया है. पिछले ढाई माह के भीतर 7463 किसानों से कुल 43,187 टन धान की खरीद की जा चुकी है. इसके अनुपात में अब तक बहुत कम मात्रा में सीएमआर तैयार होकर बिहार राज्य खाद्य निगम को उपलब्ध कराया जा सका है. 377 टन चावल का आपूर्ति जानकारी के अनुसार अभी तक केवल 377 टन सीएमआर ही निगम को सौंपा गया है.बिस्कोमान गोदाम पर ही सीएमआर लिया जा रहा था, जिससे आपूर्ति प्रक्रिया अपेक्षाकृत सुचारू रूप से चल रही थी. लेकिन एफआरके की कमी के चलते अब यह व्यवस्था भी प्रभावित हो गई है.राइस मिलों का कहना है कि बिना एफआरके के फोर्टिफाइड चावल तैयार करना संभव नहीं है, जबकि सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार सीएमआर आपूर्ति के लिए एफआरके अनिवार्य है.पैक्स और राइस मिल संचालकों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से जल्द से जल्द उसना व आरवा के लिए एफआरके उपलब्ध कराने की मांग की है.उनका कहना है कि यदि एफआरके की आपूर्ति शीघ्र शुरू नहीं हुई, तो न केवल सीएमआर लक्ष्य प्रभावित होगा, बिहार राज्य खाद्य निगम के जिला प्रबंधक आसिफ इकबाल ने कहा कि जल्द ही एफआरके पहुंचने वाला है. इसके बाद धान कुटाई में तेजी आ जाएगी.

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