महिलाओं के विकास के बिना देश की तरक्की नहीं: डीएम

Updated at : 08 Mar 2025 9:29 PM (IST)
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महिलाओं के विकास के बिना देश की तरक्की नहीं: डीएम

डॉ आंबेडकर भवन के संवाद कक्ष में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर छात्राओं व महिलाओं के सम्मान को लेकर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसमें महिलाओं के कल्याण के लिये चलायी जा रही योजनाओं की जानकारी दी गयी. 1.73 करोड़ ऋण की राशि को विभिन्न महिला उद्यमियों के बीच वितरण भी किया गया.

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प्रतिनिधि, सीवान. डॉ आंबेडकर भवन के संवाद कक्ष में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर छात्राओं व महिलाओं के सम्मान को लेकर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसमें महिलाओं के कल्याण के लिये चलायी जा रही योजनाओं की जानकारी दी गयी. 1.73 करोड़ ऋण की राशि को विभिन्न महिला उद्यमियों के बीच वितरण भी किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी मुकुल कुमार गुप्ता, डीडीसी मुकेश कुमार सहित विभिन्न क्षेत्रों में अग्रणी महिलाओं के द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया. कार्यक्रम का आयोजन कला संस्कृति एवं युवा विभाग ,महिला विकास निगम एवं उद्योग विभाग एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित किया गया था. डीएम सहित अन्य अधिकारियों ने साहित्य,सामाजिक सेवा ,प्रशासन, खेल, कला एवं अन्य विधाओं में विशिष्ट उपलब्धि हासिल करने वाली महिलाओं को प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया. साहित्य के क्षेत्र में इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड , ब्रावो इंटरनेशनल बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड एवं अन्य पुरस्कारों से सम्मानित बड़हरिया निवासी युसरा फातमा को विशेष रूप से डीएम के द्वारा सम्मानित किया गया. डीएम ने कहा कि महिलाओं के विकास के बिना समाज व देश की तरक्की नहीं हो सकता है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा महिला सशक्तिकरण की दिशा में पिछले वर्षों में लगातार उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं. सन 2006 में पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 50% पद आरक्षण का प्रावधान किया गया. वर्ष 2007 में नगर निकायों में 50% पद महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया. 2006 में ही प्रारंभिक शिक्षक नियुक्ति में 50% पद महिलाओं के लिए आरक्षित करने के साथ,वर्ष 2013 में बिहार पुलिस में 35% पद महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया.वर्ष 2016 में अन्य सरकारी सेवा में 35% पद महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया.पुनः शैक्षणिक संस्थानों में नामांकन के लिए 33% सीट छात्राओं के लिए आरक्षित किया गया. इसके साथ ही राज्य के लगभग एक करोड़ से ऊपर जीविका दीदी को आर्थिक रूप से संबल बनाने हेतु लगातार उल्लेखनीय कार्य किये जा रहे हैं. डीएम ने कहा कि विद्यालयों में छात्राओं को शिक्षा का समान अवसर प्राप्त करने हेतु सरकार के द्वारा कई महत्वपूर्ण प्रोत्साहन की योजनाएं चलाई जा रही हैं. इनमें पोशाक योजना, साइकिल योजना, छात्रवृत्ति एवं बालिका छात्रावास योजना तथा अन्य योजनाएं शामिल हैं. आज पूरे देश में बिहार एक ऐसा एकमात्र राज्य है जहां महिलाओं को अवसर देने हेतु विभिन्न योजनाओं को सफलतापूर्वक कार्यान्वित किया जा रहा है. मौके पर सदर एसडीओ सुनील कुमार, डीपीओ आइसीडीएस तरणी कुमारी, डीआरसीसी के सहायक प्रबंधक सुनीता कुमारी, पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष लीलावती गिरि, नप उपसभापति किरण गुप्ता, शस्त्र शाखा के प्रधान सहायक कालिंदी कुमारी मौजूद रही.

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