गुठनी में अवैध खनन जारी, प्रशासन मौन

Published by : DEEPAK MISHRA Updated At : 13 Jan 2026 9:51 PM

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गुठनी के कई जगहों पर अवैध खनन जारी है. प्रखंड के कई जगहों से मिट्टी व बालू का अवैध खनन नदी के घाट से किया जा रहा है. जिसमें ग्यासपुर, सोनहुला, श्रीकरपुर गांव के नदी इलाको से कारोबारी अवैध खनन कर रहे है. स्थानीय लोगो की माने तो नदी द्वारा लाई गई मिट्टी व बालू को कारोबारी रात के समय ट्रकों पर जेसीबी से भर कर ले जाते है.

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गुठनी. गुठनी के कई जगहों पर अवैध खनन जारी है. प्रखंड के कई जगहों से मिट्टी व बालू का अवैध खनन नदी के घाट से किया जा रहा है. जिसमें ग्यासपुर, सोनहुला, श्रीकरपुर गांव के नदी इलाको से कारोबारी अवैध खनन कर रहे है. स्थानीय लोगो की माने तो नदी द्वारा लाई गई मिट्टी व बालू को कारोबारी रात के समय ट्रकों पर जेसीबी से भर कर ले जाते है. मिट्टी और बालू के खनन से जहां लोगों को काफी असुविधा होती है. वहीं बरसात के महीनों में नदी में बाढ़ आने से कटाव का खतरा और भी बढ़ जाता है. लोगो का कहना है कि कारोबारी बिना किसी सरकारी आदेश के नदी से मिट्टी व बालू का खनन करते है. और बाढ़ के दिनों में हम लोगो को अपना जान जोखिम में डाल कर नदी किनारे रहते है. नदी से अवैध खनन का कारोबार ग्यासपुर और श्रीकरपुर गांव के नदी इलाकों में सबसे ज्यादे है. बाढ़ के दौरान तटबंधों को क्षति पहुंचने का खतरा- थाना क्षेत्र के कई जगहों पर अवैध खनन से जहां आम आदमी को अपने जीवन व परिवार को लेकर चिंता है. वही खनन विभाग पूरी मामले में मूक दर्शक बना हुआ है. स्थानीय ग्रामीणों के कई बार शिकायत के बाद भी इस पर कोई भी कार्रवाई नही हुई है. लोगो का कहना है कि 2017 में इस तरह के खनन को लेकर स्थानीय थाने व सीओ को आवेदन देने पर कई लोगो के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था. और अवैध खनन पूरी तरह बंद हुआ. स्थानीय लोगो ने कहा कि अगर इस कारोबार को जल्द बंद नही किया गया तो हम सभी ग्रामीण मिल कर इसकी शिकायत डीएम व एसपी से करेंगे. सरकारी नियम ताक पर, खनन माफियाओं की जेब हो रही गर्म थाना क्षेत्र में चल रहे खनन पर भले ही खनन विभाग चुप्पी साधे हुए हैं. लेकिन इससे जुड़े कारोबारी नदी से बालू खनन कर मोटी रकम कमाते हैं. जबकि लोगो के जरूरतों के हिसाब से वह उनसे सौदा करते हैं. जिनमें ट्राली से करीब आठ सौ और बड़ी ट्राली से बारह सौ रुपये लेते हैं. इन मामलों को जांच पड़ताल के लिए पुलिस के पास समय नहीं रहता. जबकि ट्रालियों से भरा हुआ बालू ले जाते हुए कारोबारी खुलेआम देखे जा सकते हैं. खनन पदाधिकारी रागिनी कुमारी ने बताया कि इसकी सूचना मिलने के बाद विभाग द्वारा जांच किया जाएगा. जबकि इसकी जानकारी मेरे संज्ञान में नहीं है.

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