उच्च न्यायालय में लंबित मामलों को दें प्राथमिकता: डीएम
Published by : DEEPAK MISHRA Updated At : 12 Jan 2026 10:18 PM
समाहरणालय स्थित संवाद कक्ष में जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति की बैठक विभागों के वरीय पदाधिकारियों के साथ हुई. इस दौरान डीएम ने अंतर्विभागीय समस्याओं को लेकर विभागवार एवं योजनावार प्रगति की विस्तृत समीक्षा की. साथ हीं पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए.
सीवान. समाहरणालय स्थित संवाद कक्ष में जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति की बैठक विभागों के वरीय पदाधिकारियों के साथ हुई. इस दौरान डीएम ने अंतर्विभागीय समस्याओं को लेकर विभागवार एवं योजनावार प्रगति की विस्तृत समीक्षा की. साथ हीं पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए. उन्होंने पदाधिकारियों से कहा कि उच्च न्यायालय में लंबित मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखकर कार्य करें. अगर इसमें थोड़ी भी शिथिलता एवं लापरवाही बरती जाती है, तो संबंधित विभाग के पदाधिकारियों व कर्मियों की जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने जन शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ स-समय निष्पादन सुनिश्चित करने की भी बातें कही. कहा कि अनावश्यक रूप से लंबित रखने वाले पदाधिकारी से स्पष्टीकरण प्राप्त करें. सभी विभागों को एक सप्ताह के अंदर प्रगति लाने काे निर्देशित किया गया. जिलाधिकारी ने मनरेगा योजनाओं को स-समय पूर्ण करने का सख्त निर्देश दिया. साथ हीं चौर क्षेत्र के विकास हेतु योजना बनाने काे भी कहा. इसके अलावा ग्रामीण कार्य विभाग, नहर प्रमंडल, लघु सिंचाई, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, बाढ़ प्रमंडल आदि विभागों द्वारा संचालित हो रहे योजनाओं को स-समय पूर्ण करने को कहा. इसके अलावा भूमि की उपलब्धता, भूमि अतिक्रमण, सीमांकन, एनओसी जैसी मामलों को अविलंब समाधान करने काे निर्देशित किया. उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों से साफ व स्पष्ट शब्दों में कहा कि अंतर्विभागीय मामलों का अविलंब समाधान करें, ताकि विकास कार्यों को तेज गति प्रदान की जा सके. उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभाग भूमि की उपलब्धता, भू-अर्जन आदि मामलों को सीधे पोर्टल पर डालें, ताकि एडीएम राजस्व द्वारा उसपर त्वरित कार्रवाई करते हुए उसका समाधान किया जा सके. सेवांत लाभ से संबधित भुगतान के लिए ससमय भेजें प्रस्ताव विभागीय कार्यवाही के मामलों की समीक्षा के क्रम निर्देश दिया गया कि निर्धारित अवधि में ही स-समय पूर्ण करें. वहीं संचालन पदाधिकारी निर्धारित अवधि के अंदर अपनी रिपोर्ट देना सुनिश्चित करेंगे. इसके अतिरिक्त जिला नीलामपत्रवाद, जिला स्तरीय जनता दरबार में प्राप्त आवेदन, सीपी ग्राम, जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में प्राप्त आवेदनों, उच्च न्यायालय में चल रहे मामलों, सूचना का अधिकार, मानवाधिकार आदि से संबंधित मामलों की बारी-बारी से समीक्षा की गई. सेवांत लाभ की समीक्षा के क्रम में स-समय सेवांत लाभ उपलब्ध करवाने को कहा गया. डीएम ने कहा कि सभी विभागों के पदाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि सेवानिवृत होने वाले कर्मियों से 6 छह माह पूर्व से ही उनके सेवांत लाभ से संबधित भुगतान के लिए प्रस्ताव स्वीकृति हेतु सक्षम प्राधिकार को भेज दें, ताकि सेवा निवृत्ति के दिन ही उन्हें सभी प्रकार के सेवांत लाभों को दिया जा सके.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










