प्रतिनिधि, दरौंदा. एग्री-स्टैक परियोजना के अंतर्गत प्रखंड में किसानों की फार्मर रजिस्ट्री का कार्य कैंप के माध्यम से किया जा रहा है. बुधवार को प्रखंड के रामगढ़ा, रमसापुर, सिरसांव, कोडारीकला, शेरही, पकवलिया, पिनर्थु खुर्द एवं जलालपुर पंचायत में शिविर लगा. जहां लगभग 360 किसानों का केवाइसी एवं 80 किसानों का फार्मर रजिस्ट्रेशन हुआ. सिरसांव पंचायत में लगी शिविर का डीडीसी मुकेश कुमार ने निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने बताया कि किसानों को सरकारी योजनाओं का सहज, पारदर्शी एवं त्वरित लाभ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य की गई है. इसके – अंतर्गत प्रत्येक किसान की फार्मर आइडी बनाई जाएगी, जिसमें भूमि से संबंधित विवरण एवं आधार संख्या को डिजिटल रूप से एकीकृत किया जाएगा. बिहार भूमि डाटाबेस के आधार पर राजस्व ग्रामवार जमाबंदी का ऑनलाइन बकेट तैयार कर राज्य स्तर से फार्मर रजिस्ट्री की जा रही है. प्रखंड कृषि पदाधिकारी रामवीर सिंह यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि फार्मर रजिस्ट्री का प्रथम चरण चल रहा है,जो 09 जनवरी तक एवं द्वितीय चरण 18 जनवरी से 21 जनवरी तक आयोजित किया जाएगा. कृषि समन्वयक रामप्रीत गुप्ता ने बताया कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के लाभुकों को आगामी किस्त का लाभ प्राप्त करने के लिए अनिवार्य रूप से फार्मर रजिस्ट्री कैम्प में भाग ले. इसके लिए फार्मर रजिस्ट्री वेब पोर्टल/ऐप के माध्यम से बायोमेट्रिक अथवा फेस ऑथेंटिकेशन द्वारा ई के वाई सी सत्यापन एवं भूमि संबंधी दावा करना आवश्यक है. फार्मर रजिस्ट्री के लिए आवश्यक दस्तावेजों में आधार कार्ड, भूमि से संबंधित लगान रसीद एवं सक्रिय मोबाइल नंबर शामिल हैं. किसान कैंप में उपस्थित होकर फार्मर आईडी बनवा सकते हैं. फार्मर रजिस्ट्री पूर्ण होने के उपरांत किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ बार-बार सत्यापन के बिना प्राप्त होगा. बीडीओ शिम्पी कुमारी ने बताया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल बिक्री में सहूलियत, फसल क्षति की स्थिति में वास्तविक मुआवजा, प्रत्येक किसान की डिजिटल पहचान तथा पीएम किसान योजना सहित अन्य योजनाओं का निर्बाध लाभ सुनिश्चित होगा. इस दौरान आरओ स्वर्णिका चंद्रा, कृषि सलाहकार बलवंत कुमार राम सहित अन्य मौजूद रहें.
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