Saraswati Puja 2026 Panchak Yog: सरस्वती पूजा के दिन रहेगा पंचक, जानें शुभ योग, पूजा का महत्व और क्या करें–क्या न करें

Published by : Shaurya Punj Updated At : 09 Jan 2026 8:06 AM

विज्ञापन

सरस्वती पूजा 2026 में पंचक का योग

Saraswati Puja 2026 Panchak Yog: का पर्व विद्या, बुद्धि, कला और ज्ञान की देवी मां सरस्वती को समर्पित है. इसे बसंत पंचमी के नाम से भी जाना जाता है. साल 2026 में सरस्वती पूजा के दिन एक विशेष ज्योतिषीय संयोग बन रहा है, क्योंकि इस दिन पंचक योग भी रहेगा. ऐसे में श्रद्धालुओं के मन […]

विज्ञापन

Saraswati Puja 2026 Panchak Yog: का पर्व विद्या, बुद्धि, कला और ज्ञान की देवी मां सरस्वती को समर्पित है. इसे बसंत पंचमी के नाम से भी जाना जाता है. साल 2026 में सरस्वती पूजा के दिन एक विशेष ज्योतिषीय संयोग बन रहा है, क्योंकि इस दिन पंचक योग भी रहेगा. ऐसे में श्रद्धालुओं के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि पंचक के दौरान सरस्वती पूजा करना शुभ होगा या नहीं.

आइए जानते हैं सरस्वती पूजा 2026 की तिथि, पंचक का प्रभाव, पूजा का महत्व और जरूरी सावधानियां.

सरस्वती पूजा 2026 की तिथि और पंचक योग

वैदिक पंचांग के अनुसार, बसंत पंचमी / सरस्वती पूजा 2026 माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाएगी. इसी दिन चंद्रमा की स्थिति के कारण पंचक योग का संयोग बन रहा है, साथ ही इस बार पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र का भी निर्माण हो रहा है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पंचक सामान्यतः कुछ कार्यों के लिए अशुभ माना जाता है, लेकिन शास्त्रों में देवी-देवताओं की पूजा, व्रत और धार्मिक अनुष्ठानों पर पंचक का दोष नहीं लगता. इसलिए सरस्वती पूजा पर पंचक का कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं माना गया है.

सरस्वती पूजा 2026 का शुभ मुहूर्त

माता सरस्वती की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त 23 जनवरी 2026 को सुबह 7:15 बजे से दोपहर 12:50 बजे तक रहेगा.इस समय में पूजा करने से विद्या, बुद्धि और सफलता का आशीर्वाद प्राप्त होता है.

पंचक में सरस्वती पूजा करना क्यों शुभ माना जाता है?

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, पंचक का प्रभाव मुख्य रूप से गृह प्रवेश, यात्रा, चारपाई बनवाने जैसे सांसारिक कार्यों पर होता है. वहीं देवी सरस्वती की उपासना ज्ञान, विवेक और आत्मिक उन्नति से जुड़ी होती है, इसलिए इस पर पंचक बाधक नहीं बनता. धार्मिक ग्रंथों में स्पष्ट उल्लेख मिलता है कि देवी पूजा, जप, तप, व्रत और दान पर पंचक दोष लागू नहीं होता.

सरस्वती पूजा का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व

मां सरस्वती को विद्या, बुद्धि, वाणी और संगीत की देवी माना जाता है. सरस्वती पूजा के दिन विशेष रूप से विद्यार्थियों, लेखकों, कलाकारों, संगीत व कला से जुड़े लोगों को मां सरस्वती की कृपा प्राप्त होती है.

मान्यता है कि इस दिन पूजा करने से

  • एकाग्रता बढ़ती है
  • ज्ञान में वृद्धि होती है
  • पढ़ाई और करियर में सफलता मिलती है

सरस्वती पूजा 2026 पर क्या करें?

  • मां सरस्वती को पीले फूल और पीला भोग अर्पित करें
  • किताबें, वाद्य यंत्र और लेखन सामग्री पूजन स्थल पर रखें
  • “ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः” मंत्र का जप करें
  • बच्चों से पहली बार अक्षर लेखन (विद्यारंभ) कराएं

सरस्वती पूजा 2026 पर क्या न करें?

  • पूजा के दौरान क्रोध और वाणी दोष से बचें
  • आलस्य और नकारात्मक सोच से दूर रहें
  • विद्या से जुड़े साधनों का अपमान न करें

पंचक के बावजूद क्यों खास है सरस्वती पूजा 2026?

सरस्वती पूजा स्वयं में अत्यंत शुभ पर्व है. पंचक होने के बावजूद यह दिन विद्या आरंभ, ज्ञान साधना और आध्यात्मिक उन्नति के लिए श्रेष्ठ माना गया है. इसलिए श्रद्धालु बिना किसी संकोच के मां सरस्वती की पूजा कर सकते हैं.

ये भी पढ़ें: 22 या 23 जनवरी कब है सरस्वती पूजा? 

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा | 15+ वर्षों का अनुभव
ज्योतिष, वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
📞 8080426594 / 9545290847

क्या सरस्वती पूजा 2026 के दिन पंचक रहेगा?

हां, वैदिक पंचांग के अनुसार सरस्वती पूजा 2026 के दिन पंचक योग रहेगा, लेकिन इसका प्रभाव देवी पूजा पर नहीं पड़ता.

क्या पंचक में सरस्वती पूजा करना शुभ होता है?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पंचक का दोष देवी-देवताओं की पूजा, व्रत और जप पर लागू नहीं होता। इसलिए सरस्वती पूजा पूर्णतः शुभ मानी जाती है.

पंचक में विद्यारंभ या अक्षर लेखन कर सकते हैं?

हां, पंचक में विद्यारंभ, अक्षर लेखन और शिक्षा से जुड़े कार्य शुभ माने जाते हैं, क्योंकि ये आध्यात्मिक और ज्ञान से संबंधित होते हैं.

विज्ञापन
Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola