निरीक्षण में डीएम पहुंचे मॉडल सदर अस्पताल

Published by : DEEPAK MISHRA Updated At : 25 Jun 2025 10:26 PM

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जिलाधिकारी डॉ आदित्य प्रकाश ने बुधवार को मॉडल सदर अस्पताल के आपातकालीन विभाग, महिला वार्ड एवं पुरुष वार्ड का निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के क्रम में जिला पदाधिकारी द्वारा अस्पताल में रोस्टर के अनुसार चिकित्सकों एवं अन्य पारा मेडिकल कर्मियों की उपलब्धता शत-प्रतिशत सुनिश्चित कराने का निदेश दिया.

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प्रतिनिधि, सीवान. जिलाधिकारी डॉ आदित्य प्रकाश ने बुधवार को मॉडल सदर अस्पताल के आपातकालीन विभाग, महिला वार्ड एवं पुरुष वार्ड का निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के क्रम में जिला पदाधिकारी द्वारा अस्पताल में रोस्टर के अनुसार चिकित्सकों एवं अन्य पारा मेडिकल कर्मियों की उपलब्धता शत-प्रतिशत सुनिश्चित कराने का निदेश दिया. जिलाधिकारी ने महिला वार्ड में प्रसव उपरांत भर्ती 17 प्रसुति महिलाओं को जच्चा बच्चा किट वितरित किया. उन्होंने प्रसुति महिलाओं को मां का दूध ही शिशुओं को पिलाने का परामर्श दिया जिला पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि मां का दूध ही शिशुओं के लिए सर्वोत्तम आहार है. अस्पताल परिसर में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने का निदेश दिया. निरीक्षण के क्रम में सिविल सर्जन डॉ श्रीनिवास प्रसाद, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अरविंद कुमार, जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ ओपी लाल, प्रभारी अधीक्षक डॉ रीता सिंह, डीपीएम विशाल कुमार सिंह, डॉ चंदन कुमार सिंह, डॉ विकास कुमार उपस्थित रहे. एसएनसीयू के पास जलजमाव, सीएस ने अस्पताल प्रबंधक से ली जानकारी सीवान. सदर अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू) के समीप जलजमाव की समस्या बनी हुई है. बुधवार को जिलाधिकारी के निरीक्षण से पहले सिविल सर्जन डॉ. श्रीनिवास प्रसाद ने इस संबंध में अस्पताल प्रबंधक से पूछताछ की. जांच में पता चला कि डायलिसिस सेंटर के आरओ प्लांट से प्रतिदिन करीब 7,000 लीटर वेस्ट पानी निकलता है, जिसके उचित निकास की व्यवस्था न होने के कारण एसएनसीयू के सामने जलजमाव हो रहा है. सिविल सर्जन ने तत्काल डायलिसिस सेंटर के कर्मचारियों को बुलाकर वेस्ट पानी के समुचित प्रबंधन का निर्देश दिया. मौके पर मौजूद जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. ओम प्रकाश लाल ने जल जमाव पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि इससे पुराने ओपीडी भवन और निर्माणाधीन मातृ-शिशु स्वास्थ्य भवन के बीच भी पानी जमा हो रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि यह स्थिति मच्छर जनित बीमारियों, जैसे डेंगू और मलेरिया, के फैलने का कारण बन सकती है.फिलहाल, स्थिति को नियंत्रित करने के लिए डॉ. लाल ने क्षेत्र में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करने का निर्देश दिया. सिविल सर्जन ने अस्पताल प्रशासन को जल जमाव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए त्वरित कार्रवाई करने को कहा है, ताकि मरीजों और कर्मचारियों को किसी भी तरह की असुविधा या स्वास्थ्य जोखिम से बचाया जा सके.

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