बस में क्षमता से अधिक भरे थे यात्री, लापरवाही से हुआ हादसा
Updated at : 14 May 2019 1:53 AM (IST)
विज्ञापन

सीवान/गोपालगंज : जिस बस की दुर्घटना होने के बाद सात लोगों ने अपनी जान गंवायी, उसी बस में गोपालगंज शहर के मौनिया चौक निवासी व ट्रेन के लोको पायलट चंद्रपाल कौल भी बैठे थे. चंद्रपाल को सीवान से गोरखुपर ड्यूटी करने जाना था. हादसे में चंद्रपाल कौल के साथ बस में सवार 20 अन्य यात्री […]
विज्ञापन
सीवान/गोपालगंज : जिस बस की दुर्घटना होने के बाद सात लोगों ने अपनी जान गंवायी, उसी बस में गोपालगंज शहर के मौनिया चौक निवासी व ट्रेन के लोको पायलट चंद्रपाल कौल भी बैठे थे. चंद्रपाल को सीवान से गोरखुपर ड्यूटी करने जाना था.
हादसे में चंद्रपाल कौल के साथ बस में सवार 20 अन्य यात्री भी घायल हुए हैं. गोपालगंज पहुंचने के बाद हादसे की खौफनाक मंजर बयां करते हुए चंद्रपाल ने बताया कि 10:45 मिनट पर मीरगंज से बस निकली.
करीब 11:05 मिनट पर अमलोरी पहुंचते ही बस के आगे का चक्का ब्लास्ट कर गया. चक्का ब्लास्ट करते ही बस सांप की तरह लड़खड़ाने लगी. स्पीड भी कम नहीं था. जिससे चालक बस को नियंत्रित नहीं कर सका. जिससे बस एनएच किनारे खेत में पलट गयी.
बस में सवार चश्मदीद चंद्रपाल ने बताया कि एक पल के लिए वह मंजर जलजले से भी खौफनाक लग रहा था. बस हादसा होने के बाद चारों तरफ लोगों का खून बिखरा था. बस में फंसे लोग बचाओ-बचाओ चिल्ला रहे थे.
आसपास के खेतों में काम कर रहे लोगों ने इंसानियत दिखाई और बस में फंसे घायलों को बाहर निकाला. लोको पायलट ने खुद हादसे की जानकारी अधिकारियों को दी. जिसके बाद एंबुलेंस लेकर पुलिस मौके पर पहुंची. इस तरह एक-एक कर सात लोगों ने इस हादसे में अपनी जान गंवा दी, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हो गये. चंद्रपाल ने कहा कि चालक की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ.
बस में सफर कर रहे ट्रेन के लोको पायलट ने बयां किया हादसे का खौफनाक मंजर
खून से लथपथ होने के बाद भी जान बचाने के लिए खिड़की तोड़कर निकल रहे थे यात्री
गोद में थी तीन माह की बच्ची, बचायी जान
रेलवे के लोको पायलट चंद्रपाल कौल ने बताया कि बस में सीट से तीनगुने यात्री सवार थे. बस की छत पर भी यात्रियों को बैठाया गया था. बस में खड़ी महिला यात्री की गोद में तीन माह की बच्ची थी, जिसने मुझे दे दिया था.
बस अपनी रफ्तार में चल रही थी. चंद्रपाल के मुताबिक बच्ची को गोद में बैठकर खेल रही थी, इसी बीच टायर ब्लास्ट किया और यह हादसा हुआ. बच्ची को गोद में लिया था. मेरे ऊपर सात-आठ लोग थे. लेकिन बच्ची को जरा सा भी खरोंच नहीं आने दी. हादसे के बाद बच्ची को उसकी दादी को सौंप दिया. इस तरह एक-दूसरे ने अपनी और दूसरों की जान बचायी.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




