Sitamarhi : बारिश के बाद भी चापाकल से पानी नहीं निकलने पर ग्रामीण उदास

Updated at : 02 Aug 2025 6:34 PM (IST)
विज्ञापन
Sitamarhi : बारिश के बाद भी चापाकल से पानी नहीं निकलने पर ग्रामीण उदास

बारिश होने के बावजूद नगर परिषद समेत ग्रामीण क्षेत्रों के सूखे पड़े चापाकलों से पानी नहीं आया है.

विज्ञापन

पुपरी.

बारिश होने के बावजूद नगर परिषद समेत ग्रामीण क्षेत्रों के सूखे पड़े चापाकलों से पानी नहीं आया है. नगर परिषद व ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिदिन टैंकर से पानी पहुंचाया जा रहा है. लोगों को पानी लेने में दिक्कत नहीं हो, इसलिए टैकरों में कई टोटी लगाया गया है. इससे लोगों को जल्दी-जल्दी पानी मिल जाता है. बताया गया कि कई वार्डो में नल-जल चलने के बावजूद लोगों को टैकरों से पानी पहुंचाया जा रहा है. समाजसेवी रणजीत कुमार मुन्ना ने बताया कि पंचायत के विभिन्न वार्डो में निजी स्तर से टैंकरों के माध्यम से घर-घर जला पूर्ति लगातार की जा रही है. अभी तक कई वार्डो में नल-जल योजना चालू नहीं हुआ है. बताया कि अधिकांश जगहों पर कुछ मेहनत व खर्च होने पर नल-जल शुरु हो सकता है . संबंधित लोग इतनी विकट स्थिति होने के बावजूद देरी क्यों कर रहा है, यह समझ से बाहर है. इधर विभिन्न वार्ड के लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भू-गर्भीय जल की कमी को देखते हुए पंचायती राज विभाग द्वारा सात निश्चय योजना के तहत हरेक वार्ड में नल का जल के लिए एक समरसेबल पंप व टंकी लगाने के लिए पैसे दिये, परंतु कर्मियों व अधिकारियों की मिलीभगत से उन पैसों का बंदरबांट कर घटिया सामग्री का उपयोग कर नल-जल लगा दिया गया. जो कई वार्डो में ठप पड़ा हुआ है. वहीं सड़क किनारे नाला निर्माण के क्रम में उपर में ही रखे नल-जल का पाइप कई टूकड़ों में विभाजित होने से जल आपूर्ति बाधित होने लगा है. बाद में नल-जल को पीएचइडी के हवाले करने की बात कही गई है. इधर इलाके का चापाकल सूख जाने के कारण पानी के लिए चारों तरफ त्राहिमाम मचा हुआ है . स्थानीय प्रभात कुमार चंदन, पंकज कुमार ठाकुर, शितेश कुमार, राजीव कुमार राज व आर बी चौधरी समेत अन्य ने अतिशीघ्र इस जल संकट से निजात दिलाने की मांग की है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
AMITABH KUMAR

लेखक के बारे में

By AMITABH KUMAR

AMITABH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन