सरकारी राशि गबन मामले में परिहार के बीपीआरओ गिरफ्तार

Published by : VINAY PANDEY Updated At : 25 Aug 2025 7:34 PM

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पुलिस ने सोमवार को प्रखंड कार्यालय से बीपीआरओ ज्ञानेंद्र कुमार झा को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.

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परिहार. पुलिस ने सोमवार को प्रखंड कार्यालय से बीपीआरओ ज्ञानेंद्र कुमार झा को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. बीपीआरओ पर सरकारी राशि गबन का आरोप है. बताया गया कि डीएम के निर्देश के बाद बीडीओ आलोक कुमार ने 24 फरवरी 2025 को बीपीआरओ एवं प्रमुख अर्चना कुमारी समेत आठ लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराया था. इस मामले में यह पहली गिरफ्तारी है. इसकी पुष्टि थानाध्यक्ष सुमित कुमार ने की है. जिन लोगों के विरुद्ध प्राथमिक दर्ज कराई गई थी, उनमें प्रमुख अर्चना कुमारी एवं बीपीआरओ ज्ञानेंद्र कुमार झा के अलावा भेड़रहिया व बथुआरा पंचायत के पंचायत सचिव मनोज कुमार, बेतहा के पंचायत सचिव वेद प्रकाश राय व सुतिहारा पंचायत के पंचायत सचिव हंस लाल कुमार, भेड़रहिया के तत्कालीन तकनीकी सहायक कुणाल किशोर, बथुआरा के तत्कालीन तकनीकी सहायक मंटू कुमार एवं बेतहा व सुतिहारा के तत्कालीन तकनीकी सहायक जौहर अली के नाम शामिल हैं. — क्या है मामला मालूम हो कि उप प्रमुख मोहम्मद रफी हैदर उर्फ छोटे बाबू द्वारा पंचायत स्तरीय योजनाओं में अनियमितता एवं राशि के गबन से संबंधित परिवाद दायर किया गया था. मामले की जांच हेतु उप विकास आयुक्त द्वारा जिला परिवहन पदाधिकारी की अध्यक्षता में एक जांच दल का गठन किया गया था. जांच में कई सारी अनियमितता पाई गई थी. मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम रिची पांडेय ने बीडीओ को 20 जनवरी 2025 को योजनाओं में पाई गई अनियमितता की विवरणी उपलब्ध कराते हुए दोषी कर्मियों एवं जनप्रतिनिधियों को चिह्नित करते हुए उनके विरुद्ध आरोप पत्र गठित करने के अलावा कठोर अनुशासनिक कार्रवाई करने एवं उनसे गबन की गई राशि की वसूली करने का निर्देश दिया था. बॉक्स में — यह है अनियमितताएं ससमय पंचायत समिति की बैठक आयोजित नहीं हुई. बैठक पंजी को बैठक के बाद भी बंद नहीं किया जाता रहा. इतना ही नहीं आयोजित बैठक के प्रस्ताव पंजी के साथ छेड़छाड़ कर मनमाने तरीके से योजनाओं का चयन व वितरण किया गया. भेड़रहिया पंचायत के भगवतीपुर से साकिर के खेत तक नाला उड़ाही का कार्य पूर्व में हुआ था. लेकिन 15वीं वित्त से करीब 10 लाख चालीस हजार रुपये का निकासी कर गबन किया गया. जांच में यह भी सामने आया कि कार्य में मशीन का उपयोग किया गया. बथुआरा पंचायत के मुजौलिया गांव में सरकारी तालाब के बजाय प्रमुख अर्चना कुमारी के निजी तालाब के घाट का निर्माण कार्य कराया गया. इसमें 5 लाख 57 हजार से अधिक की निकासी की जा चुकी है. इसी प्रकार बेतहा में सरकारी पोखर का उड़ाही कार्य कराया गया, जिसका रकबा कम है लेकिन उसके अनुपात में अधिक राशि करीब 10 लाख रुपए की निकासी की गई है. सुतिहारा पंचायत के अधखन्नी में सरकारी पोखर में घाट का निर्माण कराया बिना ही करीब साढ़े 8 लाख रुपए की निकासी कर गबन कर लिया गया. प्रखंड मुख्यालय सौंदर्यीकरण एवं जीर्णोद्धार के नाम पर भी प्राक्कलन के अनुरूप कार्य नहीं किया गया.

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