मालगाड़ी पर लदे टैंक देख स्टेशन बने सेल्फी पॉइंट, जानें क्या है पूरा मामला

Updated at : 09 Feb 2026 11:22 AM (IST)
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goods train loaded with tanks was seen at Sitamarhi station

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Indian Army: रेल पटरी पर अचानक दिखीं सेना की भारी तोपें, टैंकों से लदी मालगाड़ी और मोबाइल से सेल्फी लेते लोग. सीतामढ़ी से दरभंगा तक कुछ ही देर में माहौल रोमांच और कौतूहल से भर गया.

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Indian Army: सीतामढ़ी–दरभंगा रेल खंड पर उस वक्त अफरातफरी और उत्सुकता का माहौल बन गया, जब एक मालगाड़ी में दर्जनों सेना के टैंक और गोला-बारूद लदा हुआ दिखाई दिया. देखते ही देखते यह खबर आसपास के इलाकों में फैल गई और कई रेलवे स्टेशनों पर लोगों की भीड़ जमा हो गई.

देश की सुरक्षा से जुड़ी इस असामान्य गतिविधि ने जहां लोगों की जिज्ञासा बढ़ाई, वहीं कई तरह की चर्चाओं को भी जन्म दे दिया.

स्टेशनों पर सेल्फी, माहौल में देशभक्ति

स्थानीय लोगों ने जब मालगाड़ी के डिब्बों पर लदी भारी-भरकम तोपें, सैन्य वाहन और युद्ध सामग्री देखी, तो उत्सुकता चरम पर पहुंच गई. बड़ी संख्या में लोग स्टेशन परिसर में पहुंच गए. कई युवाओं को सेना के टैंकों के साथ सेल्फी लेते भी देखा गया. यह दृश्य लोगों के भीतर देशभक्ति और गर्व की भावना को और गहरा करता नजर आया.

यह मालगाड़ी रक्सौल की दिशा से आई थी और दरभंगा की ओर जा रही थी. रास्ते में सीतामढ़ी जिले के कई छोटे-बड़े रेलवे स्टेशनों पर इसका अस्थायी ठहराव हुआ. जैसे-जैसे ट्रेन आगे बढ़ती गई, उसके साथ लोगों की दिलचस्पी और चर्चाएं भी बढ़ती चली गईं.

अफवाहों का बाजार, लेकिन कोई पुष्टि नहीं

मालगाड़ी के गुजरने के बाद कई इलाकों में तरह-तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं. कुछ लोगों ने इसे किसी बड़े सैन्य अभ्यास से जोड़कर देखा, तो कुछ ने इसे सुरक्षा से जुड़ी विशेष गतिविधि बताया. हालांकि, बाद में ये तमाम चर्चाएं महज अफवाह साबित हुईं और किसी भी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी.

रेलवे विभाग ने इस मालगाड़ी और उसमें लदी सामग्री को लेकर कोई भी जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया. अधिकारियों का कहना है कि यह मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए इस तरह की सूचनाओं को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता. इसी चुप्पी के चलते रहस्य और गहरा गया है.

रोमांच भी, रहस्य भी

सीतामढ़ी–दरभंगा रेल खंड पर सेना के टैंकों और तोपों से लदी इस मालगाड़ी ने जहां आम लोगों में रोमांच और देशभक्ति का जज्बा जगाया, वहीं सुरक्षा कारणों से इसे लेकर रहस्य भी बना हुआ है. यह दृश्य लंबे समय तक लोगों की चर्चा का विषय बना रहेगा.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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