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डिजिटल कृषि मिशन : एग्रीस्टैक के तहत कल से पंचायतों में लगेगा फार्मर रजिस्ट्री कैंप

Updated at : 04 Jan 2026 7:04 PM (IST)
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डिजिटल कृषि मिशन : एग्रीस्टैक के तहत कल से पंचायतों में लगेगा फार्मर रजिस्ट्री कैंप

किसानों को ससमय व सुगमता पूर्वक सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके, इसके लिए कृषि विभाग सभी किसानों का डाटा डिजिटल रूप से संग्रहित करने के लिए फार्मर रजिस्ट्री बना रही है.

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डुमरा. किसानों को ससमय व सुगमता पूर्वक सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके, इसके लिए कृषि विभाग सभी किसानों का डाटा डिजिटल रूप से संग्रहित करने के लिए फार्मर रजिस्ट्री बना रही है. एग्रीस्टैक के तहत सभी किसानों का शत-प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री जनवरी में पूरा करने के लिए कार्य योजना तैयार किया गया है. जिले के सभी पंचायतों में कैंप का आयोजन कर फार्मर रजिस्ट्री के लिए मिशन मोड़ में किसानों का ई-केवाइसी किया जायेगा. बताया गया है कि 6 से 9 जनवरी तक प्रथम चरण तो 18 से 21 जनवरी तक द्वितीय चरण के तहत कैंप आयोजित किये जायेंगे. इसके लिए कृषि समन्यवक, सलाहकार, बीटीएम व एटीएम को प्रतिदिन 25 सौ किसानों का ई-केवाइसी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. बताते चले कि इसमें मुख्य रूप से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ प्राप्त करने वाले किसानों का फार्मर आइडी बनाया जा रहा हैं. जिले में 246105 किसानों में अबतक लगभग 97 हजार किसानों का ई-केवाइसी पूर्ण तो 20 हजार किसानों का फार्मर रजिस्ट्री कराया गया है. — निगरानी के लिए प्रखंडों में गठित कार्यान्वयन दल कृषि विभाग ने किसानों के साथ समन्वय स्थापित कर उनके सहयोग के लिए प्रखंडों में कार्यान्वयन दल का गठन किया है. जिसमें बीडीओ को सह अध्यक्ष तो सीओ को अध्यक्ष बनाया है. मुखिया व अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद स्थापित कर इस कार्य के प्रगति की जिम्मेवारी बीडीओ को सौपा है. वहीं, भूमि दावा से संबंधित प्राप्त होने वाली शिकायतों का निवारण की जिम्मेवारी सीओ को सौंपा गया है. — जिला डिजिटल कृषि कोषांग गठित फार्मर रजिस्ट्री में भूमि संबंधित समस्याओं के समाधान करने व इसके सफल कार्यान्वयन को लेकर डीएम की अध्यक्षता में जिला डिजिटल कृषि कोषांग का गठन किया गया है. जिसमें अपर समाहर्ता को नोडल अधिकारी व डीएओ को सद्स्य सचिव नामित किया गया है. वहीं, डीडीसी, डीपीआरओ, सभी एसडीओ, डीसीएलआर व डीआइओ समेत कृषि विभाग के सभी सहायक निदेशकों को सद्स्य नामित किया गया है. — फार्मर रजिस्ट्री व ई-केवाइसी किये किसानों की संख्या प्रखंड एफआर ई-केवाइसी बैरगनिया 558 1716 बाजपट्टी 2054 8552 बथनाहा 920 9832 बेलसंड 3131 4746 बोखड़ा 1159 4359 चोरौत 1308 2582 डुमरा 680 6254 मेजरगंज 440 2938 नानपुर 2257 4792 परिहार 1003 8340 परसौनी 643 2138 पुपरी 147 3000 रीगा 788 5626 रुन्नीसैदपुर 2083 8274 सोनबरसा 1256 12830 सुप्पी 543 3877 सुरसंड 319 7067 — क्या कहते हैं अधिकारी किसानों को विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए फार्मर आइडी का होना आवश्यक है. जनवरी माह में दो चरणों में अभियान चला कर शत-प्रतिशत किसानों का फार्मर रजिस्ट्री कराया जायेगा. साथ ही प्रतिदिन 25 सौ किसानों का ई-केवाइसी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इस कार्य में किसी भी तरह के कोताही व लापरवाही बरतने वाले कर्मियों पर कार्रवाई भी तय है. शांतनु कुमार, डीएओ. ———————–बॉक्स के लिए:- नेशनल ई-गवर्नेस प्लान कृषि के तहत मिला प्रशिक्षण डुमरा. किसानों को ससमय व सुगमता पूर्वक सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके, इसके लिए कृषि विभाग व राजस्व विभाग संयुक्त रूप से सभी किसानों का डाटा डिजिटल रूप से संग्रहित करने के लिए फार्मर रजिस्ट्री तैयार कर कृषोन्नति योजना का कार्यान्वयन शुरू किया है. नेशनल ई-गवर्नेस प्लान कृषि के तहत जिला स्तरीय प्रशिक्षण में शामिल हल्का कर्मचारी, कृषि समन्वयक व किसान सलाहकारों को उनके कार्यों के संबंध में विस्तृत जानकारी दिया गया है. बताया गया है कि इसके लिए गांव में आयोजित फार्मर रजिस्ट्री कैंप में किसान आधार कार्ड, जमीन संबंधी दस्तावेज व मोबाइल नंबर के साथ भाग लेंगे, जहां किसानों का पंजीकरण व ई-केवाइसी के साथ-साथ जमीन संबंधी दावा व ई-हस्ताक्षर की प्रक्रिया करना होगा. — कर्मचारी, समन्वयक व सलाहकार की जिम्मेवारी तय इस योजना के कार्यान्यवन के लिए सभी स्तर पर जिम्मेवारी तय कर दिया गया है. किसान सलाहकार किसानों को कैंप में भाग लेने के लिए सूचना प्रसारित करेंगे व किसानों को आवश्यक कागजात के साथ शामिल कराने की पूर्ण जिम्मेवारी का निर्वहन करेंगे. साथ ही कृषि समन्यवक ई-केवाइसी के लिए किसानों द्वारा आधार कार्ड साझा करने पर उनके फेसियल ऑथेंटिकेशन के माध्यम से ई-केवाइसी सत्यापन कराएंगे. वहीं, हल्का कर्मचारी किसान का आधार कार्ड संख्या अपने लॉगिन पर दर्ज कर किसान के बकेट में उल्लेखित सभी जमीन का विवरण देंगे व प्रदर्शित बकेट की जांच करेंगे. बताया गया कि बकेट में किसान के भूमि रिकॉर्ड से संबंधित विवरण को हटाने या जोड़ने का प्रावधान होगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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VINAY PANDEY

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By VINAY PANDEY

VINAY PANDEY is a contributor at Prabhat Khabar.

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