शीतलहर से जनजीवन हुआ अस्त-व्यस्त, घर में दुबकने की मजबूरी

विगत करीब एक पखवाड़ा से जारी शीतलहर ने जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित कर दिया है. ठंड में लगातार बढ़ोतरी और तेज सर्द हवाओं ने आम लोगों की दिनचर्या बिगाड़ दी है.
चोरौत. विगत करीब एक पखवाड़ा से जारी शीतलहर ने जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित कर दिया है. ठंड में लगातार बढ़ोतरी और तेज सर्द हवाओं ने आम लोगों की दिनचर्या बिगाड़ दी है. सुबह और शाम के समय ठंड का असर सबसे अधिक देखने को मिल रहा है, जिसके चलते लोग अपने- अपने घरों में दुबकने को मजबूर है. बाजार में भी चहल-पहल कम हो गई है. इसका असर बाजार पर भी पड़ा है. सब्जी का दाम आसमान छू रहा है. हालांकि कामकाजी लोग को आवश्यक कार्य के लिए बाहर निकलना पड़ता है. ठंड हवाओं ने लोगों को कंपकंपाने पर मजबूर कर दिया है. विशेषकर बच्चे, बुजुर्ग और बीमार व्यक्ति ठंड से अधिक प्रभावित हो रहें हैं, जिसके चलते लोग अलाव का सहारा लेने को विवश हैं. हालांकि एक जनवरी एवं दो जनवरी को धूप निकलने से लोगों को कुछ हद तक राहत जरूर मिली थी. लेकिन ठंड पुनः अपनी तीखी तेवर दिखाने लगी है. स्थानीय सीएचसी में पदस्थापित चिकित्सक डॉ अरुण कुमार ने बताया कि ठंड के कारण वायरल संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ जाती है. खासकर बच्चे बुजुर्ग इस समय में जल्दी बीमार पड़ रहे हैं. लोगों को ठंड से बचने की सलाह देते हुए कहा है कि गर्म कपड़े पहनें, साफ सफाई पर ध्यान रखने, गर्म पेय का उपयोग करने, भोजन में विटामिन युक्त पौष्टिक आहार लेने की नसीहत दी है. कहा है कि पालक, मेथी, गुड़, तिल, मेवे के सेवन से शरीर अंदर से गर्म रहता है. उन्होंने घर के अंदर में ही व्यायाम कर शारीरिक को सक्रिय रखने की बात कही है.
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