बेपरवाह रहा है पुरातत्व विभाग

Published at :03 Apr 2017 6:24 AM (IST)
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बेपरवाह रहा है पुरातत्व विभाग

सीतामढ़ी/रीगा : रीगा प्रखंड में योगवाना में मिले 11 सौ साल पुराने पालकालीन मंदिर के अवशेष को लेकर चर्चाओं का बाजार गरम है. लोग अपने तरीके से उक्त स्थल को लेकर दलील दे रहे है. सच्चाई का खुलासा तभी हो पायेगा जब पुरातत्व विभाग की टीम मामले की जांच करेगी. बकौल बीडीओ मंगलवार को पुरातत्व […]

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सीतामढ़ी/रीगा : रीगा प्रखंड में योगवाना में मिले 11 सौ साल पुराने पालकालीन मंदिर के अवशेष को लेकर चर्चाओं का बाजार गरम है. लोग अपने तरीके से उक्त स्थल को लेकर दलील दे रहे है. सच्चाई का खुलासा तभी हो पायेगा जब पुरातत्व विभाग की टीम मामले की जांच करेगी. बकौल बीडीओ मंगलवार को पुरातत्व विभाग की टीम योगवाना पहुंचेगी. लेकिन पुरातत्व विभाग योगवाना पहुंचती भी है या नहीं, इस पर सवाल है. वजह इलाके के प्रति पुरातत्व विभाग की टीम बेपरवाह रहीं है

. नौ माह पूर्व रीगा के मेहसिया में सड़क निर्माण के दौरान भी भगवान विष्णु की मूर्ति व सुदर्शन चक्र बरामद हुआ था. लोगों ने मूर्तियों को उठा मंदिर में रख कर पूजा-अर्चना शुरू कर दी थी. मौके पर पहुंची पुलिस उक्त मूर्तियों को अपने कब्जे में नहीं ले सकी थी. स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा उसी वक्त पुरातत्व विभाग को सूचना दी गयी थी. विभाग ने शीघ्र पहुंचने की बात कहीं थी. लेकिन नौ माह बाद भी पुरातत्व विभाग की टीम रीगा नहीं पहुंच सकी. जाहिर है कि पुरातत्व विभाग इलाके के प्रति बेपरवाह है. विभाग ने थोड़ी भी दिलचस्पी दिखायी होती तो निश्चित रूप से कोई टीम रीगा आयी होती. अब जबकी एक बार फिर रीगा में बड़ा ऐतिहासिक व धार्मिक साक्ष्य सामने आया है. पुरातत्व विभाग की टीम आती भी है या नहीं.

रीगा के योगवाना में 11 सौ साल पुराने पालकालीन मंदिर के अवशेष मिलने के बाद लोगों में उत्सुकता
शुक्रवार को रीगा प्रखंड कार्यालय से सटे उत्तर योगवाना टोल में गड्ढ़े की खुदाई के दौरान मिले थे काले पत्थर के बने मंदिर-महल के अवशेष
श्रृंगी ऋषि की तपस्थली रहा है यह इलाका
नौ माह पूर्व मेहसिया में मूर्तियों के बरामद होने की सूचना के बाद भी नहीं पहुंची टीम
रीगा प्रखंड से सटे उत्तर रीगा द्वितीय पंचायत के योगवाना गांव में ग्रामीण विनोद पासवान द्वारा ओडीएफ के तहत शौचालय के निर्माण के लिये गड्ढ़ा की खुदाई के दौरान शुक्रवार को काले पत्थर से निर्मित मेहराब, मूर्ति, स्तंभ व महल के खंभों के कुल सात अलग-अलग अवशेष मिले थे. इसके बाद लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. सूचना के बाद बीडीओ अशोक कुमार व रीगा थानाध्यक्ष संजीत कुमार मौके पर पहुंच मामले की जांच की. वहीं खुदायी से बरामद अवशेष को जब्त कर लिया.
साथ ही खुदायी पर लोक लगा दी. बीडीओ द्वारा पुरातत्व विभाग को सूचना भेजी गयी. पुरातत्व विभाग की टीम मंगलवार को योगवाना पहुंचेगी. इधर, इतिहासकार, पर्यावरणविद व पुरातत्व के जानकार प्रो राम शरण अग्रवाल के बाद एसएलके कॉलेज के प्राचार्य डॉ आनंद किशोर ने भी जिला प्रशासन, सरकार व पुरातत्व विभाग से उक्त स्थल की गहन खुदाई की मांग की है. ताकि लोगों को वास्तविकता की जानकारी मिल सके.
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