पशु मेले में कुव्यवस्था की खुली पोल

Published at :06 Dec 2016 4:42 AM (IST)
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पशु मेले में कुव्यवस्था की खुली पोल

परेशानी. रोशनी की व्यवस्था नहीं, अंधेरे में रात गुजार रहे पशुपालक किसान व व्यापारी मेले में व्यापारियों के लिए सुमचित व्यवस्था नहीं मेले में सुरक्षा की भी व्यवस्था नहीं सीतामढ़ी : भगवान श्री राम जानकी के अमर विवाहोत्सव की याद में प्रति वर्ष लगने वाला विवाह पंचमी मेला कुव्यवस्था की गिरफ्त में है. मेले में […]

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परेशानी. रोशनी की व्यवस्था नहीं, अंधेरे में रात गुजार रहे पशुपालक किसान व व्यापारी

मेले में व्यापारियों के लिए सुमचित व्यवस्था नहीं
मेले में सुरक्षा की भी व्यवस्था नहीं
सीतामढ़ी : भगवान श्री राम जानकी के अमर विवाहोत्सव की याद में प्रति वर्ष लगने वाला विवाह पंचमी मेला कुव्यवस्था की गिरफ्त में है. मेले में न तो रोशनी की व्यवस्था है और नहीं सुरक्षा की ही. हालत यह है कि शाम झलने के साथ ही मेला परिसर स्याह अंधेरों की गिरफ्त में आ जाता है. नतीजतन मेले में खरीद-बिक्री को आए व्यापारी अंधेरों के सायों में रात गुजारने को मजबूर है. अंधेरों की वजह से सुरक्षा भी बड़ा सवाल बन कर रह गया है.
व्यापारी पूरी रात असुरक्षा महसूस कर रहे है. मेले के प्रति प्रशासनिक उदासीनता के चलते अब व्यापारी बगैर खरीद-बिक्री ही लौटने को विवश है. यूं तो मेले का विधिवत उद्घाटन रविवार की शाम किया गया था. लेकिन चार दिन पूर्व से ही यहां खरीद-बिक्री जारी है. बड़ी संख्या में यहां बैल के अलावा घोड़ा लेकर आस-पास के व्यापारी मेले में शामिल होने आये थे. लेकिन माकूल व्यवस्था नहीं होने के चलते व्यापारी अब में से वापिस भी जा रहे है.
पूर्वी चंपारण जिले के पताही के किसान वैद्यनाथ सिंह ने बताया कि मेले में रोशनी, पानी व सुरक्षा का अभाव है. मधुबनी से आए किसान योगेंद्र राय ने बताया कि इस बार मेले में कोई व्यवस्था नहीं है.
रातभर अंधेरे में तंबु में बैठे रहे िकसान
विवाह पंचमी के अवसर पर रविवार की शाम जानकी स्थान मंदिर समेत आस पास के मठ-मंदिर रंग-बिरंगे रौशनी से गुलजार हो रहा था, वहीं पास स्थित विवाह पंचमी पशु मेला मेला परिसर अंधेरों में लिपटा रहा. हालत यह रहीं की सूबे के प्रसिद्ध बैल मेला में आये किसानों व व्यापारियों को अंधेरे में ही रात गुजारने की विवशता रहीं. हद तो यह कि सोमवार की शाम तक भी प्रशासन व संवेदक की ओर से रौशनी की व्यवस्था नहीं की गयी थी. वैसे तो मेले के आगाज से पूर्व हीं पशुपालक किसान व व्यापारियों ने मेले में डेरा डाल दिया था. लोगों को उम्मीद थी कि उदघाटन के दिन यहां रोशनी समेत अन्य सुविधाओं का इंतजाम किया जायेगा.
लेकिन रविवार की शाम तक मेला में प्रकाश का इंतजाम नहीं किया गया. लिहाजा जहां पूरा इलाका श्रीराम-जानकी की विवाहोत्सव के जश्न डूबा था, वहीं मेले में आये किसान रात भर अंधेरे में तंबू में ही बैठे रहे. चमनपुर के किसान लालबचन साह, गौरी राम व शंभू महतो ने बताया कि प्रत्येक साल मेला परिसर में रौशनी की व्यवस्था की जाती थी. लेकिन इस बार मेला में रौशनी की व्यवस्था नहीं है. रामू साह ने बताया कि मेला में रौशनी का प्रबंध नहीं किये जाने से किसान व व्यापारियों में भय है.
क्या कहते हैं अधिकारी
एसडीओ संजय कृष्ण ने कहा कि मेला के संवेदक को मेला परिसर में समुचित व्यवस्था के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिया जा चुका है. मेला में अगर रौशनी की व्यवस्था नहीं हैं तो यह गंभीर बात है. पुन: संवेदक को निर्देश दिया जायेगा कि व्यवस्था में कमी को शीघ्र दूर करे.
मेले में आये किसान एवं बिक्री के िलए लाये गये घोड़े.
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