कार्यक्रम. मानवाधिकारों की रक्षा के संकल्प के साथ सम्मेलन संपन्न

Published at :21 Nov 2016 4:12 AM (IST)
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कार्यक्रम. मानवाधिकारों की रक्षा के संकल्प के साथ सम्मेलन संपन्न

पीयूसीएल के प्रांतीय अिधवेशन में किसानों का भी उठा मुद्दा डुमरा : मानवाधिकारों की रक्षा के संकल्प के साथ मुख्यालय डुमरा के एमपीहाईस्कूल में लोक स्वांत्रय संगठन पीयूसीएल के 12 वें राज्य सम्मेलन का समापन हो गया. दो दिवसीय राज्य सम्मेलन के दूसरे व अंतिम दिन ‘हमारे लोकतांत्रिक अधिकारों पर बढ़ते हमले और बाहरी चुनौतियां’ […]

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पीयूसीएल के प्रांतीय अिधवेशन में किसानों का भी उठा मुद्दा

डुमरा : मानवाधिकारों की रक्षा के संकल्प के साथ मुख्यालय डुमरा के एमपीहाईस्कूल में लोक स्वांत्रय संगठन पीयूसीएल के 12 वें राज्य सम्मेलन का समापन हो गया. दो दिवसीय राज्य सम्मेलन के दूसरे व अंतिम दिन ‘हमारे लोकतांत्रिक अधिकारों पर बढ़ते हमले और बाहरी चुनौतियां’ विषयक सेमीनार का आयोजन किया गया. सेमीनार के विषय प्रवेश पर चर्चा करते हुए पीयूसीएल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रो़ विनय कुमार कंठ ने कहा कि राज्य व देश में लगातार मानवाधिकारों पर हमले बढ़ रहे है. मानवाधिकार हनन की तस्वीर विभिन्न रूपों में समाज में सामने आ रहा है. उन्होंने मानव अधिकारों के बढ़ते हनन व इससे उत्पन्न चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहने की नसीहत दी, वहीं कहा कि चुनौतियों से लड़ने के लिए पीयूसीएल की भूमिका अहम है.
प्रदेश कार्यसमिति सदस्य नंद किशोर सिंह ने कहा कि सत्ता लोकतांत्रिक व जनवादी शहीदों को कमजोर करने में निरंतर षडयंत्रों का सहारा ले रहीं है. सम्मेलन में प्रदेश उपाध्यक्ष डा़ॅ आनंद किशोर व सरफराज ने सूबे के किसानों के मानवाधिकार हनन से संबंधित प्रस्ताव पेश किया. जिसमें बताया कि सूबे की जनता बाढ़ व सूखे से पीस रही है, नदियों की बहुलता के बावजूद किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है. रून्नीसैदपुर की बीस हजार एकड़ कृषि योग्य भूमि के जलजमाव के चलते बेकार होने के बावजूद किसानों को मुआवजा नहीं देने तथा रीगा डिस्टीलियरी से प्रदूषण मुक्ति के लिए प्रयास नहीं करने पर नाराजगी जतायी गयी.
सूबे में गन्ना कानून की अनदेखी, किसानों के लगातार जारी शोषण,स्वास्थ्य – शिक्षा के बिगड़ते हालात व घरेलू हिंसा व बालश्रम में वृद्धि पर चिंता जताई गई. साथ ही सार्वजनिक स्थलों पर महिला सुरक्षा की व्यवस्था की पुरजोर वकालत की गई. सम्मेलन में सांप्रदायिकता, जातिवाद व अंधराष्ट्रवाद को बढ़ावा देने के बढ़ते प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए इस पर लगाम के साथ सूबे में बढ़ रहे पुलिसिया दमन पर अंकुश लगाने की भी मांग की गई.
इस अवसर पर प्रो़ महेंद्र नारायण कर्ण, अध्यक्ष प्रो़ डेजी नारायण, शाहीद अंसारी, दिलीप कुमार, प्रो़ अरूण कुमार, ब्रजमोहन मंडल,पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता रामचंद्र लाल दास, बाल गोविंद सिंह, दिनेश कुमार अकेला, किशोरी दास, श्रीनिवास मिश्रा, जीवनाथ साफी, शाहीद अंसारी, आफताब अंजुम बिहारी, दिलीप कुमार, हरिओम शरण नारायण, कृष्ण मुरारी, राज कुमार चौधरी, आनंद शर्मा, अरूण कुमार, विनोद बिहारी मंडल व राम तपन सिंह समेत दर्जनों लोग मौजूद थे.
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