बगैर खाद - बीज के लौट रहे किसान

Published at :20 Nov 2016 6:13 AM (IST)
विज्ञापन
बगैर खाद - बीज के लौट रहे किसान

खाद खरीदने के लिए 500 व 1000 के नोट लेने का आग्रह करता किसान. नये नोट के अभाव में बगैर खाद लिये दुकान से लौट रहे किसान व्यवसायी को भी नोट बदलने में हो रही परेशानी सीतामढ़ी : नोटबंदी के बाद ग्रामीण क्षेत्र के किसानों को खाद-बीज खरीदने के लिए भी जद्दोजहद का सामना करना […]

विज्ञापन

खाद खरीदने के लिए 500 व 1000 के नोट लेने का आग्रह करता किसान.

नये नोट के अभाव में बगैर खाद लिये दुकान से लौट रहे किसान
व्यवसायी को भी नोट बदलने में हो रही परेशानी
सीतामढ़ी : नोटबंदी के बाद ग्रामीण क्षेत्र के किसानों को खाद-बीज खरीदने के लिए भी जद्दोजहद का सामना करना पड़ रहा है. दुकानदारों द्वारा हजार-पांच सौ के पुराने करेंसी लेने से इनकार के चलते अधिकांश किसान बगैर खाद-बीज के ही बैरंग घर लौट जा रहे है.
खेती के उपयुक्त मौसम होने के कारण कुछ किसान अपने आस-पड़ोस के लोगों से सौ-सौ के नोटों की व्यवस्था कर खाद-बीज खरीद आलू की रोपनी करवा ले रहे है. लेकिन किसानों की आवश्यकतानुसार खाद की खरीदारी नहीं हो पा रहीं है. नये नोट व खुल्ले के अभाव में किसानों की खेती बाधित हो रहीं है. वैसे किसानों पर आयी यह मुसीबत कोई नयी बात नहीं है.
किसान हमेशा से कभी मौसम के बेरूखी के बीच पीसता रहा है. हालांकि सरकार भी किसानों के जख्मों को भरने के लिये नयी-नयी योजनाओं की घोषणाएं कर मरहम लगाती रही है. बावजूद इसके किसानों को सरकारी योजनाओं का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है. नोटबंदी के बाद पीएम द्वारा किसान को बैंकों से 25 हजार रुपये निकासी की घोषणा तो की गयी है, लेकिन अधिकांश किसान इस लाभ से वंचित हो रहे है. शनिवार को खाद खरीदने दुकान पर पहुंचे हरिछपरा निवासी किसान शत्रुघ्न सिंह से दुकानदार ने पुराने करेंसी लेने से इनकार कर दिया.
लिहाजा किसान को बगैर खाद के ही वापस होना पड़ा. किसान ने बताया कि आलू रोपने के लिए 15 कट्टा खेत तैयार है. लेकिन खाद के बगैर रोपनी संभव नहीं है. उधर, नोटबंदी की वजह से किसानों के समक्ष परेशानी बरकरार है. बैंक व एटीएम पर रुपये निकलने के लगी लंबी कतारें लगी है. जहां महज दो हजार रुपये निकालने के लिए पूरे दिन लग जाता है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन