अब तक 33 अधिकारी नहीं सौंपे डीसी विपत्र

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अब तक 33 अधिकारी नहीं सौंपे डीसी विपत्र फोटो- 6 — इन अधिकारियों में एसपी, डीडीसी व एडीएम भी शामिल — वेतन व भत्ता छोड़ अन्य मदों के भुगतान पर लगी है रोक — कार्रवाई की चेतावनी के बावजूद विपत्र सौंपने में कोताहीसीतामढ़ी जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारियों को अलग-अलग मदों में राशि दी […]

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अब तक 33 अधिकारी नहीं सौंपे डीसी विपत्र फोटो- 6 — इन अधिकारियों में एसपी, डीडीसी व एडीएम भी शामिल — वेतन व भत्ता छोड़ अन्य मदों के भुगतान पर लगी है रोक — कार्रवाई की चेतावनी के बावजूद विपत्र सौंपने में कोताहीसीतामढ़ी जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारियों को अलग-अलग मदों में राशि दी गयी थी. उक्त राशि की निकासी के बाद व्यय व शेष राशि की बाबत बार-बार रिपोर्ट मांगे जाने के बाद भी अब तक 33 अधिकारी विपत्र नहीं सौंप सके हैं. इनमें एसपी, डीडीसी व एडीएम भी शामिल हैं. उक्त अधिकारियों को एक बार फिर पत्र भेज लंबित डीसी विपत्र से अवगत कराया गया है. इससे पूर्व चार-पांच बार पत्र भेजा गया था. हर पत्र में सीएम नीतीश कुमार का भी हवाला दिया जाता था. बावजूद उक्त अधिकारियों पर कोई असर नहीं पड़ा. चेतावनी भी रहा बेअसर डीएम के हवाले से जिला स्थापना प्रशाखा के प्रभारी पदाधिकारी ने अधिकारियों को भेजे पत्र में कहा है कि पूर्व में भेजे गये पत्रों में डीसी विपत्र उपलब्ध कराने को कहा गया था. कारण कि सीएम नीतीश कुमार लंबित डीसी विपत्रों की समीक्षा करने वाले थे. बावजूद विपत्र नहीं सौंपा गया. विपत्र लंबित रखने वालों के खिलाफ आरोप पत्र गठित कर सरकार को भेजने की बात कही गयी थी. सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव ने सात अगस्त 15 को भेजे पत्र में आरोप पत्र गठित कर भेजने को कहा था. इतना होने के बावजूद रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराया गया है. फिर भी नहीं सौंपे विपत्र सरकार के आदेश के आलोक में उक्त 33 पदाधिकारियों के वेतन व भत्ता को छोड़ अन्य तमाम तरह के भुगतान पर रोक लगा दिया गया है. विपत्र सौंपने के बाद हीं भुगतान की हरी झंडी मिलेगी. रोक लगे कई माह बित जाने के बावजूद डीसी विपत्र का समायोजन नहीं कराने को स्थापना उपसमाहर्ता ने खेद जनक बताया है. पुन: भेजे पत्र में कहा कि महालेखाकार को डीसी विपत्र उपलब्ध करा कर उसकी सूचना दो दिन के अंदर दें ताकि मामले से डीएम को अवगत कराया जा सके. पत्र में फिर यह बात दुहराई गयी है कि दो दिन में डीसी विपत्र नहीं मिलने पर संबंधित पदाधिकारियों के खिलाफ आरोप गठित कर सरकार को भेज दिया जायेगा. ये नहीं सौंपे हैं विपत्र डीसी विपत्र यानी आवंटित राशि का हिसाब नहीं वाले अधिकारियों में एसपी, डीडीसी,एमडीएम, जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी, जिला सामान्य प्रशाखा के प्रभारी पदाधिकारी, नजारत उप समाहर्ता, जेल अधीक्षक, ईंख विकास के सहायक निदेशक, सिविल सर्जन, डीइओ, भवन, पीएचइडी एवं जल निस्सरण के कार्यपालक अभियंता, उप निर्वाचन पदाधिकारी, डीसीओ, एसएफसी के जिला प्रबंधक, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, जिला योजना पदाधिकारी, उत्पाद अधीक्षक के अलावा बैरगनिया, बाजपट्टी, बथनाहा, बेलसंड, बोखड़ा, चोरौत, डुमरा, मेजरगंज, रून्नीसैदपुर, सोनबरसा व सुप्पी बीडीओ शामिल हैं.

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