चकमहिला गांव में घुसना, मौत को निमंत्रण देने के बराबर
चकमहिला गांव में घुसना, मौत को निमंत्रण देने के बराबर फोटो नंबर- 34, 35, 37, 38, 39 घटनास्थल से बरामद खोखा, थानाध्यक्ष को जानकारी देते ग्रामीण, विलाप करती परिजन, गोली का खोखा देखते दोनों इंस्पेक्टर व मृतक के घर पर उमड़ी भीड़. मामला रिटायर शिक्षक को गोली मारने काटेढ़ी नजर डालने से भी कतराते है […]
चकमहिला गांव में घुसना, मौत को निमंत्रण देने के बराबर फोटो नंबर- 34, 35, 37, 38, 39 घटनास्थल से बरामद खोखा, थानाध्यक्ष को जानकारी देते ग्रामीण, विलाप करती परिजन, गोली का खोखा देखते दोनों इंस्पेक्टर व मृतक के घर पर उमड़ी भीड़. मामला रिटायर शिक्षक को गोली मारने काटेढ़ी नजर डालने से भी कतराते है अपराधीबिजली विभाग के अभियंता नहीं करते छापेमारी कांट्रेक्ट किलर ने दिया घटना को अंजामसुरक्षा को लेकर गांव में पुलिसकर्मियों की तैनाती संवाददाता, सीतामढ़ी. रिटायर शिक्षक रामविवेक यादव को चकमहिला गांव में घुस कर अपराधियों ने दिनदहाड़े गोली मार कर अपने दुस्साहस का परिचय दिया है. चकमहिला गांव पर टेढ़ी नजर डालने से भी कतराने वाले अपराधियों की यह करतूत जिला में चर्चा का विषय बना हुआ है. खासतौर पर सुबह 9.05 बजे घटना के वक्त ने तो लोगों को पूरी तरह अवाक कर दिया है. घटना के बाद सुरक्षा को लेकर गांव में काफी संख्या में पुलिस की तैनाती की गयी है. कहा जा रहा है कि चकमहिला गांव में घुस कर अपराधियों ने शिक्षक को गोली मार कर एक तरह से मौत को निमंत्रण दिया था, अगर वे पकड़े जाते तो लपटीटोला वाले घटना की पुनरावृत्ति होती. जहां आपराधिक वारदात को अंजाम देने के दौरान तीन अपराधियों को ग्रामीणों ने कूच-कूच कर मार डाला था. बताया जाता है कि जब तक वहां के निवासी नागेंद्र प्रसाद यादव विधायक रहे, वहां पुलिस भी अनुमति लेने के बाद ही गांव में प्रवेश करती है. कुछ लोगों का तो यह भी कहना है कि पुलिस गांव में प्रवेश ही नहीं करती थी. इसका असर अब भी देखा जाता है. स्थानीय लोगों के अनुसार बिजली विभाग के कर्मी चकमहिला गांव में छापेमारी करने से कतराती हैं. क्योंकि गांव के लोग आपसी एकता व साहसी प्रवृत्ति के साथ रहते हैं. किसी भी परिस्थिति से भागने से बजाए जूझने में ज्यादा विश्वास करते हैं. जेल से रची गयी हत्या की साजिशजांच के दौरान पुलिस के संदेह की सूइ जेल में बंद शातिर अपराधियों पर है. खासतौर पर एक अपराधी पर पुलिस को शक है. कारण है कि शिक्षक का दामाद हनुमान प्रसाद यादव अभी हाल ही में अपने ससुर के साथ मारपीट की घटना को लेकर एक माह पूर्व करीब तीन माह की सजा काट कर जेल से बाहर निकला था. माना जा रहा है कि जेल में बंद रहने के दौरान हनुमान का संपर्क कुछ शातिर अपराधियों से हुआ. जेल से निकलने से पूर्व वह अपने ससुर के हत्या की सुपारी देकर बाहर निकला. सुपारी लेने वाले शातिर अपराधी के इशारे पर ही तीन कांट्रेक्ट किलर ने शिक्षक हत्याकांड को अंजाम दिया.दूसरी शादी बनी शिक्षक के मौत का कारण शिक्षक स्व राम विवेक यादव वर्ष 2003 में रिटायर हो गये थे. पत्नी की मौत हो चुकी थी. सीता देवी नामक एक लड़की है. जिसकी शादी हो चुकी है. रिटायर होने के बाद शिक्षक ने जिले के बाजपट्टी प्रखंड के बसहा गांव निवासी सुनीता देवी नामक एक युवती से शादी कर ली. जो दामाद को काफी नागवार गुजरा. वह अपने ससुर के घर पर ही पत्नी के साथ रहता था. वह अपने ससुर से अक्सर लड़ाई करते रहते थे. आजिज होकर शिक्षक ने गांव में एक दूसरा मकान बना कर अपनी दूसरी पत्नी के साथ रहने लगा. इस दौरान दामाद से पिटायी खाने के बाद शिक्षक ने प्राथमिकी दर्ज करायी. जिस कारण हनुमान को जेल जाना पड़ा था. ग्रामीणों का कहना था कि हनुमान को शक था कि उसका ससुर अपनी सारी संपत्ति अपनी दूसरी पत्नी के नाम पर लिख देगा. कारण कि बेटी के अलावा उनका दूसरा कोई वारिस नहीं था. इसी शंका से वशीभूत होकर उसने अपने ससुर की हत्या करवा दी. शक का एक बड़ा कारण यह भी है कि शिक्षक की हत्या के कुछ देर पहले तक हनुमान चकमहिला स्थित आवास पर ही था. घटना से कुछ देर पहले वह गायब हो गया था. बात दें कि शिक्षक स्व यादव जिला पेंशनर समाज के नेता भी थे. उनके द्वारा दान में दिये गये जमीन पर ही जिला पेंशनर समाज का कार्यालय स्थापित है. वह अपने मृदुल स्वभाव के कारण भी ग्रामीणों के चहेते थे.
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