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अचानक बदला मौसम, तेज हवा से बढ़ी ठंड

Updated at : 18 Dec 2019 1:05 AM (IST)
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अचानक बदला मौसम, तेज हवा से बढ़ी ठंड

सर्दी में लहसून-प्याज व शहद का सेवन करना होगा लाभदायक ठंड रबी व सब्जी के फसलों केलिए लाभदायक : कृषि वैज्ञानिक सीतामढ़ी/ पुपरी :जिले में पिछले करीब एक पखवाड़े से लगातार ठंड में धीरे-धीरे इजाफा हो रहा था. मंगलवार की दोपहर तक भी ठंड का असर सामान्य था. लेकिन, दोपहर करीब दो बजे अचानक तेज […]

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सर्दी में लहसून-प्याज व शहद का सेवन करना होगा लाभदायक

ठंड रबी व सब्जी के फसलों केलिए लाभदायक : कृषि वैज्ञानिक
सीतामढ़ी/ पुपरी :जिले में पिछले करीब एक पखवाड़े से लगातार ठंड में धीरे-धीरे इजाफा हो रहा था. मंगलवार की दोपहर तक भी ठंड का असर सामान्य था. लेकिन, दोपहर करीब दो बजे अचानक तेज पछिया हवा के चलने से जिले का तापमान काफी गिर गया, जिससे लोग अचानक ठंड से कांपने लगे.
ठंड से बचने के लिए जगह-जगह लोग अलाव का सहारा लेते दिखे. चाय एवं अंडों की दुकानों पर लोगों का जमावड़ा देखने को मिला. गर्म कपड़ों की दुकानों में भी खरीदारों की खूब भीड़ देखने को मिला. सड़कों पर चलने वाले लोगों को पूरे शरीर को गर्म कपड़ों से ढ़क कर यातायात करने का सिलसिला शुरू हो गया.
ठंड बढ़ने से बच्चों, बुजुर्गों, मवेशियों, फुटपाथों पर रहने वाले लोगों समेत बीमार लोगों को ठंड से बचाने की चुनौती बढ़ गयी है. मंगलवार की दोपहर तक सूर्य की रोशनी जमीन पर पड़ रही थी, तब तक लोग ठंड से अधिक प्रभावित नहीं दिख रहे थे, लेकिन दोपहर करीब दो बजे अचानक मौसम खराब होने के बाद आसमान में छाये कोहरे के अंदर सूर्य की रौशनी छिप गयी और तेज पछिया हवा चलने लगी, जिसके बाद लोग ठंड के मारे असहज महसूस करने लगे.
मौसम की बेरुखी को देखते हुए कई लोग जल्दी-जल्दी काम निबटाकर घर के लिए निकल पड़े. शाम ढ़लने के साथ ही सड़कों पर विरानगी छाने लगी. कामकाजी लोग अपनी दुकानों एवं कार्यालयों के आसपास अलाव तापकर ठंड से बचने की कोशिश करते दिखे. अचानक मौसम के खराब होने से अब अलाव की जरूरत महसूस की जाने लगी है.
रबी एवं सब्जी की फसलों को फायदा, आलू को नुकसान : हालांकि ठंड बढ़ने से रबी की फसल को काफी फायदा होगा. स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डाॅ मनोहर पंजिकार ने बताया कि इस मौसम से रबी व सब्जी के फसलों को लाभ होगा. आलू के फसल को नुकसान पहुंच सकता है. ठंड बढ़ने से बाजार में ऊनी एवं खादी समेत अन्य गर्म कपड़ों की मांग बढ़ गयी है. जगह-जगह ऊनी वस्त्रों की दुकानें सज गयी है.
लापरवाही से बीमारी की चपेट में आ सकते हैं बच्चे एवं बुजुर्ग :
सेवानिवृत्त चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ ओमप्रकाश व डाॅ एम कुमार ने बताया कि तेज ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों की आवश्यकता स्वाभाविक तौर पर बढ़ जाती है. ठंड में लापरवाही से बच्चे कोल्ड डायरियाव और इंफ्लूएंजा समेत कई गंभीर बीमारियों के शिकार हो सकते हैं. इसलिए इससे बचने के लिए गर्म कपड़ों से पूरे शरीर को ढ़ककर रखना अनिवार्य हो गया है. इसके अलावा लहसुन एवं प्याज के रस के साथ ही शहद का निरंतर प्रयोग कर ठंड से बचा जा सकता है. इसकी तासीर गर्म होने के कारण राहत मिलती है.
ठंड बढ़ने से बुजुर्गों में बानकाइटिस, सर्दी-खांसी, फ्लू, नस में दर्द, हड्डी दर्द, पेन, कान का दर्द व हार्ट अटैक का खतरा बढ़ गया है. बुजुर्गों को गर्म कपड़े के इस्तेमाल के साथ ही गले में कपड़ा लपेट कर रखना व कान को बांध कर रखना जरूरी हो गया है.
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