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बिहार में हरूहर नदी का रौद्र रूप: हजारों लोगों को बनाया जलकैदी, 24 गांवों में बाढ़ जैसे हालात

Updated at : 30 Aug 2025 2:54 PM (IST)
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Thousands of people imprisoned in water

सांकेतिक तस्वीर

Bihar Flood: बिहार के शेखपुरा जिले में गंगा की सहायक हरुहर नदी इन दिनों उफान पर है. नदी के रौद्र रूप ने घाटकुसुंभा प्रखंड की 5 पंचायतों के लगभग 24 गांवों को पूरी तरह जलमग्न कर दिया है. यहां के हजारों लोग पिछले 20 दिनों से जलकैद की स्थिति में जीने को मजबूर हैं.

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Bihar Flood: बिहार के शेखपुरा जिले में गंगा की सहायक हरुहर नदी इन दिनों उफान पर है. नदी के रौद्र रूप ने घाटकुसुंभा प्रखंड की 5 पंचायतों के लगभग 24 गांवों को पूरी तरह जलमग्न कर दिया है. यहां के हजारों लोग पिछले 20 दिनों से जलकैद की स्थिति में जीने को मजबूर हैं. इन दिनों डीह कुसुंभा, पानापुर, गगौर, माफो और भदौसी पंचायत पूरी तरह प्रभावित है. इस नदी का उल्टा बहाव हजारों एकड़ में लगी धान और मक्का की फसलों को पूरी तरह बर्बाद कर चुका है. सैकड़ों घर पानी में डूबे हुए हैं, जिससे लोग छत और ऊंचे स्थानों पर रहने को विवश हैं.

डूब चुके चापाकल

गांवों में लोगों के घरों में कमर भर पानी है और चापाकल डूब चुके हैं, जिससे पीने का पानी बड़ी समस्या बन गया है. इसके साथ ही धूप और उमस भरी गर्मी के बीच छत पर रहना कठिन हो गया है. वहीं, मवेशियों के लिए चारा नहीं है और वे आधा पेट खाकर जी रहे हैं. इसके अलावा सांप–बिच्छू का खतरा भी लगातार बना हुआ है.

प्रशासन पर लापरवाही का आरोप

ग्रामीणों की तरफ से जिला प्रशासन पर नाराजगी व्यक्त की जा रही है. पीड़ितों का कहना है कि पिछले 20 दिनों से जलकैद में हैं, लेकिन अब तक कोई राहत सामग्री नहीं पहुंचाई गई है. सबसे बुरी स्थिति पानापुर पंचायत की बताई जा रही है, जहां पुल पर चार फुट से अधिक पानी बह रहा है. इसकी वजह से पंचायत की पांचों गांवों का प्रखंड और जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह टूट गया है.

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नाराज ग्रामीण

पीड़ित लोगों का कहना है कि हरुहर नदी के एक किनारे का इलाका (लखीसराय जिला, बड़हिया प्रखंड) बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित है, जहां सामुदायिक किचन और राहत कार्य चलाए जाते हैं. जबकि दूसरे किनारे का इलाका (शेखपुरा, घाटकुसुंभा) केवल जलजमाव क्षेत्र माना जाता है. ग्रामीणों ने सरकार से जल्द राहत कार्य शुरू करने और इलाके को बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की मांग रखी है.

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Rani Thakur

लेखक के बारे में

By Rani Thakur

बंगाल की धरती पर एक दशक से अधिक समय तक समृद्ध पत्रकारिता अनुभव के साथ, रानी ठाकुर अब बिहार की धरती पर अपनी लेखनी से पहचान बना रही हैं. कोलकाता में कई राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित अखबारों के लिए रिपोर्टिंग और सब-एडिटिंग का अनुभव हासिल करने के बाद, वे अब प्रभात खबर के डिजिटल डेस्क से जुड़ी हैं, जहां वे लाइफ स्टाइल की खबरों के माध्यम से अपनी रचनात्मक सोच और पत्रकारिता कौशल को नई दिशा दे रही हैं.

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